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जिंदगी बचाने के लिए सबक लें
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मेरठ। लॉकडाउन के बावजूद शहर में लोग सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं। दोपहिया और चौपहिया वाहन भी खूब दौड़ रहे हैं। लोग घरों से बाहर निकलने का बहाना ढूंढ रहे हैं। घरेलू सामान की खरीदारी के बहाने बाजारों एवं सड़कों पर भीड़ उमड़ रही है। वहीं, छावनी क्षेत्र का हाल जुदा है। यहां पर इक्का-दुक्का लोगों को छोड़ दें तो अधिकतर सड़कों पर सन्नाटा रहता है।
दो दिन पहले सब एरिया हेड क्वार्टर ने कैंट क्षेत्र में सेना को पेट्रोलिंग तेज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से कैंट में दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर न के बराबर लोग नजर आते हैं। सेना के जवानों को भी निर्देश हैं कि वे भी बिना पास के यूनिट से बाहर नहीं जाएंगे। कोरोना को लेकर क्यूआरटी गश्त बढ़ा दी गई है। हालांकि कैंट में हालात ठीक हैं। वहीं, शहर में पुलिस-प्रशासन के तमाम समझाने के बाद भी लोग अपने साथ-साथ दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डाल रहे हैं। इनमें तमाम ऐसे लोग हैं जो बेवजह सड़कों पर घूमते नजर आते हैं। पुलिस-प्रशासन के लाख समझाने का भी इन पर असर नहीं हो रहा है।
मिश्रित इलाकों का बुरा हाल
शहर में लिसाड़ी गेट इलाका हो या फिर कोतवाली। ब्रह्मपुरी हो या रेलवे रोड। यहां पर लोग पुलिस की सख्ती के बावजूद रोड पर आ रहे हैं, लेकिन गलियों में बुरा हाल है। कोई गली ऐसी नहीं है जिसमें भीड़ नजर नहीं आ रही हो। घरों में रहने की बजाय लोग गलियों से झांकते दिखते हैं। कई जगह पर गलियों के बाहर इन लोगों ने बैरीकेडिंग कर रखी है परंतु गली में बाहर खूब भीड़ नजर आ रही है। ऐसे में ये लोग खुद के साथ दूसरों की जिंदगी के लिए भी खतरा उत्पन्न कर रहे हैं। इसी तरह की लापरवाही के कारण मेरठ में एक व्यक्ति से तमाम लोग संक्रमित हो चुके हैं।
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दो दिन पहले सब एरिया हेड क्वार्टर ने कैंट क्षेत्र में सेना को पेट्रोलिंग तेज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से कैंट में दोपहर 12 बजे के बाद सड़कों पर न के बराबर लोग नजर आते हैं। सेना के जवानों को भी निर्देश हैं कि वे भी बिना पास के यूनिट से बाहर नहीं जाएंगे। कोरोना को लेकर क्यूआरटी गश्त बढ़ा दी गई है। हालांकि कैंट में हालात ठीक हैं। वहीं, शहर में पुलिस-प्रशासन के तमाम समझाने के बाद भी लोग अपने साथ-साथ दूसरों की जिंदगी भी खतरे में डाल रहे हैं। इनमें तमाम ऐसे लोग हैं जो बेवजह सड़कों पर घूमते नजर आते हैं। पुलिस-प्रशासन के लाख समझाने का भी इन पर असर नहीं हो रहा है।
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मिश्रित इलाकों का बुरा हाल
शहर में लिसाड़ी गेट इलाका हो या फिर कोतवाली। ब्रह्मपुरी हो या रेलवे रोड। यहां पर लोग पुलिस की सख्ती के बावजूद रोड पर आ रहे हैं, लेकिन गलियों में बुरा हाल है। कोई गली ऐसी नहीं है जिसमें भीड़ नजर नहीं आ रही हो। घरों में रहने की बजाय लोग गलियों से झांकते दिखते हैं। कई जगह पर गलियों के बाहर इन लोगों ने बैरीकेडिंग कर रखी है परंतु गली में बाहर खूब भीड़ नजर आ रही है। ऐसे में ये लोग खुद के साथ दूसरों की जिंदगी के लिए भी खतरा उत्पन्न कर रहे हैं। इसी तरह की लापरवाही के कारण मेरठ में एक व्यक्ति से तमाम लोग संक्रमित हो चुके हैं।
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