मेरठ। मोहर्रम के छठे दिन बुधवार को सभी इमामबाड़ों में इमाम हुसैन की याद में मजलिस, मातम और जुलूस का सिलसिला जारी रहा। लाला बाजार स्थित इमामबारगाह छोटी कर्बला में मौलाना सैयद अब्बास बाकरी ने कहा कि इस्लाम इल्म के साथ अमल की अहमियत पर जोर देता है। इसीलिए अल्लाह ने कुरान नाजिल किया और पैगंबर मोहम्मद साहब की शख्सियत को मुसलमानों के लिए अमली नमूना बनाया।
मौलाना ने कहा कि अफसोस की बात है कि यजीद की सेना में वे बदकिस्मत लोग भी शामिल थे, जिन्होंने नबी को अपनी आंखों से देखा था, फिर भी उन्होंनें अली अकबर जैसे जवान पर दया नहीं की। मजलिस का सबसे हृदय विदारक क्षण वह था, जब मौलाना ने हजरत अली अकबर की शहादत का बयान किया। मजलिस में सोजख्वानी अमल अब्बास ने की। मोहर्रम कमेटी की महिला विंग की प्रभारी डॉ. इफ्फत जकिया ने बताया कि मनसबिया की मजलिस के बाद पेड़ामल बाजार की इमामबारगाह तकी हुसैन से जुलूस ए जुलजनाह बरामद हुआ। यह खंदक बाजार से होता हुआ जाहिदियान की इमामबारगाहों में पहुंचा। वहां से सत्यम पैलेस रोड से होता हुआ खैरनगर स्टेट बैंक की इमामबारगाह पहुंचा। बाद में लाला बाजार स्थित इमामबारगाह छोटी कर्बला पहुंचा। इसके बाद जुलूस अख्तर मस्जिद से होता हुआ अहमद रोड और खैरनगर से गुजर कर इमामबारगाह तकी हुसैन आकर समाप्त हुआ। जुलूस के संयोजक अफसर काजमी थे।