लोकसभा चुनाव 2019: कांग्रेस के फार्मूले से बिगड़ा भाजपा का गणित, दिग्गज नेताओं पर खेला दांव
- कैराना से जाट, बिजनौर से गुर्जर, मेरठ से ब्राह्मण, गौतमबुद्धनगर से ठाकुर प्रत्याशी उतारकर दी चुनौती
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यूपी में भले ही गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखा गया हो, लेकिन कहीं न कहीं कांग्रेस गठबंधन को सहारा देती नजर आ रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पांच सीटों पर अभी तक कांग्रेस ने प्रत्याशी उतारे हैं, वे भाजपा का ही गणित बिगाड़ते नजर आ रहे हैं। वहीं बागपत और मुजफ्फरनगर में प्रत्याशी खड़ा न करने के कांग्रेस के एलान ने भाजपा की चिंता और बढ़ा दी है।
कांग्रेस ने पश्चिमी यूपी में अभी तक पांच सीटों पर प्रत्याशी घोषित किये हैं। इनमें सहारनपुर से इमरान मसूद का उतरना पहले से तय था, जबकि मुरादाबाद से राज बब्बर को उतारा है। नगीना सुरक्षित सीट पर ओमवती जाटव को मैदान में उतारा गया है।
इसके बाद आई दूसरी सूची ने भाजपा की बेचैनी बढ़ा दी है। क्योंकि कैराना सीट पर कांग्रेस ने हरेंद्र मलिक को चुनाव मैदान में उतारकर जाट कार्ड खेला है। भाजपा से पूर्व सांसद हुकुम सिंह की पुत्री मृगांका सिंह का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है, वह गुर्जर बिरादरी से हैं। ऐसे में यहां गठबंधन प्रत्याशी के सामने जाट वोटों में सेंधमारी से सीधे-सीधे भाजपा को नुकसान पहुंचेगा।
बिजनौर सीट पर भाजपा किसी गुर्जर या जाट को चुनाव मैदान में उतारने की योजना तैयार कर रही है। लेकिन कांग्रेस ने यहां पर इंदिरा भाटी के रूप में गुर्जर कार्ड खेला है। बिजनौर सीट पर गुर्जर बिरादरी काफी निर्णायक स्थिति में है। यहां भी कांग्रेस के दांव से भाजपा को ही नुकसान होगा।
मेरठ सीट पर कांग्रेस ने 2009 के बाद फिर से ब्राह्मण कार्ड खेला है। तब कांग्रेस ने पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा था, हालांकि वह चौथे नंबर पर रहे थे, लेकिन 60 हजार से ज्यादा वोट पाकर उन्होंने कहीं न कहीं भाजपा प्रत्याशी को ही नुकसान पहुंचाया था। मेरठ सीट पर गठबंधन की तरफ से बसपा ने हाजी याकूब कुरैशी को टिकट दिया है। ऐसे में दलित-मुस्लिम गठबंधन के बीच कांग्रेस ब्राह्मण प्रत्याशी से भाजपा को ही सीधे नुकसान पहुंचाने की स्थिति में नजर आ रही है।
गौतमबुद्धनगर सीट पर कांग्रेस ने सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम उतारा है। यहां से अरविंद सिंह चौहान प्रत्याशी बनाये हैं, जिससे भाजपा में खलबली है। अरविंद सिंह के पिता ठा. जयवीर सिंह ने पिछले साल ही बसपा छोड़कर भाजपा ज्वाइन की थी और भाजपा ने उन्हें पिछले दिनों ही एमएलसी बनाया था। वह अलीगढ़ के रहने वाले हैं। ऐसे में कांग्रेस का ठा. जयवीर सिंह के पुत्र को प्रत्याशी बनाने से भाजपाई खेेमे में हलचल है।
कांग्रेस ने बड़े सियासी घरानों पर खेला दांव
कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े घरानों के दिग्गज नेताओं पर दांव खेला है। काजी परिवार के इमरान मसूद को सहारनपुर से, पूर्व उप मुख्यमंत्री नारायण सिंह की बेटी इंदिरा भाटी को बिजनौर से, जाट नेता हरेंद्र मलिक को कैराना से मैदान में उतारा। पार्टी बागपत और मुजफ्फरनगर से चुनाव नहीं लड़ेगी। चुनाव वितरण में कांग्रेस ने मुस्लिम ठप्पे से बचने का भी प्रयास किया है।
कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक बार फिर राजनीति के पुराने खिलाड़ियों को ही आजमाया है। राजनीतिक घरानों के दिग्गज नेताओं को मैदान में उतारकर चुनावी लड़ाई को रोचक बना दिया है। बिजनौर से पार्टी ने प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पश्चिम के बड़े गुर्जर नेता रहे नारायण सिंह की बेटी इंदिरा भाटी को मैदान में उतारा है।
इंदिरा भाटी के भाई संजय चौहान भी बिजनौर से सांसद रह चुके हैं। सहारनपुर से पार्टी ने इमरान मसूद को मैदान में उतारा है। इमरान मसूद पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद के भतीजे हैं। कैराना से प्रत्याशी बनाए गए पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक जाट समाज के दिग्गज नेता हैं।