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दृष्टि सबके पास, लेकिन शिक्षा से बदलता है दृष्टिकोण : आचार्य सौरभ सागर
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..ऋषभ अकादमी में बच्चों को अच्छी संगति, अनुशासन और ज्ञान का महत्व समझाया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
आचार्य सौरभ सागर ने बुधवार को वेस्ट एंड रोड स्थित ऋषभ अकादमी के प्रांगण में विद्यार्थियों को प्रवचन दिया। आचार्य ने दुर्गाबाड़ी स्थित जैन मंदिर से विहार कर स्कूल परिसर पहुंचे। प्रवचन से पूर्व स्कूल प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों ने मंशापूर्ण महावीर एवं गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के चित्रों का अनावरण कर दीप प्रज्वलित किया। स्कूल की शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने आचार्य श्री के स्वागत में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
स्कूल के प्रधानाचार्य ने आचार्य के विद्यालय आगमन पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उपस्थित जैन श्रद्धालुओं का स्वागत किया। आचार्य श्री ने कहा कि दृष्टि तो हम सभी के पास होती है। शिक्षा के माध्यम से हम अपना दृष्टिकोण बदलते हैं और यह चयन करते हैं कि भविष्य में हमें क्या बनना है। बच्चों को हमेशा अच्छी संगति में रहकर अच्छा बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हीरे से हीरे को तराशा जा सकता है, लेकिन कीचड़ से कभी कीचड़ साफ नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा कि धन, मकान, दुकान आदि माता-पिता से विरासत में मिल सकते हैं। लेकिन ज्ञान ऐसी चीज है जो विरासत में नहीं मिलती। उसे स्वयं अर्जित करना पड़ता है।
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इस अवसर पर सीए संजय जैन, राजेंद्र जैन, दिनेश चंद जैन, संजय जैन, अनिल जैन, राजेश जैन, अरुण जैन, योगेंद्र जैन, विनेश जैन आदि रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ।
आचार्य सौरभ सागर ने बुधवार को वेस्ट एंड रोड स्थित ऋषभ अकादमी के प्रांगण में विद्यार्थियों को प्रवचन दिया। आचार्य ने दुर्गाबाड़ी स्थित जैन मंदिर से विहार कर स्कूल परिसर पहुंचे। प्रवचन से पूर्व स्कूल प्रबंधक समिति के पदाधिकारियों ने मंशापूर्ण महावीर एवं गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के चित्रों का अनावरण कर दीप प्रज्वलित किया। स्कूल की शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने आचार्य श्री के स्वागत में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
स्कूल के प्रधानाचार्य ने आचार्य के विद्यालय आगमन पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उपस्थित जैन श्रद्धालुओं का स्वागत किया। आचार्य श्री ने कहा कि दृष्टि तो हम सभी के पास होती है। शिक्षा के माध्यम से हम अपना दृष्टिकोण बदलते हैं और यह चयन करते हैं कि भविष्य में हमें क्या बनना है। बच्चों को हमेशा अच्छी संगति में रहकर अच्छा बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हीरे से हीरे को तराशा जा सकता है, लेकिन कीचड़ से कभी कीचड़ साफ नहीं की जा सकती।
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उन्होंने कहा कि धन, मकान, दुकान आदि माता-पिता से विरासत में मिल सकते हैं। लेकिन ज्ञान ऐसी चीज है जो विरासत में नहीं मिलती। उसे स्वयं अर्जित करना पड़ता है।
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इस अवसर पर सीए संजय जैन, राजेंद्र जैन, दिनेश चंद जैन, संजय जैन, अनिल जैन, राजेश जैन, अरुण जैन, योगेंद्र जैन, विनेश जैन आदि रहे।