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रैपिड रेल के निर्माण में जमीन बनी अड़ंगा, कमिश्नर ने जिलाधिकारी को दिए ये निर्देश
Wed, 02 Sep 2020 12:11 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2020 12:11 PM IST
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रैपिड रेल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ शहर में रैपिड रेल निर्माण में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के सामने जमीन की अड़चन आ रही है। कई दौर की बातचीत के बाद भी भैंसाली डिपो के कार्यशाला को स्थानांतरित करने पर फैसला नहीं हो सका है। लखनऊ में प्रमुख सचिव के निर्देश के बाद भी एमडीए और राज्य सड़क परिवहन निगम के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। वहीं, दूसरी ओर कमिश्नर ने एनसीआरटीसी को जल्द जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए हैं। जिससे एनसीआरटीसी शहर के अंदर दीवाली के बाद कार्य शुरू कर सके।
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एनसीआरटीसी ने दो चरणों में रैपिड रेल का कार्य शुरू कर दिया है। तीसरे चरण में शताब्दीनगर से आगे मोदीपुरम तक कार्य शुरू किया जाना है। इस ट्रैक पर कई भूमिगत स्टेशन हैं। इसमें भैंसाली बस अड्डे पर भूमिगत स्टेशन है। इसी को देखते हुए कार्यशाला को शहर से बाहर स्थानांतरित करना है। इसके बावजूद सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में एनसीआरटीसी बार-बार शहर में जमीन की मांग कर रहा है, लेकिन जिलाधिकारी से लेकर अन्य विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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शताब्दीनगर सेक्टर-सात में प्रस्तावित की है जमीन
पिछले कुछ समय पहले एमडीए की ओर से शताब्दीनगर सेक्टर-7 में 45 मीटर चौड़ी सड़क पर 35 हजार वर्ग मीटर जमीन कार्यशाला के लिए रोडवेज को प्रस्तावित की थी। इसके बाद उन्होंने लखनऊ बैठक में सिर्फ 16 हजार वर्ग मीटर जमीन मांगी थी। वहीं, एमडीए ने इस जमीन का दाम 14 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर बताया था। इसके बाद राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से एमडीए को कोई पत्राचार नहीं किया गया। इस कारण रैपिड रेल निर्माण की रफ्तार थमी हुई है।
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जिलाधिकारी को दिए हैं निर्देश
सोमवार को कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में जिलाधिकारी अनिल ढींगरा को एमडीए, रोडवेज और एनसीआरटीसी के साथ बैठक कर जमीन मामले को सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे रैपिड रेल प्रोजेक्ट का कार्य बिना किसी देरी के समय से शहर में शुरू हो सके।
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