कौन है एकेश्वर : मेरठ के लाल ने किया ऐसा कमाल, दुनिया में छाया नाम, द एलीफेंट व्हिसपरर्स को मिला ऑस्कर अवार्ड
कौन है एकेश्वर चौधरी : मेरठ के लाल ने ऐसा कमाल किया कि पूरी दुनिया में नाम छा गया।द एलीफेंट व्हिसपरर्स ने ऑस्कर अवार्ड जीतकर भारतीय प्रोडक्शन के लिए इतिहास रच दिया।
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द एलीफेंट व्हिसपरर्स ने ऑस्कर अवार्ड जीतकर भारतीय प्रोडक्शन के लिए इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि में मेरठ के लाल एकेश्वर चौधरी का बहुत ही बड़ा हाथ है। फिल्म को बेस्ट शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री का अवार्ड उसकी पटकथा और एडिटिंग की बदौलत मिला। एकेश्वर भी उसी एडिटिंग टीम के सदस्य हैं। उन्होंने मूवी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्य किया है। फिल्म की निर्माता गुनीत मोंगा ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए एकेश्वर सहित पूरी टीम का शुक्रिया अदा किया।
मेरठ में रोहटा रोड स्थित एक कॉलोनी में रहने वाले एकेश्वर चौधरी ने गंगानगर स्थित ट्रांसलेम एकेडमी से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश से आर्ट्स में स्नातक किया। पिता राकेश चौधरी खेती करते हैं और मां सुमन चौधरी गृहणी हैं। बेटे की इस उपब्धि से परिवार में जश्न का माहौल है और रिश्तेदारों ने भी सोमवार सुबह से फोन घुमाने शुरू कर दिए। पिता राकेश ने बताया कि वह मूलरूप से बुलंशदहर के गुलावठी क्षेत्र के ग्राम भटौना के रहने वाले हैं। एकेश्वर के दादा बाद में खरखौदा के निकट स्थित प्रथमगढ़ में आकर बस गए थे।
2007 में मुंबई चले गए थे एकेश्वर
फिल्म इंडस्ट्री में रूचि होने के चलते एकेश्वर 2007 में ही मुंबई चले गए थे। जहां उन्होंने सुभाष घई के इंस्टीट्यूट से क्रिएटिव डायरेक्टर का कोर्स किया। इससे पूर्व उन्होंने अहमदाबाद के मुद्रा इंस्टीट्यूट में एक साल एडिटिंग का कोर्स और गुरुग्राम में एक साल एडिटिंग की नौकरी भी की। लेकिन अपने सपने का पीछा करते हुए वह मुंबई के विसलिंग वुड इंस्टीट्यूट जा पहुंचे। जहां 2007 से 2010 तक क्रिएटिव डायरेक्टर का कोर्स पूरा किया।
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आखिरी बार चार साल पहले आए थे घर
पिता राकेश ने बताया कि एकेश्वर बाखिरी बाद चार साल पहले घर आए थे। इसके बाद से अपने काम में ही व्यस्त हैं। मेरठ में उनका आना कम ही होता है। उनका छोटा भाई क्षितिज भी एनिमेशन के क्षेत्र से जुड़ा है और डोंबीवली में नौकरी कर रहा है। वहीं, मां सुमन चौधरी ने बताया कि बेटा थोड़ा शर्मिला है। वह अपने काम में भी काफी खो जाता है। शुरुआत से आर्ट का शौकीन रहा है। उसकी कामियाबी देखकर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। बेटे द्वारा एडिट की हुई मूवी ने देश के लिए इतिहास रच दिया है।
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पहले भी इन प्रोजेक्टर पर किया है काम
एकेश्वर को शुरुआत से ही डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट मूवी करने का शौक है। पिता के अनुसार, वह बड़ी फिल्म नहीं करना चाहते हैं। इससे पहले उन्होंने फिल्म द गोल्डन बॉयज(2017), सिटी फार्मर(2021), ए सूटेबल गर्ल(2017) में भी कार्य किया है। इन फिल्मों को आईएमडीबी पर भी काफी अच्छी रेटिंग मिल चुकी है।