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Meerut News: बोंसा में दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत
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मुजफ्फरनगर, सरसावा। क्षेत्र के ग्राम बोंसा में तेंदुए नजर आने से दहशत फैल गई है। देर रात्रि गश्त करते हुए पुलिस ने तेंदुए को देखा तो ग्राम प्रधान को सूचित किया। प्रधान ने मौके पर आकर मोबाइल से वीडियो बना वन विभाग के अधिकारियों को भेजा। इसके बाद रविवार सुबह विभाग कर्मचारी गांव पहुंचे और जांच की। तेंदुए की आमद से ग्रामीण खेतों की तरफ जाने से डर रहे हैं।
क्षेत्र के ग्राम बोंसा में तेंदुआ देखे जाने के बाद से दहशत का माहौल बना है। ग्राम प्रधान शिवम ने बताया शनिवार की रात तीन बजे पुलिस कर्मी गश्त कर रहे थे तो उन्होंने तेंदुए की आकृति वाले जानवर को बोंसा से सलूनी गांव वाले रास्ते पर बनी एक पुलिया की दीवार पर बैठे देखा। इसके बाद पुलिस ने प्रधान को सूचना दी। प्रधान कुछ लोगों के साथ रात में ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी दूरी से मोबाइल से वीडियो बनाते हुए वन विभाग को भेजा।
वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के बाद वें सुरक्षा की दृष्टि से उस स्थान से हट गए। कुछ देर बाद तेंदुआ गन्ने के खेतों में गुम हो गया। ग्राम प्रधान शिवम ने बताया कि इस समय खेतों में गन्ने की फसल खड़ी है जो बेहद घनी है। इसमें जंगली जानवर रहते हैं। आमतौर पर इस समय सियार, लोमड़ी, गीदड़, सेही, जंगली सूअर, नीलगाय आदि जानवर गन्ने के खेतों में मिलते हैं परंतु तेंदुए की उपस्थिति ने ग्रामीणों में दहशत बढ़ा दी है।
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समस्या यह है कि ग्रामीण डर के कारण अपने खेत पर नहीं जा पा रहे हैं जिससे पशु चारे का संकट खड़ा हो गया है। वहीं धान की फसल की कटाई की भी नजदीक है। ऐसे में इस खतरनाक जंगली जानवर को पकड़ा जाना अनिवार्य है।
उधर, डीएफओ सामाजिक वानिकी गौतम राय ने बताया कि जानकारी के बाद वनकर्मियों की टीम को गांव भेजा गया है। टीम चौबीसों घंटे निगरानी करेगी। यदि तेंदुए की आमद होती है तो उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा।
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क्षेत्र के ग्राम बोंसा में तेंदुआ देखे जाने के बाद से दहशत का माहौल बना है। ग्राम प्रधान शिवम ने बताया शनिवार की रात तीन बजे पुलिस कर्मी गश्त कर रहे थे तो उन्होंने तेंदुए की आकृति वाले जानवर को बोंसा से सलूनी गांव वाले रास्ते पर बनी एक पुलिया की दीवार पर बैठे देखा। इसके बाद पुलिस ने प्रधान को सूचना दी। प्रधान कुछ लोगों के साथ रात में ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी दूरी से मोबाइल से वीडियो बनाते हुए वन विभाग को भेजा।
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वन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के बाद वें सुरक्षा की दृष्टि से उस स्थान से हट गए। कुछ देर बाद तेंदुआ गन्ने के खेतों में गुम हो गया। ग्राम प्रधान शिवम ने बताया कि इस समय खेतों में गन्ने की फसल खड़ी है जो बेहद घनी है। इसमें जंगली जानवर रहते हैं। आमतौर पर इस समय सियार, लोमड़ी, गीदड़, सेही, जंगली सूअर, नीलगाय आदि जानवर गन्ने के खेतों में मिलते हैं परंतु तेंदुए की उपस्थिति ने ग्रामीणों में दहशत बढ़ा दी है।
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समस्या यह है कि ग्रामीण डर के कारण अपने खेत पर नहीं जा पा रहे हैं जिससे पशु चारे का संकट खड़ा हो गया है। वहीं धान की फसल की कटाई की भी नजदीक है। ऐसे में इस खतरनाक जंगली जानवर को पकड़ा जाना अनिवार्य है।
उधर, डीएफओ सामाजिक वानिकी गौतम राय ने बताया कि जानकारी के बाद वनकर्मियों की टीम को गांव भेजा गया है। टीम चौबीसों घंटे निगरानी करेगी। यदि तेंदुए की आमद होती है तो उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा।