Kanwar Yatra: केसरिया रंग से रंगा हाईवे, दिखने लगीं विशाल झांकी, दिल्ली के शिवभक्तों में कलश कांवड़ का क्रेज
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली मेरठ हाईवे केसरिया रंग से सराबोर नजर आ रहा है। मोदीपुरम बाईपास पर विशाल झांकी कांवड़ भी दिखना शुरू हो गई हैं। दिल्ली, हरियाणा, मथुरा समेत देश भर से कांवड़िया हाईवे पर बढ़े चले जा रहे हैं। इनमें बच्चों से लेकर बूढ़े महिला और जवान सभी शामिल हैं।
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कांवड़ यात्रा में हर बार कुछ अलग रंग होता है। बीते वर्षों में जहां तिरंगा कांवड़ की धूम रही। इस बार कांवड़ियों को कलश कांवड़ पसंद आ रही है। केसरिया रंग से हाईवे पटता जा रहा है। हर घंटे हाईवे पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है। मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, बागपत बाईपास, रोहटा रोड बाईपास सहित दिल्ली रोड रोड पर भी कांवड़ सेवा शिविर आरंभ हो गए।
दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के शिव भक्त कलश कांवड़ ला रहे हैं। इसमें 8 वर्ष से 60 वर्ष तक के लोग कांवड़ ला रहे हैं। रत्ती, विक्की, रवि, राहुल ने 60 किलो की कांवड़ उठाई। श्याम ने बताया कि कोलकाता से विशेष प्रकार की कांवड़ बनवाई है। इसमें पीतल के कलश सजाए गए हैं। 8 फीट चौड़ी यह कांवड़ अपने आप में अलग ही आकर्षण दे रही है। दो लोग इस कांवड़ को उठाते हैं। कांवड़ में नंदी और नटराज दोनों ही विराजमान हैं। इसके साथ ही हाईवे पर विशाल डीजे के साथ झांकी कांवड़ भी आना शुरू हाे गई हैं। झांकी कांवड़ में किसी में आठ मंदिरों को बनाकर शिवलिंग दिखाए गए हैं तो कुछ कांवड़ में महाकाल का स्वरूप आकर्षक लाइटों के बीच जगमगा रहा है।
कांवड़ लाए तो हुई पुत्र रत्न की प्राप्ति
दिल्ली लक्ष्मीनगर निवासी श्यामलाल ने बताया कि वह मूलरूप से गुजरात के रहने वाले हैं। तीन बेटी हैं, लेकिन पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं हुई। भगवान से मन्नत मांगकर कांवड़ उठाई। दो वर्ष में जोड़ा पूरा किया और भगवान शिव की कृपा से पुत्र रत्न की प्राप्ति हो गई। उन्होंने बताया कि इस बार बेटा सचिन भी पहली बार कांवड़ लाया है।
आठ वर्षीय क्षितिज भी लाया कांवड़
दिल्ली निवासी वीनस ने बताया कि इस बार 28वीं कांवड़ ला रहे हैं। इस बार उनका आठ का बेटा क्षितिज भी साथ आया है। भगवान शिव की कृपा से हरिद्वार से मेरठ के बीच यात्रा में कहीं भी उसने थकान होने की बात नहीं की। अपनी कांवड़ वह स्वयं उठाकर भगवान शिव का नाम लेता आगे बढ़ता जा रहा है।
दंपती ने परिवार की समृद्धि के लिए उठाई कांवड़
दिल्ली निवासी विजय ने बताया कि बड़े भाई राजपाल की प्रेरणा से पहली बार कांवड़ लाया। उन्होंने ही 21 वर्ष की आयु में 800 रुपये दिए और कांवड़ लाने के लिए कहा। भगवान शिव की कृपा से एमसीडी में नौकरी लग गई। अब कुछ समय से पत्नी सतरा देवी भी साथ में कांवड़ ला रही हैं।
बेटे के दसवें जन्मोत्सव पर परिवार लाया कांवड़
दिल्ली निवासी बीना ने बताया कि पूरा परिवार पहली बार कांवड़ ला रहा है। उनके पति ईशांत ने बेटे लक्ष्य के 10 वर्ष की आयु का होने पर कांवड़ लाने की शपथ ली थी। बहन शारदा भी साथ है। पांच साल का पारस वॉकर में कांवड़ ला रहा है।
मां कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ
बागपत बाईपास पुल के पास मां कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ मंत्री सोमेंद्र तोमर, सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक अमित अग्रवाल, पूर्व विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल, सेवाभारती क्षेत्रीय पदाधिकारी अनिल ने किया। अमित गर्ग मूर्ति ने बताया कि कांवड़ियों के नाश्ता, लंच और डिनर के साथ चिकित्सा सुविधा देने की भी व्यवस्था की गई है। मोदीपुरम में ऊं सेवा समिति के तत्वावधान में लगाए गए सेवा शिविर में संयुक्त व्यापार संघ उपाध्यक्ष सुधीर रस्तोगी और पूर्व उपाध्यक्ष छावनी परिषद शिप्रा रस्तोगी ने सेवा कार्य किया।