Meerut: कॉलेजों में तानाशाही, प्राचार्या को बिना नोटिस के बर्खास्त किया
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प्रबंध समिति ने शुक्रवार को कनोहर लाल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अलका चौधरी को बर्खास्त कर दिया। समिति ने जो पत्र प्राचार्य को दिया है, उसमें कहा गया है कि उनके कार्य से समिति संतुष्ट नहीं है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कह दिया है कि बिना कुलपति के अनुमोदन के बर्खास्तगी नहीं की जा सकती है। प्राचार्य ने कुलपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से शिकायत की बात कही है।
चौधरी की नियुक्ति उच्च शिक्षा सेवा आयोग की तरफ से प्राचार्य के पद पर की गई थी। उन्होंने 23 अक्तूबर को ज्वाइन किया था। कॉलेज में ज्वाइन करने के बाद एक साल तक का प्रोबेशन पीरियड होता है। ऐसे में यह 23 अक्तूबर तक पूरा होता, उससे पहले ही प्रबंध समिति ने उन्हें बर्खास्त कर दिया।
आदेश पर प्राचार्य ने प्रबंध समिति पदाधिकारियों पर आरोप लगाए हैं कि कॉलेज में डॉ. नेहा शर्मा की नियुक्ति नहीं होने के बावजूद उनको महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। उनको परीक्षा में गलत तरीके से असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट बनाया गया। उन्होंने इसका विरोध किया तो प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया। नेहा शर्मा के खिलाफ राजभवन शिकायत होने पर शुक्रवार को जांच के लिए टीम भी आई। प्रबंध समिति ने कॉलेज में सेल्फ फाइनेंस कॉलेज का दूसरा कोड अलॉट कराते हुए वहां पर डॉ. नेहा को प्राचार्य बनाने का उन पर दबाव बनाया।
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सीधे बर्खास्तगी का अधिकार नहीं
किसी भी प्राचार्य को कुलपति के बिना एप्रूवल के बर्खास्त नहीं किया जा सकता। प्रबंध समिति को ऐसे में बर्खास्तगी का अधिकार नहीं है। ऐसे में कनोहर लाल कॉलेज में जो निर्णय प्रबंध समिति द्वारा लिया गया, वो विधिक नहीं है। उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। - धीरेंद्र कुमार वर्मा, रजिस्ट्रार सीसीएसयू
प्रबंध समिति को बर्खास्तगी का अधिकार
उनका एक साल का प्रोबेशन पीरियड अभी पूरा नहीं हुआ है। प्रबंध समिति उनके कार्य से संतुष्ट नहीं है, इसलिए कारण नहीं बताया गया। कानून के मुताबिक हमें कुलपति से बर्खास्तगी के एप्रूवल की आवश्यकता नहीं है। - दिनेश सिंघल, अध्यक्ष कनोहर लाल गर्ल्स डिग्री कॉलेज प्रबंध समिति
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प्रोबेशन पीरियड नहीं बढ़ाया
एक साल का प्रोबेशन होता है, प्रबंध समिति अगर इस बीच कार्य से संतुष्ट नहीं होती है तो उसे खत्म कर सकते हैं। किन कारणों से प्रोबेशन नहीं बढ़ाया गया है, ये गोपनीय कारण हैं। - राकेश गुप्ता, सचिव, कनोहर लाल गर्ल्स डिग्री कॉलेज प्रबंध समिति
मेरठ कॉलेज की रहीं सफल चीफ प्रॉक्टर
डॉ. अलका चौधरी नेे कनोहर लाल कॉलेज में प्राचार्य बनने के बाद छात्राओं के लिए दर्जनों ओरिएंटेशन कार्यक्रमों की शुरुआत की। डॉ. अलका चौधरी यहां से पहले मेरठ कॉलेज में प्रोफेसर थीं। वे मेरठ कॉलेज में अकेली महिला चीफ प्रॉक्टर रहीं।
कृषक पीजी कॉलेज मामले में भी कार्रवाई करेगा विवि
कृषक पीजी कॉलेज की प्रबंध समिति द्वारा भी प्राचार्य और दो शिक्षिकाओं को निलंबित किया गया है। सीसीएसयू के रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि इसमें भी विवि कार्रवाई करेगा।