फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Lok Sabha Elections 2019: With delimitation parties political equations were changed

चुनावी चर्चा: परिसीमन के साथ ही बदल गए थे पार्टियों के राजनीतिक समीकरण 

Tue, 12 Mar 2019 11:10 AM IST
Dimple Sirohi अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ
अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 12 Mar 2019 11:10 AM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Elections 2019: With delimitation parties political equations were changed
bjp relly
देश की 17 वीं लोकसभा के चुनाव का बिगुल बज चुका है। मेरठ लोकसभा सीट के इतिहास पर नजर डालें तो कभी कांग्रेस इस सीट पर मजबूत हुआ करती थी, लेकिन 1989 में कांग्रेस को ऐसा झटका लगा कि फिर वह उबर नहीं सकी। वहीं 2009 में इस सीट का परिसीमन बदला तो जातिगत आंकड़ों के चलते राजनीतिक समीकरण भी बदल गए।
विज्ञापन


मेरठ लोकसभा सीट में पहले जनपद की पांच विधानसभा सीट आती थीं, जिनमें हस्तिनापुर भी शामिल थी। 2009 में हुए परिसीमन के बाद हस्तिनापुर को बिजनौर लोकसभा सीट में शामिल किया गया, तो मेरठ लोकसभा में हापुड़ को जोड़ दिया। हस्तिनापुर विधानसभा सीट पर गुर्जर, एससी और मुस्लिम मतदाता लगभग बराबर हैं।
विज्ञापन


गुर्जर बिरादरी का वोट 2014 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दें, तो हमेशा अपनी बिरादरी के प्रत्याशी को गया है। जबकि एससी मतदाता बसपा का ठोस वोट बैंक रहा। मुस्लिमों का वोट हमेशा भाजपा के विपरीत गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा ने 1991 में राम लहर के दौरान पहली बार मेरठ सीट पर जीत हासिल की थी। ठा. अमर पाल सिंह को सवर्ण बिरादरी के साथ ही जाट वोट भी एकतरफा मिले थे, जबकि अति पिछड़ा वर्ग तो पूरी तरह भाजपा पर गया था।

भाजपा ने 1998 में जीत की लगाई थी हैट्रिक
भाजपा ने इसी समीकरण के बूते यहां पर 1998 तक जीत की हैट्रिक लगाई। ठाकुर अमरपाल लगातार तीन बार जीते। लेकिन 1999 में कांग्रेस के अवतार सिंह भड़ाना ने गुर्जर-मुस्लिम समीकरण की बदौलत चुनावी पासा पलट दिया और भाजपा से सीट छीन ली।

इसके बाद 2004 में दलित-मुस्लिम समीकरण ने नया गुल खिलाया और बसपा के शाहिद अखलाक ने जीत हासिल की। हालांकि 2004 में भाजपा का जनता दल यू से गठबंधन हुआ था और यह सीट उनके खाते में चली गई थी। 

नये परिसीमन में पूरा समीकरण ही बदल गया। हापुड़ विधानसभा में मुस्लिम वोट जरूर हस्तिनापुर से ज्यादा हैं, लेकिन गुर्जर, दलित वोट घट गए। इसके साथ ही यहां पर भाजपा का मजबूत वोट बैंक वैश्य, पंजाबी आदि बढ़ गया। इससे भाजपा मजबूत स्थिति में आ गई और 2009 व 2014 में राजेंद्र अग्रवाल ने जीत हासिल की। 

16 लोकसभा चुनावों में सात बार कांग्रेस तो पांच बार जीती भारतीय जनता पार्टी
कांग्रेस सबसे ज्यादा सात बार जीती 

पिछले 16 लोकसभा चुनावों के परिणाम पर अगर नजर डालें तो मेरठ लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने 7 बार, भाजपा ने 5 बार, जनता पार्टी ने 2 बार और बसपा व सोशलिस्ट पार्टी ने एक-एक बार जीत हासिल की है। लेकिन पिछले दो चुनावों में कांग्रेस चौथे नंबर की पार्टी बनकर रह गई।

2009 लोकसभा चुनाव मेरठ परिणाम    
पार्टी    प्राप्त वोट

भाजपा    232137
बसपा    184991
सपा    183527
कांग्रेस    61003

2014 लोकसभा चुनाव मेरठ परिणाम
पार्टी     प्राप्त मत
भाजपा    532981
सपा    211759
बसपा     300655
कांग्रेस    42911

लोकसभा सीट के मतदाता 
विधानसभा
    मतदाता 
किठौर    350651
मेरठ कैंट    412765
मेरठ शहर    304002
मेरठ दक्षिण    449576
हापुड़    355150
कुल मतदाता      18,72,144
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed