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मिशन 2019: दिलचस्प होती जा रही चुनावी महाभारत, मुद्दों के बाण से समीकरण साधने की कोशिश  

Sun, 31 Mar 2019 03:37 PM IST
Dimple Sirohi शैलेंद्र गौड़, अमर उजाला, बिजनौर
शैलेंद्र गौड़, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 31 Mar 2019 03:37 PM IST
सार

बिजनौर लोकसभा सीट -ये विधानसभा हैं शामिल
लोकसभा सीट में बिजनौर, चांदपुर, मीरापुर, पुरकाजी व हस्तिनापुर विधानसभा शामिल हैं।

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Lok sabha Elections 2019: Parties Trying to Equation with Arrow of Issues in Bijnor up
भारतेंद्र सिंह, नसीमुद्दीन सिद्दकी, मलूक नागर

विस्तार

बिजनौर लोकसभा, सियासत के मैदान की वह पिच है, जिस पर बसपा सुप्रीमो मायावती, पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जैसे दिग्गज भी सियासी पारी खेल चुके हैं। इनमें मायावती और मीरा कुमार यहां से सांसद चुनीं गईं।  

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2014 में भाजपा ने यह सीट जीती थी, लेकिन तब मुजफ्फरनगर दंगे और मोदी लहर का असर भी था। इस बार सपा, बसपा और रालोद के बीच हुए गठबंधन से जातीय समीकरणों के चक्रव्यूह में भाजपा फंसी है। राष्ट्रीय मुद्दों के साथ स्थानीय मुद्दे भी उठ रहे हैं। चुनाव में पिछले पांच साल के विकास कार्य और छोटी-छोटी समस्याओं को भी मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है।
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बिजनौर में चुनावी महाभारत दिन ब दिन दिलचस्प होती जा रही है। गांव रशीदपुर गढ़ी में ट्रैक्टर से खेत में गन्ने की बुवाई कर रहे किसान राजेंद्र सिंह प्रधानमंत्री की कार्यशैली से तो प्रभावित हैं, लेकिन उनकी जुबां पर किसानों का दर्द भी है। वह कहते हैं कि किसानों के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। खाद, डीजल, बिजली के दाम बढ़ने से वह नाराज हैं।

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गांव के ध्यान सिंह कहते हैं कि उन्हें वर्षों से पेंशन नहीं मिल रही। राशन भी कम मिल रहा है। जो उनकी इस समस्या का दूर करेगा उसे वह वोट देंगे। किसान रमेश का कहना है कि वे अभी प्रत्याशियों को परख रहे हैं। इसके बाद ही तय करेंगे कि किसे वोट देना है। पशुओं के लिए जंगल में घास काट रहे कुटिया कॉलोनी निवासी करन सिंह का कहना है कि सब लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अच्छा बता रहे हैं। 

गांव अजीजपुरा के महेंद्र सिंह, जसवीर सिंह, कामेंद्र सिंह, वीर सिंह, गौरव व सौरभ राष्ट्रवाद को लेकर प्रधानमंत्री के एयर स्ट्राइक के कदम से खुश हैं। गांव जलाउदीपुर में कोल्हू पर काम कर रहे एहसान, इरफान, शोएब, दीन मोहम्मद, शौकत कहते हैं कि जो पानी, बिजली देगा व सड़क बनवाएगा वही उनका वोट लेने का हक है।  

गांव के कलवा, रफीक, सुनील, विपिन गन्ने का भुगतान न मिलने से खफा हैं। बैंक वाले कर्ज जमा करने के लिए किसानों पर दबाव डाल रहे हैं। गांव अगरी निवासी युवा किसान शुभम चौधरी कहते हैं कि गन्ने का भुगतान इस बार देर से मिला है। लेकिन सरकार जंगल के ट्यूबवेल के लिए अलग से लाइन खिंचवा रही है। पुरकाजी में एक दुकान पर चर्चा कर रहे अमन सिंघल, संजीव खुल्लर, कुलदीप सिंह, राजकुमार वर्मा, विनीत सिंघल का मानना है कि चुनाव में मोदी फैक्टर ही चलेगा।

एयर स्ट्राइक का भी चल रहा जादू
पुलवामा हमले के बाद एयर स्ट्राइक की कार्रवाई भी चुनाव में खूब हावी हो रही है। कस्बा झालू निवासी प्रवीण सिंह, रावेंद्र कुमार, विनीत कुमार का कहना है कि मोदी के राज में सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मार दिया। कभी किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत ऐसा कर सकता है। साफ है कि चुनाव में  राष्ट्रीय मुद्दे भी असर दिखा रहे हैं। 

Lok sabha Elections 2019: Parties Trying to Equation with Arrow of Issues in Bijnor up
खेती करते किसान - फोटो : अमर उजाला
इस बार मुकाबले में -त्रिकोणीय है मुकाबला
शहर से करीब दस किलोमीटर दूर दारानगर गंज में महात्मा विदुर की कुटी है, जिसके बारे में मान्यता है कि यह महाभारतकालीन है और यहां पर महात्मा विदुर से मिलने भगवान श्रीकृष्ण आए थे और उन्होंने बथुए का साग खाया था।

रावली के पास कण्व ऋषि का आश्रम है तो चांदपुर के सैंदवार में गुरु द्रोणाचार्य का कौरव पांडवों को प्रशिक्षण देने वाला आश्रम है। यहां इस बार भाजपा प्रत्याशी भारतेंद्र सिंह, बसपा प्रत्याशी मलूक नागर व कांग्रेस प्रत्याशी नसीमुद्दीन सिद्दीकी में महासंग्राम है।

 

भारतेंद्र सिंह व मलूक नागर दोबारा इस सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी पहली बार चुनाव लड़ने बिजनौर आए हैं। भारतेंद्र सिंह को मोदी के चेहरे व राष्ट्रवाद के मुद्दे का भरोसा है। मलूक नागर गठबंधन के वोट बैंक, मुस्लिम, अनुसूचित जाति और सजातीय गुर्जर मतों के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश में है। कांग्रेस प्रत्याशी नसीमुद्दीन सिद्दीकी फिर से कांग्रेस की खोई जमीन को हासिल करने में जुटे हैं। 

मुख्य मुद्दे

  • राष्ट्रवाद व एयर स्ट्राइक।
  • मंजूरी के बाद भी मेडिकल कॉलेज न बनना।
  • गन्ने का मूल्य न बढ़ना।
  • बकाया गन्ना भुगतान।
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