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गंगा एक्सप्रेसवे किनारे औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन की पैमाइश
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खरखौदा (मेरठ)। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए अधिग्रहण की 164.66 जमीन की बुधवार को पैमाइश की गई है। जिस पर जल्द उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) किसानों से कब्जा लेकर अपना काम शुरू कराएगा। औद्योगिक विकसित करने के लिए यूपीडा ने दूसरे चरण में अधिग्रहण होने वाली जमीन के बारे में जानकारी ली। जमीन की पैमाइश करने में आठ विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हापुड़ रोड स्थित खरखौदा-बिजौली गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 500 हेक्टेयर भूमि में औद्योगिक गलियारा बनाना प्रस्तावित है। जिसके लिए पहले चरण में खरखौदा और बिजौली गांव की 164.66 हेक्टेयर भूमि खरीदी जा चुकी है। जिसमें कृषि, भूमि चकरोड, रास्ते व पेट्रोल पंप सभी शामिल हैं। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण शीघ्र ही पूरा होने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर सरकार तेजी से काम कर रही है। औद्योगिक गलियारे का भी जल्द विस्तार हो, इसको देखते हुए बुधवार को भौतिक सत्यापन किया गया।
हालांकि अभी दूसरे चरण में करीब 291 हेक्टेयर भूमि के लिए के लिए छतरी, खड़खड़ी, गोविंदपुर व खरखौदा के 800 किसानों की कृषि भूमि चिह्नित की गई थी। जिला प्रशासन द्वारा भूमि का सर्वे करा विवरण यूपीडा को भेजा गया है, लेकिन दूसरे चरण के अधिग्रहण के विरोध को लेकर इन सभी गांवों के किसान पिछले आठ माह से धरने पर बैठे हैं तथा अपनी भूमि न देने की मंशा भी जाहिर कर दी है।
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पहले चरण में अधिग्रहित की गई जमीन पर यूपीडा बिजली, पानी, सड़क व चहारदीवारी की तैयारी में है। डीएम के निर्देश पर बुधवार को उद्योग विभाग, विद्युत वितरण निगम, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, गंगनहर विभाग सहित आठ विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। यूपीडा की ओर से आर्किटेक्ट अजद अली मौके पर पहुंचे। अधिकारियों से भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली। जिसमें राजस्व विभाग की टीम से अधिग्रहित की गई भूमि में पेट्रोल पंप, लिंक मार्ग, चकरोड और रास्ते के साथ-साथ विवादित प्लॉट के बारे में पूछा गया। यूपीडा आर्किटेक्ट असजद अली के अनुसार इस भूमि पर कब्जा लेकर बिजली, पानी, सड़क व चहारदीवारी के लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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हापुड़ रोड स्थित खरखौदा-बिजौली गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 500 हेक्टेयर भूमि में औद्योगिक गलियारा बनाना प्रस्तावित है। जिसके लिए पहले चरण में खरखौदा और बिजौली गांव की 164.66 हेक्टेयर भूमि खरीदी जा चुकी है। जिसमें कृषि, भूमि चकरोड, रास्ते व पेट्रोल पंप सभी शामिल हैं। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण शीघ्र ही पूरा होने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर सरकार तेजी से काम कर रही है। औद्योगिक गलियारे का भी जल्द विस्तार हो, इसको देखते हुए बुधवार को भौतिक सत्यापन किया गया।
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हालांकि अभी दूसरे चरण में करीब 291 हेक्टेयर भूमि के लिए के लिए छतरी, खड़खड़ी, गोविंदपुर व खरखौदा के 800 किसानों की कृषि भूमि चिह्नित की गई थी। जिला प्रशासन द्वारा भूमि का सर्वे करा विवरण यूपीडा को भेजा गया है, लेकिन दूसरे चरण के अधिग्रहण के विरोध को लेकर इन सभी गांवों के किसान पिछले आठ माह से धरने पर बैठे हैं तथा अपनी भूमि न देने की मंशा भी जाहिर कर दी है।
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पहले चरण में अधिग्रहित की गई जमीन पर यूपीडा बिजली, पानी, सड़क व चहारदीवारी की तैयारी में है। डीएम के निर्देश पर बुधवार को उद्योग विभाग, विद्युत वितरण निगम, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, गंगनहर विभाग सहित आठ विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। यूपीडा की ओर से आर्किटेक्ट अजद अली मौके पर पहुंचे। अधिकारियों से भौगोलिक स्थिति की जानकारी ली। जिसमें राजस्व विभाग की टीम से अधिग्रहित की गई भूमि में पेट्रोल पंप, लिंक मार्ग, चकरोड और रास्ते के साथ-साथ विवादित प्लॉट के बारे में पूछा गया। यूपीडा आर्किटेक्ट असजद अली के अनुसार इस भूमि पर कब्जा लेकर बिजली, पानी, सड़क व चहारदीवारी के लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा जाएगा।