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लोकसभा चुनाव 2019: मतदाताओं के रुख ने उड़ाई प्रत्याशियों की नींद, पढ़ें- कैराना से ग्राउंड रिपोर्ट

Fri, 12 Apr 2019 01:49 PM IST
कपिल kapil रोहित अग्रवाल, आनंद प्रकाश, अमर उजाला, शामली
रोहित अग्रवाल, आनंद प्रकाश, अमर उजाला, शामली Published by: कपिल kapil Updated Fri, 12 Apr 2019 01:49 PM IST
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Lok Sabha Elections 2019, Amar Ujala Ground Report from Kairana on Election
मतदान करने के लिए लाइन लगी महिलाएं - फोटो : अमर उजाला

शामली में मतदाताओं के बदले रुख ने प्रत्याशियों के गणित को भी उलझाकर रख दिया और त्रिकोणीय में भाजपा और सपा के बीच सीधे मुकाबले में तब्दील होता नजर आया।

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मुस्लिम बहुल इलाकों में सपा की साइकिल पूरी रफ्तार से दौड़ी तो गुर्जर, ठाकुर बहुल इलाकों में कमल का फूल भी खूब खिला। हालांकि कांग्रेस के हाथ को मतदाताओं का साथ कुछ कम मिला। खाप चौधरियों ने भी एन वक्त पर रुख बदल लिया। इसके चलते जाट बहुल गांवों में कमल खिलता नजर आया, हालांकि कुछ जगह हाथ भी चला। मुस्लिम बहुल कैराना, गुर्जर बहुल गांवों और शामली शहर में ध्रुवीकरण का असर साफ दिखा। थानाभवन कस्बे में मुस्लिम बहुल बूथों पर सपा की साइकिल खूब दौड़ रही थी जबकि वैश्य, पंजाबी और अन्य बिरादरियों के बूथों पर कमल खिल रहा था। दंगा पीड़ित जाट बहुल गांवों लांक, लिसाड़ और बहावड़ी में भाजपा और कांग्रेस के बीच जाट मतदाता बंटते नजर आए।
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मृगांका सिंह का टिकट काटकर भाजपा ने गंगोह से विधायक प्रदीप चौधरी को जिस उद्देश्य से प्रत्याशी बनाया था, उसका काफी असर गुरुवार को हुए मतदान के दौरान देखने को मिला। इन दोनों विधानसभा में ध्रुवीकरण हुआ, जिसके चलते कैराना सीट का चुनाव परिणाम यह दोनों विधानसभा ही तय करेंगी।

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दरअसल, कैराना से सांसद हुकुम सिंह की मृत्यु के बाद रिक्त हुई इस सीट पर जब 2018 में उपचुनाव हुआ, तो उसमें भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह हार गई थीं और गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम हसन जीती थीं। कैराना लोकसभा सीट के दो विधानसभा क्षेत्र नकुड़ और गंगोह सहारनपुर जनपद में हैं। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को इन्हीं दोनों सीटों पर नुकसान झेलना पड़ा था। इस बार भाजपा ने गंगोह से विधायक प्रदीप चौधरी को मैदान में उतारा, ताकि उपचुनाव में हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। तबस्सुम हसन को प्रत्याशी बनाया, लेकिन इस बार वह रालोद के टिकट पर नहीं हैं, बल्कि समाजवादी के टिकट पर चुनाव लड़ीं हैं।

दोनों सीटों पर जातीय समीकरण
गंगोह में 1.10 लाख मुस्लिम, अनुसूचित जाति के करीब 45 हजार मतदाता हैं, बाकी करीब सवा दो लाख मतदाताओं में हिंदू गुर्जर, जाट, ठाकुर, वैश्य, कश्यप, सैनी और अन्य जातियों के वोट हैं। इसी तरह नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में करीब 1.15 लाख मुस्लिम, करीब 70 हजार अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाता हैं, जबकि करीब दो लाख मतदाताओं में जाट, गुर्जर, सैनी, वैश्य, ब्राह्मण, कश्यप सहित अन्य जातियों के वोट हैं।

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