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मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को यूजीसी की मान्यता मिली
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मेरठ। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय सलावा मेरठ को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान कर दी गई है। यूजीसी ने विश्वविद्यालय को यूजीसी अधिनियम 1956 की धारा 2(एफ) के तहत स्थापित राज्य (सार्वजनिक) विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल कर लिया है। इससे यह विश्वविद्यालय इस अधिनियम के तहत निर्धारित डिग्रियों को प्रदान कर सकेगा।
खेल विश्वविद्यालय को यह मान्यता उत्तर प्रदेश राज्य खेल विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2021 के प्रस्तुतीकरण के बाद प्राप्त हुई है। इसके अनुसार से यह विवि 29 जुलाई 2021 से प्रभावी रूप से स्थापित किया गया। अब उत्तर प्रदेश राज्य की भौगोलिक सीमा के तहत अपने विभागों, घटक महाविद्यालयों और संबद्ध संस्थानों के माध्यम से नियमित मोड में शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित कर सकता है।
विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि यह विवि के लिए ऐतिहासिक क्षण है। यह भारत में खेल शिक्षा को बढ़ावा देने और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करता है। यह हमारे सफर में नए युग की शुरुआत है।
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अब विश्वविद्यालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह अपने सभी विद्यार्थियों की जानकारी अकादमिक क्रेडिट बैंक (एबीसी) और राष्ट्रीय शैक्षणिक भंडार (एनएडी) पोर्टलों पर पंजीकृत करें, जिससे पारदर्शिता और शैक्षणिक गतिशीलता को बढ़ावा मिले। यूजीसी की यह औपचारिक स्वीकृति विश्वविद्यालय के लिए भारत में खेल शिक्षा, नवाचार और उत्कृष्टता का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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खेल विश्वविद्यालय को यह मान्यता उत्तर प्रदेश राज्य खेल विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2021 के प्रस्तुतीकरण के बाद प्राप्त हुई है। इसके अनुसार से यह विवि 29 जुलाई 2021 से प्रभावी रूप से स्थापित किया गया। अब उत्तर प्रदेश राज्य की भौगोलिक सीमा के तहत अपने विभागों, घटक महाविद्यालयों और संबद्ध संस्थानों के माध्यम से नियमित मोड में शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित कर सकता है।
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विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि यह विवि के लिए ऐतिहासिक क्षण है। यह भारत में खेल शिक्षा को बढ़ावा देने और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करता है। यह हमारे सफर में नए युग की शुरुआत है।
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अब विश्वविद्यालय को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह अपने सभी विद्यार्थियों की जानकारी अकादमिक क्रेडिट बैंक (एबीसी) और राष्ट्रीय शैक्षणिक भंडार (एनएडी) पोर्टलों पर पंजीकृत करें, जिससे पारदर्शिता और शैक्षणिक गतिशीलता को बढ़ावा मिले। यूजीसी की यह औपचारिक स्वीकृति विश्वविद्यालय के लिए भारत में खेल शिक्षा, नवाचार और उत्कृष्टता का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।