सहारनपुर दंगा कहीं योगी सरकार की नाकामी की देन तो नहीं ?
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सहारनपुर में हुए बवाल के बाद अब योगी सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब सीएम योगी को पता था कि सहारनपुर पहले से ही जातीय हिंसा से उबला हुआ है तो फिर मायावती के दौरे के दौरान प्रशासन को सख्त क्यों नहीं रखा गया।
शायद हो सकता था कि अगर मायावती के दौरे के दौरान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहता तो ये दंगा न होता ? अब कहीं न कहीं तो योगी सरकार की नाकामी भी सामने आ रही हैं। इसके अलावा कल मायावती ने भी आरोप लगाया था कि सरकार के इशारे पर प्रशासन पक्षपात कर रहा है। अब प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है।
गौरतलब है कि मंगलवार को सहारनपुर से बसपा सुप्रीमो के निकलते ही फिर से बवाल हो गया। सूचना मिली कि मायावती के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों पर चांदपुर में हमला हो गया। एक व्यक्ति को गोली मार दी गई जबकि दो को धारदार हथियार से काट दिया गया।
इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन की। इसके बाद डीआईजी, आईजी, डीएम व एसएसपी भी मौके पर तौनात है। पुलिस मामले को शांत कराने में लगी हुई है।
वहीं मायावती ने दलितों को सलाह दी कि कि कोई भी कार्यक्रम किसी संगठन की बजाय बसपा के बैनर तले करें। किसी की हिम्मत नहीं होगी रोकने की। इसके अलावा मायावती ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए मुआवजे का ऐलान किया।
मायावती ने कहा कि पार्टी फंड के पैसे से जिनके घर जले उनको 50 हजार रुपए और जिनका कम नुकसान हुआ है उनको 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। यह ऐलान बसपा सुप्रीमो ने शब्बीरपुर में मंच से किया। इस दौरान मायावती ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनका हाल जाना।