देश का बादशाह झूठ बोलता है, इसलिए हालात खराब: कारी शफीकुर्ररमान
मेरठ स्थित शाही ईदगाह में ईद की नमाज के मौके पर तकरीर करते हुए कारी शफीकुर्ररहमान ने विवादित बोल कहे। उन्होंने कहा कि जिस देश का बादशाह झूठ बोलता हो, उस देश की हालत कैसे होगी, यह सभी जानते हैं। आज हिंदुस्तान में मुसलमानों में नफरत पैदा की जा रही है। देश का 90 प्रतिशत हिंदू मुसलमानों के साथ है। केवल 10 प्रतिशत हिंदू ही मुल्क के माहौल को खराब कर रहा है। उन्होंने मुसलमानों को अपने अखलाक बुलंद करने की नसीहत दी।
दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह पर ईद की नमाज से पहले कारी शफीकुर्ररमान शाही ने खिताब फरमाया। उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री पर जमकर हमला बोला। कहा कि देश में जो कुछ लोगों द्वारा नफरत का जहर घोला जा रहा है, उसको खत्म करने के लिए सभी मुसलमान भाईयों को अपने हिंदू भाईयों से रिश्ते अच्छे करने होंगे। पूरे मुल्क में मुसलमानों के खिलाफ नफरत पैदा की जा रही है। इसको आपसी भाईचारे से प्यार में बदलने की जरूरत है। देश का बादशाह झूठ बोल रहा है। झूठ के कारण देश का कारोबार ठप हो गया है। उन्होंने मुसलमानों को नसीहत देते हुए कहा कि वह अपने खाना खाने का तरीका न बदलें। क्योंकि मुसलमान इस समय खड़े होकर खाना खाने पर उतर आया है। जबकि खड़े होकर जानवर और काफिर खाना खाते हैं।
कारी ने कहा कि कुरान और हदीस की रोशनी में जिंदगी गुजारें। लेकिन कुछ मुसलमान बुराईयों की तरफ बढ़ रहे हैं। कर्ज चुकता न करना, किसी का हक मारना और जुल्म करने की इस्लाम इजाजत नहीं देता। बुराईयों से बचने के लिये हर मुसलमान को पूरी तरह सुन्नत पर अमल करना चाहिए। उसका पड़ोसी के साथ व्यवहार सही होना चाहिए, चाहे वो किसी भी धर्म जाति से हो। इससे पहले शहर काजी प्रोफेसर जैनुससाजिद्दीन ने कहा कि कहा कि जो देश के संविधान में संशोधन और कानून विरोध काम कर रहे हैं उन्हें मुल्क की सेक्युलर जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
पढ़ें : सैनिकों की हत्या से आहत इस शहर में नहीं मनाई ईद, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग
कोई सियासी बातें न हों
धार्मिक स्थलों से कोई सियासी बातें नहीं होनी चाहिए। जो लोग ऐसा करते हैं उनको समझदारी से काम लेना चाहिए। धार्मिक स्थल से केवल धर्म और आपसी भाईचारे की बात हो तो अच्छा लगता है। -फारूख अंसारी, बुनकर नेता
केवल धर्म की बात हो
धार्मिक स्थलों से केवल धर्म की बात होनी चाहिए। ईदगाह जैसे स्थान से तो भाईचारे के साथ-साथ धर्म का संदेश दिया जाना चाहिए। ईदगाह हो या अन्य धार्मिक स्थल किसी से भी किसी की आलोचना नहीं की जानी चाहिए। -रफीक अंसारी, शहर विधायक
बोलने से पहले स्थान देखें
ईदगाह ही नहीं बल्कि किसी भी धार्मिक स्थल से कोई भी राजनीतिक बयानबाजी नहीं होनी चाहिए। प्रजातंत्र में बोलने का तो सभी को अधिकार है। लेकिन कुछ भी बोलने से पहले सही स्थान का भी चयन किया जाना चाहिए। - इमरान सिद्दीकी, व्यापारी
बयानबाजी से बचें
किसी भी धार्मिक स्थल से केवल धर्म की बात ही अच्छी लगती हैं। इन स्थानों से राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। यह देश या धर्म हित में नहीं है। -हाजी आदिल अंसारी, व्यापारी नेता
कुछ लोग राजनीति करते हैं
धार्मिक स्थलों से राजनीतिक बयान दिया जाना उचित नहीं है। कुछ लोग राजनीति करते हैं। इन सियासी बातों के कारण काफी मुस्लिम दूरी बनाए हैं। -रियाजुद्दीन, व्यापारी नेता
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/