{"_id":"5d1bb6608ebc3e3cbb3e8742","slug":"llb-resistration-in-ccsu-meerut-news-mrt431289281","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से हो सकते हैं एलएलबी के पंजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से हो सकते हैं एलएलबी के पंजीकरण
विज्ञापन
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में तीन वर्षीय एलएलबी के रजिस्ट्रेशन आज से शुरू हो सकते हैं। 15 जून को ही रजिस्ट्रेशन शुरू होने थे, लेकिन बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की एनओसी न मिलने से देरी हुई।
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध एडेड और सेल्फ फाइनेंस लॉ कॉलेजों की संख्या 100 के करीब है। हर कॉलेज में दो सेक्शन हैं। एक सेक्शन में 60 सीटें हैं। मेरठ कॉलेज, मेरठ, एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद और दूसरे कुछ कॉलेजों में पांच-पांच सेक्शन हैं। एडेड कॉलेजों में जहां 1400 से अधिक सीटें हैं, वहीं सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 14 हजार से अधिक सीटें हैं। तीन वर्षीय एलएलबी में 15 जून से रजिस्ट्रेशन होने थे, लेकिन बीसीआई से सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। ऐसे में पूरी प्रक्रिया अटकी पड़ी थी। मंगलवार को प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने बताया कि बुधवार से रजिस्ट्रेशन खोलने की तैयारी है। अगर किसी कारण यह संभव नहीं हुआ, तो बृहस्पतिवार से रजिस्ट्रेशन शुरू किए जाएंगे।
ये है नियम
बीसीआई हर तीसरे साल लॉ कॉलेजों का निरीक्षण करती है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में सीटों के मुताबिक क्लासरूम, मूटकोर्ट हॉल, शिक्षकों की संख्या, लाइब्रेरी, इंटरनेट, कॉमन रूम आदि को देखा जाता है। तीन साल में बीसीआई साढ़े तीन लाख रुपये फीस लेती है। फीस जमा नहीं करने पर हर साल दो लाख रुपये पेनल्टी लगा दी जाती है।
विज्ञापन
आधे कालेजों को ही मिली एनओसी
करीब आधे कालेजों को एनओसी मिल गई है। जिनको एनओसी मिली है, उनके नाम ही वेबसाइट पर दिखाई देंगे। इनमें रजिस्ट्रेशन किए जा सकते हैं।
बीए-एलएलबी की मेरिट पर भी रोक
बीसीआई की हरी झंडी नहीं मिलने के कारण विवि ने बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी की मेरिट पर भी रोक लगा रखी है। इन कॉलेजों का मामला भी मान्यता पत्र की वजह से अटका हुआ है।
विज्ञापन
चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध एडेड और सेल्फ फाइनेंस लॉ कॉलेजों की संख्या 100 के करीब है। हर कॉलेज में दो सेक्शन हैं। एक सेक्शन में 60 सीटें हैं। मेरठ कॉलेज, मेरठ, एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद और दूसरे कुछ कॉलेजों में पांच-पांच सेक्शन हैं। एडेड कॉलेजों में जहां 1400 से अधिक सीटें हैं, वहीं सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 14 हजार से अधिक सीटें हैं। तीन वर्षीय एलएलबी में 15 जून से रजिस्ट्रेशन होने थे, लेकिन बीसीआई से सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। ऐसे में पूरी प्रक्रिया अटकी पड़ी थी। मंगलवार को प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने बताया कि बुधवार से रजिस्ट्रेशन खोलने की तैयारी है। अगर किसी कारण यह संभव नहीं हुआ, तो बृहस्पतिवार से रजिस्ट्रेशन शुरू किए जाएंगे।
विज्ञापन
ये है नियम
बीसीआई हर तीसरे साल लॉ कॉलेजों का निरीक्षण करती है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में सीटों के मुताबिक क्लासरूम, मूटकोर्ट हॉल, शिक्षकों की संख्या, लाइब्रेरी, इंटरनेट, कॉमन रूम आदि को देखा जाता है। तीन साल में बीसीआई साढ़े तीन लाख रुपये फीस लेती है। फीस जमा नहीं करने पर हर साल दो लाख रुपये पेनल्टी लगा दी जाती है।
विज्ञापन
आधे कालेजों को ही मिली एनओसी
करीब आधे कालेजों को एनओसी मिल गई है। जिनको एनओसी मिली है, उनके नाम ही वेबसाइट पर दिखाई देंगे। इनमें रजिस्ट्रेशन किए जा सकते हैं।
बीए-एलएलबी की मेरिट पर भी रोक
बीसीआई की हरी झंडी नहीं मिलने के कारण विवि ने बीए-एलएलबी और बीकॉम-एलएलबी की मेरिट पर भी रोक लगा रखी है। इन कॉलेजों का मामला भी मान्यता पत्र की वजह से अटका हुआ है।