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यूपी: कुंभ स्नान से पहले बंद होंगी 60 फैक्टरियां, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किए नोटिस

Fri, 30 Nov 2018 11:07 AM IST
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 30 Nov 2018 11:07 AM IST
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Kumbh snan, several Factories will be closed before snan Pollution Control Board issued notice
मेरठ न्यूज

प्रयागराज में होने वाले कुंभ को लेकर मेरठ और बागपत की 60 औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नोटिस जारी किया है। कुंभ को लेकर गठित जिला स्तरीय समिति औद्योगिक इकाइयों की निगरानी करेगी। पहली बार खेतों में फैक्ट्री का पानी जाएगा। कुंभ स्नान से 48 घंटे पहले फैक्टरियों को बंद किया जाएगा।

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कुंभ में श्रद्धालुओं को संगम में स्नान सुगमता से कराने के लिए गंगा में जल की शुद्धता के लिए औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किए गए हैं। जल प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों द्वारा इस अवधि में उत्पादन प्रक्रिया को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। कुंभ का पहला स्नान 15 जनवरी 2019 को होगा। इसके लिए मेरठ की 53 और बागपत की 7 औद्योगिक इकाइयां निगरानी में रहेंगी। 
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टीम प्रदूषित व रंगीन उत्प्रवाह पानी की जांच करेगी। यदि किसी की फैक्ट्री से प्रदूषित पानी निकला तो सीधे कार्रवाई होगी। वहीं, इस बार औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी को खेतों में सिंचाई के लिए छोड़ा जाएगा। फैक्टरी प्रबंधन किसानों के साथ समझौता करेंगे। 

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यह बनाई कमेटी
एमके त्यागी, सहायक पर्यावरण अभियंता, एसपी सिंह अवर अभियंता, एसडीएम सरधना, डॉ. योगेंद्र कुमार सहायक वैज्ञानिक अधिकारी, अरुण कुमार मिश्रा वैज्ञानिक सहायक, एसडीएम सदर, एसडीएम मवाना, प्रखर कुमार कटियार सहायक पर्यावरण अभियंता आदि शामिल है।

पहली बार करेगी जांच  
कुंभ को लेकर इस बार सरकार भी गंभीर है। जिला स्तरीय कमेटी के अलावा पहली बार नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा भी जांच करेगी। यह जांच कमेटी इसलिए बनाई गई है कि कुंभ में किसी भी औद्योगिक इकाइयों से प्रदूषित पानी न निकल सके। पहली बार यह कमेटी बनाई गई है।

मेरठ के इन उद्योगों को जारी किया नोटिस
कुंभ के दौरान तीन माह तक विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को बंद करने का फरमान सुना दिया गया था। इससे वेस्ट यूपी की 11 सौ इकाइयां प्रभावित हो रही थीं। ऐसे में उद्यमियों ने लगातार यह मांग की थी कि इकाइयों को बंद न किया जाए।  पश्चिमी उप्र में तमाम ऐसी इकाइयां हैं जो गंगा एवं उसकी सहयोगी नदियों से जुड़ी हैं। काली नदी, हिंडन आदि में इनका उत्प्रवाह गिरता है। अधिकतर औद्योगिक ईकाइयां में ट्रीटमेंट प्लांट लगे हैं। 

सभी ईटीपी पर ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम लगे हैं। जैसे ही इकाइयों को बंद करने का फरमान आया तो इस पर सवाल खड़े हो गए। कहा गया कि यदि इस अवधि में इकाइयों को बंद करने  की बात कही जा रही है तो क्या पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड यह मान रहा है कि बाकी दिनों में यहां प्रदूषित उत्प्रवाह होता है। यही आवाज उठाई गई। 

उद्यमियों ने कहा कि मॉनीटरिंग सिस्टम को मजबूत कर दिया जाए। यह देख लिया जाए कि इकाइयों से कैसे उत्प्रवाह हो रहा है। आनंद ट्रिप्लेक्स के एमडी निखिल वत्स, संगल पेपर मिल से हिमांशु संगल समेत तमाम उद्यमियों ने इस बाबत सरकार को ज्ञापन भेजकर कहा था कि सभी इकाइयों में ईटीपी लगे हैं। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों को बंद करने का का क्या औचित्य। इन्हें बंद न किया जाए। इससे उद्यमियों पर तगड़ी आर्थिक मार पडे़गी। 

कहा कि कई इकाइयां इस तरह की है यदि एक बार काम बंद कर दिया गया तो दोबारा शुरू करने में भारी दिक्कत आएगी और तब तक उद्यमी  को काफी नुकसान हो चुका होगा। ऐसे में गंभीरता से इस पर विचार करने को कहा गया था। अब जो नोटिस जारी हुए हैं उसमें यही कहा गया है। उत्प्रवाह को ही गंभीरता से मॉनीटर करने की बात कही जा रही है। इकाइयां बंद नहीं होंगी।
 
ये हैं प्रमुख स्नान की तिथियां 
स्नान पर्व  
   तिथि  
मकर संक्रांति    15 जनवरी 2019  
पौष पूर्णिमा    21 जनवरी  2019  
मौनी अमावस्या    4 फरवरी 2019  
बसंत पंचमी    10 फरवरी 2019  
माघी पूर्णिमा    9 फरवरी 2019  
महाशिवरात्रि    4 मार्च 2019

बागपत के ये हैं उद्योग  
रमाला चीनी मिल, बागपत चीनी मिल, मलकपुर चीनी मिल, बागपत पेपर मिल, टैक्सटाइल मिल, डेयरी फैक्ट्री, गोगा फूडस  
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नोटिस किए जारी
कुंभ को लेकर मेरठ और बागपत की औद्योगिक  इकाइयों को नोटिस जारी कर दिए हैं। पहली बार किसान औद्योगिक इकाइयों से निकले पानी का सिंचाई के लिए इस्तेमाल करेंगे। यदि किसी की फैक्ट्री से प्रदूषित पानी निकला तो उस पर नियमानुसार बोर्ड मुख्यालय  के निर्देश पर बंदी की कार्रवाई की जाएगी। -आरके त्यागी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी

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