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Meerut News: खांडसारी संचालक ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
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सरूरपुर। मेरठ-बड़ौत कस्बा खिवाई में स्थित श्री सुमति शुगर प्राइवेट लिमिटेड ने आबकारी विभाग पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। साथ ही दो दिन के लिए गन्ना खरीद पर रोक लगा दी है। खांडसारी उद्योग के प्रबंधक अंबुज कुमार ने मामले की शिकायत शासन से की है।
शिकायत में प्रबंधक अंबुज कुमार ने बताया कि उनका प्लांट एक खांडसारी इकाई है। इसका लाइसेंस खांडसारी विभाग द्वारा जारी किया गया है। यहां केवल खांडसारी व राब बनाई जाती है। आरोप है कि आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारियों ने नमूने लिए हैं। राब का नमूना पास होने के बावजूद आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारियों ने राब को शीरा बताया है। आरोप है कि खांडसारी के बाद निकलने वाला शीरा है। इसके लिए पूरे साल के उत्पादन के लिए भंडारण टैंक बनाने होंगे। जिसे आबकारी पोर्टल पर दर्ज करना होगा। साथ ही आबकारी पोर्टल से टैंक द्वारा बेचा जाएगा। आरोप है कि उनकी फर्म को टिन में भरकर बेचने की अनुमति नहीं दी जा रही है। आबकारी विभाग उनका उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने सरकार से आबकारी विभाग के प्रतिबंध को हटाने की मांग की है। साथ ही दो दिन के लिए गन्ना खरीद पर रोक लगा दी है। जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा वह किसानों से गन्ने की खरीदारी नहीं करेंगे।
वहीं, गन्ने की खरीद पर रोक लगाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के काफी किसान इससे जुडे हैं। गन्ने की फसल की छिलाई के बाद किसान को गेहूं व सरसों की फसल की बुवाई करनी है। इसके लिए किसान को जल्दी गन्ने की छिलाई करनी है। किसान मुरसीन, मोमीन, प्रदीप, पंकज, महताब, रोहित, अश्वनी ने बताया कि प्लांट बंद होने से उन्हें अगली फसल की बुवाई में देरी हो सकती है। इस कारण किसान को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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5 नवंबर को सत्र 2024-25 के लिए नई शीरा नीति जारी हुई है। खांडसारी इकाई में बचे हुए राब या शीरे को एकत्र करने के लिए टैंकर बनाने होंगे। इसकी जानकारी आबकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसी के माध्यम से इसकी बिक्री की जाएगी। - प्रदीप सिंह, जिला आबकारी अधिकारी
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शिकायत में प्रबंधक अंबुज कुमार ने बताया कि उनका प्लांट एक खांडसारी इकाई है। इसका लाइसेंस खांडसारी विभाग द्वारा जारी किया गया है। यहां केवल खांडसारी व राब बनाई जाती है। आरोप है कि आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारियों ने नमूने लिए हैं। राब का नमूना पास होने के बावजूद आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारियों ने राब को शीरा बताया है। आरोप है कि खांडसारी के बाद निकलने वाला शीरा है। इसके लिए पूरे साल के उत्पादन के लिए भंडारण टैंक बनाने होंगे। जिसे आबकारी पोर्टल पर दर्ज करना होगा। साथ ही आबकारी पोर्टल से टैंक द्वारा बेचा जाएगा। आरोप है कि उनकी फर्म को टिन में भरकर बेचने की अनुमति नहीं दी जा रही है। आबकारी विभाग उनका उत्पीड़न कर रहा है। उन्होंने सरकार से आबकारी विभाग के प्रतिबंध को हटाने की मांग की है। साथ ही दो दिन के लिए गन्ना खरीद पर रोक लगा दी है। जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा वह किसानों से गन्ने की खरीदारी नहीं करेंगे।
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वहीं, गन्ने की खरीद पर रोक लगाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के काफी किसान इससे जुडे हैं। गन्ने की फसल की छिलाई के बाद किसान को गेहूं व सरसों की फसल की बुवाई करनी है। इसके लिए किसान को जल्दी गन्ने की छिलाई करनी है। किसान मुरसीन, मोमीन, प्रदीप, पंकज, महताब, रोहित, अश्वनी ने बताया कि प्लांट बंद होने से उन्हें अगली फसल की बुवाई में देरी हो सकती है। इस कारण किसान को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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5 नवंबर को सत्र 2024-25 के लिए नई शीरा नीति जारी हुई है। खांडसारी इकाई में बचे हुए राब या शीरे को एकत्र करने के लिए टैंकर बनाने होंगे। इसकी जानकारी आबकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसी के माध्यम से इसकी बिक्री की जाएगी। - प्रदीप सिंह, जिला आबकारी अधिकारी