लोकसभा चुनाव में युवाओं के लिए रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा, जानें क्या है इनकी राय
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लोकसभा चुनाव में सबके अपने-अपने मुद्दे हैं, लेकिन युवाओं को रोजगार चाहिए। विवादों में फंसती भर्तियों से निजात की मांग करते हुए युवा कहते हैं कि उसी सरकार को चुनेंगे जो युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराए। कौशल विकास और स्वरोजगार के साधनों को बढ़ावा दे।
जिले में लगभग 16 लाख 93 हजार मतदाता हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या 20 से 29 साल आयु वर्ग के मतदाताओं की है। युवा मतदाताओं के लिए रोजगार बड़ा मुद्दा है। चुनाव पर बात करने पर वे रोजगार को लेकर ही बात करते हैं। रितांशु कहते हैं कि बेरोजगारी एक दंश है। बड़ी संख्या में युवा रोजगार पाने के लिए परेशान घूम रहे हैं। इस चुनाव में युवा इस मुद्दे को ध्यान में रखकर ही वोट करेंगे।
वहीं प्रदीप मलिक कहते हैं कि यह सही है कि सरकार सबको सरकारी नौकरी नहीं दे सकती, लेकिन निजी संस्थाओं के अलावा स्वरोजगार के साधनों का तो विकास किया जा सकता है।
दीपक चौधरी भी रोजगार देने वाली सरकार चाहते हैं। उनका कहना है कि हर कोई युवाओं के वोटों का तलबगार है, लेकिन उनके हितों की आवाज कोई नहीं उठाता। जो भी भर्तियां आती हैं, वे विवादों में फंस जाती हैं। युवा कोर्ट के चक्कर लगाते रहते हैं। इस तरह की पॉलिसी बननी चाहिए कि भर्तियां फंसे ही नहीं।
जिले में पंजीकृत हैं 24 हजार से ज्यादा बेरोजगार
मुजफ्फरनगर जिले में बेरोजगारों की संख्या अच्छी खासी है। जिला सेवायोजन कार्यालय में 24320 युवा पंजीकृत हैं। करीब दस साल पहले बेरोजगारी भत्ता योजना शुरू होने से अचानक सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराने वालों का तांता लग गया था। उस समय जिले में बेरोजगारों के पंजीकरण का आंकड़ा 25 हजार को पार कर गया था। बाद में यह योजना बंद हो गई तो पंजीकरण भी नहीं हुए।
सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण की स्थिति
कुल पंजीकरण : 24320
सामान्य वर्ग : 6769
अनुसूचित जाति : 6774
अन्य पिछड़ा वर्ग : 10777
दिव्यांग : 394
महिला : 4302
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