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Meerut News: तिहरे हत्याकांड में महिला और उसके दो बेटों को आजीवन कारावास
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तिहरे हत्याकांड में महिला और उसके दो बेटों को आजीवन कारावास
- पीड़ित परिवार को 13 साल बाद मिला इंसाफ, बोले-फांसी होनी चाहिए थी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सोतीगंज निवासी शहाबुद्दीन, उनके पुत्र जाकिर, ताहिर की हत्या में 13 साल बाद मंगलवार को नामजद आरोपी अनवरी पत्नी मरहूम मिजाज व उनके दो बेटे सुजाउद्दीन, जियाउद्दीन को बृहस्पतिवार को न्यायालय ने आजीवन कारावास और 40-40 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पीड़ित परिवार ने बताया कि तीनों आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी, लेकिन फिर भी उन्हें इंसाफ मिल गया।
न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट नंबर 2 ओमबीर सिंह ने तिहरे हत्याकांड में तीन आरोपियों को मंगलवार को दोषी करार दिया था। 27 नवंबर, 2009 को सदर थानाक्षेत्र के सोतीगंज में शहाबुद्दीन, उनके पुत्र जाकिर और ताहिर की हत्या हुई थी। आरोप है कि शहाबुद्दीन ने हत्या में आरोपी मिजाज की बेटी जीनत का रिश्ता उनके ही रिश्तेदार जाकिर से कराया था। जीनत को मिर्गी के दौर पड़ते थे। जिस पर जाकिर की मां सुरैया ने रिश्ता तोड़ दिया। इसे लेकर मिजाज, शहाबुद्दीन से रंजिश रखने लगा। आरोप है कि मिजाज, उनकी पत्नी अनवरी, बेटे सुजाउद्दीन, जियाउद्दीन और दो नाबालिग ने धारदार हथियार से हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी मिजाज की मौत हो चुकी है। मुकदमा सदर थाने में दर्ज हुआ था। मिजाज के दो बेटे नाबालिग होने के कारण उनका परीक्षण किशोर न्यायालय में चला था। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अनिल बख्शी और विनोद काजीपुर ने बताया कि किशोर न्यायालय से दोनों आरोपियों को 16 दिसंबर, 2022 को दोषी पाते हुए 50-50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय में तीन आरोपी अनवरी पत्नी मिजाज, सुजाउद्दीन व जियाउद्दीन पुत्र मिजाज को उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा और 40-40 हजार का अर्थदंड दिया गया है।
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- पीड़ित परिवार को 13 साल बाद मिला इंसाफ, बोले-फांसी होनी चाहिए थी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सोतीगंज निवासी शहाबुद्दीन, उनके पुत्र जाकिर, ताहिर की हत्या में 13 साल बाद मंगलवार को नामजद आरोपी अनवरी पत्नी मरहूम मिजाज व उनके दो बेटे सुजाउद्दीन, जियाउद्दीन को बृहस्पतिवार को न्यायालय ने आजीवन कारावास और 40-40 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पीड़ित परिवार ने बताया कि तीनों आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी, लेकिन फिर भी उन्हें इंसाफ मिल गया।
न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट नंबर 2 ओमबीर सिंह ने तिहरे हत्याकांड में तीन आरोपियों को मंगलवार को दोषी करार दिया था। 27 नवंबर, 2009 को सदर थानाक्षेत्र के सोतीगंज में शहाबुद्दीन, उनके पुत्र जाकिर और ताहिर की हत्या हुई थी। आरोप है कि शहाबुद्दीन ने हत्या में आरोपी मिजाज की बेटी जीनत का रिश्ता उनके ही रिश्तेदार जाकिर से कराया था। जीनत को मिर्गी के दौर पड़ते थे। जिस पर जाकिर की मां सुरैया ने रिश्ता तोड़ दिया। इसे लेकर मिजाज, शहाबुद्दीन से रंजिश रखने लगा। आरोप है कि मिजाज, उनकी पत्नी अनवरी, बेटे सुजाउद्दीन, जियाउद्दीन और दो नाबालिग ने धारदार हथियार से हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी मिजाज की मौत हो चुकी है। मुकदमा सदर थाने में दर्ज हुआ था। मिजाज के दो बेटे नाबालिग होने के कारण उनका परीक्षण किशोर न्यायालय में चला था। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अनिल बख्शी और विनोद काजीपुर ने बताया कि किशोर न्यायालय से दोनों आरोपियों को 16 दिसंबर, 2022 को दोषी पाते हुए 50-50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय में तीन आरोपी अनवरी पत्नी मिजाज, सुजाउद्दीन व जियाउद्दीन पुत्र मिजाज को उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा और 40-40 हजार का अर्थदंड दिया गया है।
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