हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख, शांति, समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ का आयोजन हो रहा है। बृहस्पतिवार को 14वें दिन विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने शुभारंभ किया।
आज के सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य ऋषभ जैन बड़ौत को प्राप्त हुआ। स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का पुण्य जैन बड़ौत को मिला। शांतिधारा पंकज जैन, बड़ौत सलिल जैन देहरादून सुशील जैन मेरठ ने की। दीप प्रज्जवलन उर्मिला जैन, पूनम जैन ने किया। सुनीता दीदी ने संसार के सभी जीवों की सुखमय जीवन के लिए शांतिधारा का उच्चारण किया। आज 401 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। भक्तामर पाठ का शुभारंभ रानी, आदी, आर्य जैन ने संस्कृत भाषा में किया। स्थानीय जैन समाज, बड़ा मंदिर व गुरुकुल समस्त स्टाफ एवं बच्चों ने भी कार्यक्रमों में उपस्थिति दर्ज कराई। गुरु श्री भावभूषण जी महाराज ने कहा कि हम प्राय: कहते हैं कि हम समय काट रहें हैं, लेकिन याद रखना तुम समय नहीं कटा रहे, समय हर पल तुम्हें काट रहा है। हर बीतता हुआ समय तुम्हारी आयु घटा रहा है। इसलिए समय काटने से अच्छा है कि उसका सदुपयोग करो। इसलिए समय को धर्म साधना में लगाकर सार्थक बनाएं। आज के विधान का विसर्जन सुशील जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सुधा जैन, रेखा जैन, नेहा जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सुभाष जैन प्रेम जैन ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्जवलन सुनीता दीदी व चंदन भैया ने किया। मुकेश जैन, मनोज जैन, राजीव, सुभाष, प्रेम जैन, कविन शर्मा आदि सहित अध्यक्ष विनोद जैन, महामंत्री मुकेश जैन मेरठ, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, सह संयोजक मोतीलाल जैन लंदन, जीवेंद्र कुमार जैन, अजीत प्रसाद जैन, वीरेंद्र जैन एडवोकेट का सहयोग रहा।