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सच्ची भक्ति के लिए आवश्यक ज्ञान वैराग्य अनुराग
Mon, 30 Jun 2025 01:56 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 30 Jun 2025 01:56 AM IST
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फूलबाग कालोनी स्थित जैन मंदिर में भक्तामर पाठ में शामिल जैन समाज के लोग
मेरठ। सदर जैन मंदिर से विहार करके आचार्य ज्ञान भूषण महाराज और ज्ञान गंगा माता ससंग असौड़ा हाउस मंदिर में विराजमान हुए। आचार्य ज्ञानभूषण महाराज ने प्रवचनों में कहा कि सच्ची भक्ति केवल कर्मकांड या बाह्य क्रियाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उसमें ज्ञान (सच्चे धर्म का बोध), वैराग्य (संसार से विरक्ति), और अनुराग (भगवान और आत्मा से प्रेम) का समन्वय होना आवश्यक है। उन्होंने समझाया कि जब तक व्यक्ति ज्ञानपूर्वक धर्म का आचरण नहीं करता, तब तक उसकी भक्ति में स्थायित्व नहीं आता।
आचार्य ने आगे कहा कि जीवन में प्रथम गुरु माता-पिता है जो लौकिक व धार्मिक शिक्षा देकर बच्चों के जीवन में प्रकाश करते हैं। बच्चों के जीवन में धार्मिक संस्कार रोपण करने के लिए संत संगति में जाना आवश्यक है। दूसरे गुरु दिगंबर संत होते हैं। संतों की पहचान के ये ज्ञान होना चाहिए कि संत कैसे होने चाहिए। जो पांच इंद्रियों के विषयों से रहित हैं। संत की वाणी को अनुसरण करने को वैराग्य कहते हैं। इस दौरान कपिल जैन, मनोज जैन, राकेश जैन, कमल जैन, नवीन जैन, अनिल जैन रहे।
जैन मंदिर फूलबाग कॉलोनी में हुआ भक्तामर विधान
फूलबाग कॉलोनी श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में भक्तामर विधान में 48 दीपकों के साथ श्लोक पढ़े गए। पूजन का सौभाग्य संजीव जैन, सीमा जैन, सजल जैन, आयुषी, निमित, मोक्षी, नवीत्रा जैन को मिला। समाज के मंत्री नवीन जैन ने बताया कि यह स्रोत अपार शक्तियों का भंडार है। अध्यक्ष हेमंत जैन ने वेदी में स्थापित आदिनाथ भगवान की मूलनायक प्रतिमा के सम्मुख भक्तामर महाअर्चना की। सामूहिक आरती के बाद लकी ड्रा निकाला गया। इस दौरान संजीव जैन, सीमा जैन, नवीन, अतुल, पंकज, जिनेंद्र, मयंक, रमेश रहे।
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नेमिनाथ हम आएंगे, लाडू वहीं चढाएंगे
2 जुलाई को जैन धर्म के 22 वें तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक है। नेमि भक्तों की टोली उनकी मोक्ष स्थली गिरनार पर्वत (जूनागढ़, गुजरात) पर निर्वाण लाडू अर्पण करने के लिए रविवार को मेरठ सिटी स्टेशन से सुबह 11 बजे ओखा एक्सप्रेस से रवाना हुई। 30 सदस्यीय दल एक जुलाई को गिरनार जी पहुंचेंगे। 2 जुलाई को मोक्ष कल्याणक मनाकर 3 जुलाई को वापस मेरठ के लिए प्रस्थान करेंगे। ट्रांसपोर्ट नगर निवासी विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुदीप जैन ने सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचकर सभी को माला और पटका पहना कर अभिनंदन किया। सिटी रेलवे स्टेशन पर रवाना होने से पहले सभी श्रद्धालुओं ने उद्घोष किया नेमिनाथ हम आएंगे, लाडू वहीं चढाएंगे। इस दौरान आशीष जैन, सुदीप जैन, अर्चित जैन, हर्षित जैन, अर्पित जैन, संयम जैन रहे।
बच्चों ने जाना मंगलाष्टक के आठ पदों का महत्व
शारदा रोड महावीर जयंती भवन में विश्व श्रमण श्रीसंग के द्वारा बच्चों का संस्कार शिविर लगाया गया। कार्यक्रम का संयोजन सौरभ जैन सराफ ने किया। 80 बच्चों ने शिविर में भाग लिया। कार्यक्रम में बच्चों को मंगलाष्टक के विषय में बताया गया। सौरभ जैन और गौरव जैन ने बताया कि पूजन प्रारंभ करने से पहले मंगलाष्टक पाठ के आठ पदों में पांच परमेष्ठि, 63 शलाका पुरुषों, सप्त ऋषियों, सभी निर्वाण क्षेत्रों, सभी जिनालयों आदि के पूजन के माध्यम से सभी के मंगल की कामना दी गई है। कार्यक्रम में देवेंद्र जैन, विनोद जैन, अतुल जैन ने बच्चों को प्रक्षाल क्रियाएं कराई।
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आचार्य ने आगे कहा कि जीवन में प्रथम गुरु माता-पिता है जो लौकिक व धार्मिक शिक्षा देकर बच्चों के जीवन में प्रकाश करते हैं। बच्चों के जीवन में धार्मिक संस्कार रोपण करने के लिए संत संगति में जाना आवश्यक है। दूसरे गुरु दिगंबर संत होते हैं। संतों की पहचान के ये ज्ञान होना चाहिए कि संत कैसे होने चाहिए। जो पांच इंद्रियों के विषयों से रहित हैं। संत की वाणी को अनुसरण करने को वैराग्य कहते हैं। इस दौरान कपिल जैन, मनोज जैन, राकेश जैन, कमल जैन, नवीन जैन, अनिल जैन रहे।
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जैन मंदिर फूलबाग कॉलोनी में हुआ भक्तामर विधान
फूलबाग कॉलोनी श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में भक्तामर विधान में 48 दीपकों के साथ श्लोक पढ़े गए। पूजन का सौभाग्य संजीव जैन, सीमा जैन, सजल जैन, आयुषी, निमित, मोक्षी, नवीत्रा जैन को मिला। समाज के मंत्री नवीन जैन ने बताया कि यह स्रोत अपार शक्तियों का भंडार है। अध्यक्ष हेमंत जैन ने वेदी में स्थापित आदिनाथ भगवान की मूलनायक प्रतिमा के सम्मुख भक्तामर महाअर्चना की। सामूहिक आरती के बाद लकी ड्रा निकाला गया। इस दौरान संजीव जैन, सीमा जैन, नवीन, अतुल, पंकज, जिनेंद्र, मयंक, रमेश रहे।
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नेमिनाथ हम आएंगे, लाडू वहीं चढाएंगे
2 जुलाई को जैन धर्म के 22 वें तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक है। नेमि भक्तों की टोली उनकी मोक्ष स्थली गिरनार पर्वत (जूनागढ़, गुजरात) पर निर्वाण लाडू अर्पण करने के लिए रविवार को मेरठ सिटी स्टेशन से सुबह 11 बजे ओखा एक्सप्रेस से रवाना हुई। 30 सदस्यीय दल एक जुलाई को गिरनार जी पहुंचेंगे। 2 जुलाई को मोक्ष कल्याणक मनाकर 3 जुलाई को वापस मेरठ के लिए प्रस्थान करेंगे। ट्रांसपोर्ट नगर निवासी विश्व श्रमण संस्कृति श्रीसंघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुदीप जैन ने सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचकर सभी को माला और पटका पहना कर अभिनंदन किया। सिटी रेलवे स्टेशन पर रवाना होने से पहले सभी श्रद्धालुओं ने उद्घोष किया नेमिनाथ हम आएंगे, लाडू वहीं चढाएंगे। इस दौरान आशीष जैन, सुदीप जैन, अर्चित जैन, हर्षित जैन, अर्पित जैन, संयम जैन रहे।
बच्चों ने जाना मंगलाष्टक के आठ पदों का महत्व
शारदा रोड महावीर जयंती भवन में विश्व श्रमण श्रीसंग के द्वारा बच्चों का संस्कार शिविर लगाया गया। कार्यक्रम का संयोजन सौरभ जैन सराफ ने किया। 80 बच्चों ने शिविर में भाग लिया। कार्यक्रम में बच्चों को मंगलाष्टक के विषय में बताया गया। सौरभ जैन और गौरव जैन ने बताया कि पूजन प्रारंभ करने से पहले मंगलाष्टक पाठ के आठ पदों में पांच परमेष्ठि, 63 शलाका पुरुषों, सप्त ऋषियों, सभी निर्वाण क्षेत्रों, सभी जिनालयों आदि के पूजन के माध्यम से सभी के मंगल की कामना दी गई है। कार्यक्रम में देवेंद्र जैन, विनोद जैन, अतुल जैन ने बच्चों को प्रक्षाल क्रियाएं कराई।