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गुड़ उद्योग बन सकता है किसानों की दोगुनी आय का बड़ा साधन

Wed, 30 Jul 2025 02:25 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jul 2025 02:25 AM IST
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Jaggery industry can become a big source of doubling the income of farmers
मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में गुड़ उद्योग की भूमिका को महत्वपूर्ण माना है। सरकार का मानना है कि गुड़ उत्पादन भले ही परंपरागत क्षेत्र है, लेकिन इसमें अपार संभावनाएं हैं। इसमें गुणवत्ता, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों का समावेश किया जाए तो यह किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
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उप गन्ना आयुक्त राजीव राय ने मंगलवार को गन्ना भवन सभागार में परंपरागत गुड़ निर्माता, नवाचार अपनाने वाले युवा उद्यमी एवं ग्रामीण महिला समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर के वैज्ञानिकों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भागीदारी से बड़ा परिवर्तन आएगा। बेहतर गुड़ उत्पादन के लिए उन्नत गन्ना किस्मों का चयन, स्वच्छ एवं संक्रमण रहित प्रसंस्करण तथा उचित तापमान पर सुखाने जैसी वैज्ञानिक विधियां अपनानी होंगी। जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि यदि किसान जैविक गुड़ के उत्पादन को बढ़ावा दें, तो उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन सकता है। इससे न केवल किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी, बल्कि निर्यात और रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
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उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर की वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि परंपरागत गुड़ उत्पादन के साथ-साथ अगर गुड़ आधारित उत्पाद जैसे चॉकलेट गुड़, फ्लेवर्ड गुड़, पाउडर गुड़, ब्लॉक गुड़, एनर्जी बार आदि विकसित किए जाएं, तो इससे उत्पादों की बाजार में मांग बढ़ेगी और किसानों की आय बढ़ेगी।
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सीएसआईआर देहरादून के प्रधान वैज्ञाानिक डॉ. पंकज कुमार आर्य ने प्रदूषण मानक के अनुरूप एनर्जी एफिशियेन्ट और कम धुएं वाले गुड़ प्लांट स्थापित करने के लिए वाष्पीकरण प्रणाली, धुंआ नियंत्रण, फर्नेस का डिजाइन आदि पर सुझाव दिए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी तन्मय अग्रहरि, जगवीर चौधरी ने गुड़ निर्माण में स्वच्छता एवं गुणवत्ता, गुड़ की पैकेजिंग, ब्रांडिंग, खाद्य सुरक्षा मानक एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया बताई। कार्यक्रम में प्रगतिशील गुड़ उत्पादक सुनील कुमार, नरेश कुमार, भूपेंद्र सिंह, शैलेष चौधरी, देवेन्द्र प्रधान ने भी अपने विचार रखे।
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