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हवाई उड़ान की दिशा में जमीन बनी बाधा
Fri, 01 Mar 2019 01:39 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Gaurav sharma
Updated Fri, 01 Mar 2019 01:39 AM IST
सार
-50 सीटर विमान की उड़ान को हवाई पट्टी को देना होगा विस्तार
- हवाई पट्टी विस्तार के लिए जरूरी जमीन की शीघ्र करनी होगी खरीद
- इसी सप्ताह आएंगे एएआई, जूम एयरवेज और प्रदेश सरकार के तकनीकी प्रतिनिधि
- हवाई पट्टी की माप कर जरूरी जमीन की उपलब्धता की देंगे जानकारी
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हवाई उड़ान की दिशा में अब जमीन बाधा बन गई है। 50 सीटर विमान की उड़ान के लिए हवाई पट्टी का विस्तार जरूरी है। उसके लिए प्रदेश सरकार को जमीन खरीदकर देनी होगी। कितनी जमीन चाहिए इसके लिए एएआई और जूम एयरवेज सहित प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग के तकनीकी प्रतिनिधि इसी सप्ताह हवाई पट्टी का निरीक्षण कर पैमाइश करेंगे।
क्षेत्रीय उड़ान योजना के तहत मेरठ का चयन हो चुका है। हालांकि सफल बिड की सूची तमाम समीक्षा के बाद लगभग एक सप्ताह में जारी होगी। लेकिन सूत्रों के अनुसार मेरठ के लिए जूम एयरवेज ने जो बिड डाली है, वह मानकों पर खरी उतरी है। लेकिन अब सबसे बड़ा पेंच हवाई पट्टी के विस्तार का फंस रहा है। दरअसल मेरठ की हवाई पट्टी वर्तमान में 1513 मीटर लंबी और 23 मीटर चौड़ी है। प्रथम फेस में रनवे की लंबाई कम से कम 1800 मीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी होनी चाहिए। हालांकि दूसरे फेस में इसकी लंबाई 2600 मीटर और चौड़ाई 45 मीटर प्रस्तावित है। लेकिन अभी 1800 मीटर लंबाई से काम चल सकता है।
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इस रनवे विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन के साथ ही तीन तरफ 75-75 मीटर खाली जमीन की आवश्यकता होगी। वर्ष 2014 में तत्कालीन डीएम पंकज यादव ने किसानों से 5800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से जमीन खरीद का सौदा तय किया था और किसान आज भी इसी रेट पर जमीन देने को तैयार हैं। लेकिन प्रदेश सरकार से आज तक पैसा न आने के कारण काम अटका है।
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सरकार पर बनेगा दबाव
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि हवाई उड़ान के मामले में उनकी बृहस्पतिवार को आरसीएस प्लान के निदेशक ईडी चौखियाल से वार्ता हुई। जिसमें तय हुआ है कि पहले फेस में आवश्यकता के अनुसार ही जमीन की खरीद की जाएगी। इसके लिए जूम एयरवेज, एएआई और प्रदेश सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग की तकनीकी टीम हवाई पट्टी का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद प्रदेश सरकार से बात कर शीघ्र जमीन खरीद के लिए दबाव बनाया जाएगा, ताकि इसी माह हवाई उड़ान योजना पर काम शुरू हो सके।