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Meerut News: मध्य गंग नहर मार्ग पर तेंदुए की दस्तक, तेंदुआ जोन घोषित किया
Mon, 14 Sep 2026 08:37 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 14 Sep 2026 08:37 PM IST
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मध्य गंग नगर किनारे का संपर्क मार्ग तेंदुआ जॉन घोषित स्रोत संवाद
वन विभाग ने तीन स्थानों पर लगाए पिंजरे, ग्रामीणों से समूह में सफर करने की अपील
गांवों में जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे वनकर्मी
कई स्थानों पर फ्लैक्स लगाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे से मध्य गंग नहर के रास्ते मालीपुर गांव जाने वाले संपर्क मार्ग पर तेंदुआ नजर आने से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग ने राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए इस क्षेत्र को तेंदुआ जोन घोषित किया है। वन विभाग की टीम ने गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी और जागरूक किया। कई जगह पर फ्लैक्स लगाए गए हैं। लोगों से इस मार्ग पर अकेले जाने के बजाय समूह में सफर करने की अपील की।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि जिस संपर्क मार्ग पर तेंदुआ होने जानकारी मिली है, वह हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में आता है। यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए संरक्षित है। हालांकि राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहे है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ सामान्य तौर पर बिना कारण किसी व्यक्ति पर हमला नहीं करता, फिर भी एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को समूह में आवाजाही करने और साथ में लाठी-डंडे रखने की सलाह दी गई है।
ग्रामीण बोले- निगरानी बढ़ाए, पिंजरा लगाए वन विभाग
कस्बा निवासी मुकेश ठाकुर, मालीपुर के ग्राम प्रधान दीपक ने बताया कि खादर क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीणों का आवागमन इसी संपर्क मार्ग से होता है। तेंदुआ नजर आने पर किसान डरे हुए हैं। खेतों में जाने से भी डर रहे हैं। उन्हें हमले का डर सता रहा है। ऐसे में वन विभाग को यहां निगरानी और बढ़ानी चाहिए। टीम को यहां सर्च अभियान चलाकर तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए चाहिए।
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अलग-अलग लोकेशन, सभी जगह पिंजरा संभव नहीं : वन क्षेत्राधिकारी
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि तेंदुए की रोजाना अलग-अलग स्थानों पर लोकेशन मिल रही हैए इसलिए एक ही स्थान पर पिंजरा लगाना प्रभावी नहीं होगा। हस्तिनापुर रेंज की ओर से मवाना के नंगला हरेरू, दूधली बंगार और बहसूमा क्षेत्र के मीरपुर तखावली सहित तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि यदि जरूरत महसूस होती है तो उच्च अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद ही अभयारण्य क्षेत्र में पिंजरा लगाया जा सकता है।
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गांवों में जाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे वनकर्मी
कई स्थानों पर फ्लैक्स लगाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे से मध्य गंग नहर के रास्ते मालीपुर गांव जाने वाले संपर्क मार्ग पर तेंदुआ नजर आने से ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग ने राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए इस क्षेत्र को तेंदुआ जोन घोषित किया है। वन विभाग की टीम ने गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी और जागरूक किया। कई जगह पर फ्लैक्स लगाए गए हैं। लोगों से इस मार्ग पर अकेले जाने के बजाय समूह में सफर करने की अपील की।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि जिस संपर्क मार्ग पर तेंदुआ होने जानकारी मिली है, वह हस्तिनापुर वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में आता है। यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए संरक्षित है। हालांकि राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहे है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ सामान्य तौर पर बिना कारण किसी व्यक्ति पर हमला नहीं करता, फिर भी एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को समूह में आवाजाही करने और साथ में लाठी-डंडे रखने की सलाह दी गई है।
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ग्रामीण बोले- निगरानी बढ़ाए, पिंजरा लगाए वन विभाग
कस्बा निवासी मुकेश ठाकुर, मालीपुर के ग्राम प्रधान दीपक ने बताया कि खादर क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीणों का आवागमन इसी संपर्क मार्ग से होता है। तेंदुआ नजर आने पर किसान डरे हुए हैं। खेतों में जाने से भी डर रहे हैं। उन्हें हमले का डर सता रहा है। ऐसे में वन विभाग को यहां निगरानी और बढ़ानी चाहिए। टीम को यहां सर्च अभियान चलाकर तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए चाहिए।
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अलग-अलग लोकेशन, सभी जगह पिंजरा संभव नहीं : वन क्षेत्राधिकारी
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि तेंदुए की रोजाना अलग-अलग स्थानों पर लोकेशन मिल रही हैए इसलिए एक ही स्थान पर पिंजरा लगाना प्रभावी नहीं होगा। हस्तिनापुर रेंज की ओर से मवाना के नंगला हरेरू, दूधली बंगार और बहसूमा क्षेत्र के मीरपुर तखावली सहित तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि यदि जरूरत महसूस होती है तो उच्च अधिकारियों से अनुमति लेने के बाद ही अभयारण्य क्षेत्र में पिंजरा लगाया जा सकता है।

मध्य गंग नगर किनारे का संपर्क मार्ग तेंदुआ जॉन घोषित स्रोत संवाद