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खेतों में जला रहे पराली, डस्टबिन में फूंक रहे कूड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Nov 2017 01:22 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रदूषण की लगातार होती जा रही भयावह स्थिति, स्मॉग से खतरे और एनजीटी के सख्त आदेश के बावजूद कई स्थानों पर लोगों पर असर नहीं हो रहा है। खेतों में पत्तियां और सड़कों पर कूड़ा जलाया जाना बंद नहीं हो रहा है।
गांव जेई में किसानों र्ने इंख की पत्तियां खेतों में इकट्ठा की और जला दीं। इससे भारी धुआं निकला। इधर शहर में भी यही हाल है। खास तौर पर कूड़े में ढेर लगाया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में भी ऐसा ही हाल है। औद्योगिक इकाइयों से निकला सारा कूड़ा एक साथ बडे़ कूड़ेदान में इकट्ठा कर आग लगा दी जाती है। हाल ही में मेला नौचंदी मैदान में कूड़े में आग लगाने से भारी प्रदूषण हुआ। इस पर आयुक्त डा.प्रभात ने सख्त कदम उठाया और दस सफाई कर्मियों पर पांच पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिये थे।
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गांव जेई में किसानों र्ने इंख की पत्तियां खेतों में इकट्ठा की और जला दीं। इससे भारी धुआं निकला। इधर शहर में भी यही हाल है। खास तौर पर कूड़े में ढेर लगाया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में भी ऐसा ही हाल है। औद्योगिक इकाइयों से निकला सारा कूड़ा एक साथ बडे़ कूड़ेदान में इकट्ठा कर आग लगा दी जाती है। हाल ही में मेला नौचंदी मैदान में कूड़े में आग लगाने से भारी प्रदूषण हुआ। इस पर आयुक्त डा.प्रभात ने सख्त कदम उठाया और दस सफाई कर्मियों पर पांच पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिये थे।
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