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कैराना: पिछले चुनाव से उलट है समीकरण, भाजपा ने झोंकी पूरी ताकत
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, राकेश शर्मा, सहारनपुर
Updated Sun, 27 May 2018 05:06 PM IST
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भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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कैराना लोकसभा सीट की गंगोह और नकुड़ विधानसभा में अपनी पकड़ बरकरार रखने के लिए भाजपा को कड़ी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इस बार समीकरण लोकसभा और विधानसभा चुनाव के ठीक विपरीत है। कैराना उपचुनाव को लेकर भाजपा और गठबंधन प्रत्याशी के बीच दिलचस्प मुकाबला होगा। पूरे विपक्ष के एकजुट होने के कारण भाजपा का पूरा गणित मतों के ध्रुवीकरण पर टिका है। पार्टी अब लोकदल प्रत्याशी कंवर हसन के चुनाव मैदान से हटने को हवा देकर हिंदू मतों की गोलबंदी में जुटी है।
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गंगोह विधानसभा में काजी और चौधरी यशपाल सिंह परिवार का दबदबा रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के हुकुम सिंह यहां से जीत कर गए थे, जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदीप चौधरी ने पहली बार यहां जीत दर्ज की थी। इस सीट पर मुस्लिम और दलित मतदाता सबसे ज्यादा संख्या में हैं। उप चुनाव में मुस्लिमों का झुकाव तो पहले से ही गठबंधन प्रत्याशी की तरफ है।
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बसपा और भीम आर्मी भी साथ दिखाई दे रही है। विधानसभा चुनाव में दलितों का एक बड़ा हिस्सा भाजपा के पाले में गया था। यहां हिंदू गुर्जर और सैनी मतदाताओं पर भाजपा की पकड़ किसी से छिपी नहीं है। इनके अलावा कश्यप, ब्राह्मण, बनिया आदि मतों के बल पर भाजपा अपनी दावेदारी बढ़ाने में जुटी है। नकुड़ विधानसभा में मुस्लिम और दलित बाहुल्य माने जाने वाली नकुड़ विधानसभा में पिछली बार भाजपा के धर्म सिंह सैनी ने यहां से जीत दर्ज कराई थी, जो फिलहाल सरकार में राज्यमंत्री है। सैनी के अलावा प्रदेश के बड़े ताकतवर मंत्री करीब एक माह से यहां डेरा डाले हुए हैं। विधानसभा में एक लाख दस हजार मुस्लिम और 80 हजार की संख्या में दलित पूरी तरह निर्णायक स्थिति में हैं। मोदी लहर में पिछली बार भाजपा के पाले में दलित मतदाता भी गया था, मगर इस बार हालात विपरीत है। गुर्जर और दलित मतदाता की संख्या 32 और 30 हजार के करीब है। ब्राह्मण और कश्यप आदि बिरादरी के मतदाताओं को भाजपा लामबंद करने में जुटी है।
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