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जूनियर डॉक्टरों ने पीएसी मांगी, एसएसपी ने लताड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2016 02:02 AM IST
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एसएसपी को प्रार्थना पत्र देने पहुंचे जूनियर डाॅक्टर
- फोटो : अमर उजाला
मेडिकल कॉलेज कैंपस में मंगलवार रात हुए बवाल के बाद बुधवार दोपहर जूनियर डॉक्टर एसएसपी ऑफिस पहुंचे। जूनियर डॉक्टरों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर मेडिकल कॉलेज में पीएसी लगाने की मांग की। यह भी कहा दिया कि जब तक पीएसी नहीं मिलेगी, हम इलाज नहीं करेंगे। जिस पर एसएसपी ने उनको लताड़ लगा दी। कहा कि प्राचार्य की बिना अनुमति के पीएसी बल नहीं दिया सकता। एसएसपी केे जवाब पर जूनियर डॉक्टर निराश होकर लौट गए।
मेडिकल कैंपस में स्टेडियम में घूमने को लेकर मंगलवार रात जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच हुए बवाल के बाद अराजकता का माहौल बन गया था। जिस पर पुलिस प्रशासन के अफसरों में नाराजगी है। बुधवार को भी दोनों पक्ष दिन भर हंगामा करते रहे। दोपहर को ईएमओ सचिन कुमार के नेतृत्व में जूनियर डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी ऑफिस पहुंचा।
जूनियर डॉक्टरों ने कर्मचारियों से खतरा जताकर मेडिकल कैंपस में पीएसी लगवाने की मांग रख दी। ईएमओ सचिन ने कहा कि मेडिकल में तनाव की स्थिति है। मरीजों का इलाज करने से पहले जूनियर डॉक्टर सुरक्षा मांग रहे है। ईएमओ और जूनियर डॉक्टरों की बात सुनने के बाद एसएसपी डीसी दूबे ने उनको जमकर लताड़ लगाई। एसएसपी ने कहा कि मेडिकल में पीएसी लगानी है या नहीं, यह तो वहां के प्राचार्य ही तय करेंगे। प्राचार्य को भेजो, तब पीएसी लगा दूंगा।
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दोनों पक्षों पर मुकदमे होंगे
एसएसपी ने बताया कि मेडिकल कैंपस में जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों ने मंगलवार रात भर बवाल काटा है। दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर ईंट पत्थर फेंक रहे थे। कई वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है। इस मामले में दोनों पक्षों पर कार्रवाई होगी। यह बात एसएसपी ने ईएमओ सचिन से भी कही।
दूसरे दिन भी केस दर्ज नहीं
जूनियर डॉक्टरों ने घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ की शिकायत मंगलवार आधी रात को मेडिकल थाने में कर दी थी। एक तहरीर चौकीदार के बेटे विकास ने अभद्रता और मारपीट की दी, जबकि दूसरी तहरीर घरों में ईंट पत्थर और गाड़ियों में तोड़फोड़ की दी थी। दूसरे दिन भी पुलिस ने दोनों तहरीरों पर केस दर्ज नहीं किया। पुलिस ने मामले का तस्करा डालकर खानापूर्ति कर दी।
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मेडिकल कैंपस में स्टेडियम में घूमने को लेकर मंगलवार रात जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच हुए बवाल के बाद अराजकता का माहौल बन गया था। जिस पर पुलिस प्रशासन के अफसरों में नाराजगी है। बुधवार को भी दोनों पक्ष दिन भर हंगामा करते रहे। दोपहर को ईएमओ सचिन कुमार के नेतृत्व में जूनियर डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी ऑफिस पहुंचा।
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जूनियर डॉक्टरों ने कर्मचारियों से खतरा जताकर मेडिकल कैंपस में पीएसी लगवाने की मांग रख दी। ईएमओ सचिन ने कहा कि मेडिकल में तनाव की स्थिति है। मरीजों का इलाज करने से पहले जूनियर डॉक्टर सुरक्षा मांग रहे है। ईएमओ और जूनियर डॉक्टरों की बात सुनने के बाद एसएसपी डीसी दूबे ने उनको जमकर लताड़ लगाई। एसएसपी ने कहा कि मेडिकल में पीएसी लगानी है या नहीं, यह तो वहां के प्राचार्य ही तय करेंगे। प्राचार्य को भेजो, तब पीएसी लगा दूंगा।
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दोनों पक्षों पर मुकदमे होंगे
एसएसपी ने बताया कि मेडिकल कैंपस में जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों ने मंगलवार रात भर बवाल काटा है। दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर ईंट पत्थर फेंक रहे थे। कई वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई है। इस मामले में दोनों पक्षों पर कार्रवाई होगी। यह बात एसएसपी ने ईएमओ सचिन से भी कही।
दूसरे दिन भी केस दर्ज नहीं
जूनियर डॉक्टरों ने घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ की शिकायत मंगलवार आधी रात को मेडिकल थाने में कर दी थी। एक तहरीर चौकीदार के बेटे विकास ने अभद्रता और मारपीट की दी, जबकि दूसरी तहरीर घरों में ईंट पत्थर और गाड़ियों में तोड़फोड़ की दी थी। दूसरे दिन भी पुलिस ने दोनों तहरीरों पर केस दर्ज नहीं किया। पुलिस ने मामले का तस्करा डालकर खानापूर्ति कर दी।