{"_id":"69f50b57c8445913d90c1edf","slug":"irregularities-on-the-roads-of-the-cm-grid-scheme-have-caused-problems-for-the-people-meerut-news-c-14-1-mrt1004-1176339-2026-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: सीएम ग्रिड योजना की सड़कों पर अनियमितता से लोग बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: सीएम ग्रिड योजना की सड़कों पर अनियमितता से लोग बेहाल
Sat, 02 May 2026 01:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 02 May 2026 01:51 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत लगातार आ रही है। शहर में प्रमुख आठ सड़कों पर एक साथ निर्माण कार्य होने से जगह-जगह गड्ढे और गंदगी हो रही है। यातायात भी प्रभावित हो रहा है। एक ही ठेकेदार को शहर में 12 सड़कों का ठेका देने पर भी निगम की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न उठने लगे हैं। पांच दिन पूर्व कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने बैठक कर निगम अफसरों से नाराजगी जताई थी।
गढ़ रोड, वेस्टर्न कचहरी रोड, कमिश्नर आवास चौराहे से सर्किट हाउस, शारदा रोड, ट्रांसपोर्ट नगर सहित शहर में आठ सड़क सीएम ग्रिड योजना में बनाई जा रही हैं। करीब 240 करोड़ की लागत से शहर में 12 सड़कें सीएम ग्रिड योजना से बनना तय हैं। इन सड़कों का निर्माण एक ही कंपनी को करना है। कंपनी के ठेकेदार ने एक सड़क का निर्माण पूरा किया नहीं और 8 सड़क पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। नतीजा, इन सड़क पर भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री के जमावड़े से यातायात बाधित है। धूल, मिट्टी और जाम की स्थिति रोजमर्रा की बात बन गई है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों लग रहे हैं। नगर निगम इस अव्यवस्था पर अंकुश लगाने में नाकाम रहा है। मुख्य अभियंता निर्माण पीके सिसोदिया ने बताया कि सीएम ग्रिड योजना में बनने वाली सड़क की गुणवत्ता पर फोकस है। लखनऊ से भी सड़क की जांच करने के लिए एक टीम आई थी।
नगर निगम की निगरानी पर सवाल
इस स्थिति के बावजूद नगर निगम द्वारा प्रभावी निगरानी का अभाव है। निर्माण कंपनी को एक साथ इतनी सड़कों पर काम शुरू करने की अनुमति कैसे मिली, यह सवाल है। वेस्टर्न कचहरी सड़क पर रहने वाले अधिवक्ता संदीप पहल, अरुण कुमार, नितिन कुमार सहित कई लोगों ने महापौर और नगर आयुक्त को इस अव्यवस्था के प्रति जिम्मेदार ठहराया और नाराजगी जताई है। लोगों ने एक ही ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य कराना और निगम द्वारा निगरानी न करने पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
जनता में आक्रोश और समाधान
शहरवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर आक्रोश है। लोग विकास के बजाय लगातार असुविधा का अनुभव कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग रोजाना वीडियो बनाकर निगम के खिलाफ लोग अपना गुस्सा व्यक्त करते हैं। पांच दिन पहले कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने भी कमिश्नरी सभागार में बैठक की थी। इसमें कमिश्नर ने निगम अफसरों को जमकर फटकार लगाई थी। सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क-नाला निर्माण में देरी होने और आम जनता को असुविधा होने पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई थी।
गढ़ रोड, वेस्टर्न कचहरी रोड, कमिश्नर आवास चौराहे से सर्किट हाउस, शारदा रोड, ट्रांसपोर्ट नगर सहित शहर में आठ सड़क सीएम ग्रिड योजना में बनाई जा रही हैं। करीब 240 करोड़ की लागत से शहर में 12 सड़कें सीएम ग्रिड योजना से बनना तय हैं। इन सड़कों का निर्माण एक ही कंपनी को करना है। कंपनी के ठेकेदार ने एक सड़क का निर्माण पूरा किया नहीं और 8 सड़क पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। नतीजा, इन सड़क पर भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री के जमावड़े से यातायात बाधित है। धूल, मिट्टी और जाम की स्थिति रोजमर्रा की बात बन गई है। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों लग रहे हैं। नगर निगम इस अव्यवस्था पर अंकुश लगाने में नाकाम रहा है। मुख्य अभियंता निर्माण पीके सिसोदिया ने बताया कि सीएम ग्रिड योजना में बनने वाली सड़क की गुणवत्ता पर फोकस है। लखनऊ से भी सड़क की जांच करने के लिए एक टीम आई थी।
विज्ञापन
नगर निगम की निगरानी पर सवाल
इस स्थिति के बावजूद नगर निगम द्वारा प्रभावी निगरानी का अभाव है। निर्माण कंपनी को एक साथ इतनी सड़कों पर काम शुरू करने की अनुमति कैसे मिली, यह सवाल है। वेस्टर्न कचहरी सड़क पर रहने वाले अधिवक्ता संदीप पहल, अरुण कुमार, नितिन कुमार सहित कई लोगों ने महापौर और नगर आयुक्त को इस अव्यवस्था के प्रति जिम्मेदार ठहराया और नाराजगी जताई है। लोगों ने एक ही ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य कराना और निगम द्वारा निगरानी न करने पर सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन
जनता में आक्रोश और समाधान
शहरवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर आक्रोश है। लोग विकास के बजाय लगातार असुविधा का अनुभव कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग रोजाना वीडियो बनाकर निगम के खिलाफ लोग अपना गुस्सा व्यक्त करते हैं। पांच दिन पहले कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने भी कमिश्नरी सभागार में बैठक की थी। इसमें कमिश्नर ने निगम अफसरों को जमकर फटकार लगाई थी। सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क-नाला निर्माण में देरी होने और आम जनता को असुविधा होने पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई थी।