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कस्टडी से भागे कमल की दिल्ली में तलाश
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कस्टडी से भागे कमल की दिल्ली में तलाश
मेरठ/मुरादाबाद। मेडिकल कॉलेज स्थित आईसीसीयू से सजायाफ्ता कमल की फरारी के मामले में मुरादाबाद पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली, संभल समेत कई जगहों पर कमल की तलाश में पुलिस टीम ने दबिश दी, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। मेडिकल कॉलेज और आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी मेरठ पुलिस खंगालने में जुटी है।
संभल निवासी कमल पुत्र महराज को मुरादाबाद जेल से तीन सिपाही रतन सिंह, किशन कुमार और सुरेंद्र मथुरिया मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने लाए थे। उसका इलाज आईसीसीयू में चल रहा था। बुधवार दोपहर कमल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। तीनों सिपाही कमल की फरारी के दौरान कहां थे, इसका जवाब दूसरे दिन भी वह नहीं दे सके।
तीनों सिपाही सस्पेंड हो गए और मुरादाबाद डिप्टी जेलर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ। बृहस्पतिवार को मेरठ और मुरादाबाद पुलिस फरार मुल्जिम की तलाश में जुट गई। दिल्ली में कमल के होने की संभावना है। पुलिस की एक टीम दिल्ली और दूसरी टीम संभल में गई है। पुलिस ने फरार कमल के परिजन और रिश्तेदारों से भी संपर्क किया। पुलिस ने परिवार को चेतावनी दी कि अगर कमल उनसे संपर्क करे तो वह तुरंत पुलिस को बताएं। शरण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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कहीं जेल से तो नहीं बनी फरारी की प्लानिंग
कमल 15 दिन पहले भी इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज लाया गया था। वहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार आया तो वापस जिला जेल आ गया था, लेकिन दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे मंगलवार को मेडिकल ले जाया गया था। पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है कि कहीं जेल में ही रहकर तो उसने मेडिकल से फरार होने की योजना नहीं बना ली थी। पुलिस की उससे मिलीभगत तो नहीं हैं। एसएसपी मुरादाबाद उमेश सिंह ने बताया कि चंदौसी के मौलागढ़ में रहने वाले कमल (45) को गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई थी। 20 सितंबर 2019 को बनियाठेर पुलिस ने उसे जेल भेजा था।
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मेरठ/मुरादाबाद। मेडिकल कॉलेज स्थित आईसीसीयू से सजायाफ्ता कमल की फरारी के मामले में मुरादाबाद पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। दिल्ली, संभल समेत कई जगहों पर कमल की तलाश में पुलिस टीम ने दबिश दी, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। मेडिकल कॉलेज और आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी मेरठ पुलिस खंगालने में जुटी है।
संभल निवासी कमल पुत्र महराज को मुरादाबाद जेल से तीन सिपाही रतन सिंह, किशन कुमार और सुरेंद्र मथुरिया मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने लाए थे। उसका इलाज आईसीसीयू में चल रहा था। बुधवार दोपहर कमल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। तीनों सिपाही कमल की फरारी के दौरान कहां थे, इसका जवाब दूसरे दिन भी वह नहीं दे सके।
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तीनों सिपाही सस्पेंड हो गए और मुरादाबाद डिप्टी जेलर की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ। बृहस्पतिवार को मेरठ और मुरादाबाद पुलिस फरार मुल्जिम की तलाश में जुट गई। दिल्ली में कमल के होने की संभावना है। पुलिस की एक टीम दिल्ली और दूसरी टीम संभल में गई है। पुलिस ने फरार कमल के परिजन और रिश्तेदारों से भी संपर्क किया। पुलिस ने परिवार को चेतावनी दी कि अगर कमल उनसे संपर्क करे तो वह तुरंत पुलिस को बताएं। शरण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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कहीं जेल से तो नहीं बनी फरारी की प्लानिंग
कमल 15 दिन पहले भी इलाज के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज लाया गया था। वहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार आया तो वापस जिला जेल आ गया था, लेकिन दोबारा तबीयत बिगड़ने पर उसे मंगलवार को मेडिकल ले जाया गया था। पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है कि कहीं जेल में ही रहकर तो उसने मेडिकल से फरार होने की योजना नहीं बना ली थी। पुलिस की उससे मिलीभगत तो नहीं हैं। एसएसपी मुरादाबाद उमेश सिंह ने बताया कि चंदौसी के मौलागढ़ में रहने वाले कमल (45) को गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई थी। 20 सितंबर 2019 को बनियाठेर पुलिस ने उसे जेल भेजा था।