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सीएम ग्रिड की सड़क में अनियमितता मिली, नगर आयुक्त से मांगा जवाब
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मेरठ। सीएम ग्रिड योजना द्वितीय चरण की तीन सड़क के टेंडर में अनियमितता का मामला अभी ठंडा हुआ नहीं कि शनिवार को प्रथम चरण की निर्माणाधीन सड़क पर भी कैंट विधायक ने सवाल उठा दिया है। विधायक अमित अग्रवाल ने गढ़ रोड (गांधी आश्रम से तेजगढ़ी चौराहे तक) पर सीएम ग्रिड की निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया, जहां रोड़ी की जगह मिट्टी मिली। आबू नाला की ऊंचाई सड़क से ज्यादा बताई गई। अनुबंध न दिखाने और सड़क निर्माण में अनियमितता मिलने पर विधायक ने नगर आयुक्त से चार दिन में जवाब मांगा है।
गढ़ रोड पर रंगोली होते हुए हापुड़ रोड, कमिश्नरी चौराहे से बच्चा पार्क व कमिश्नर आवास चौराहे से सर्किट हाउस तक सीएम ग्रिड योजना द्वितीय चरण में सड़क का टेंडर एक ठेकेदार की तीन अलग-अलग नाम की कंपनी को चुका है। इन तीनों सड़क में करीब 100 करोड़ खर्च होना है। टेंडर की प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाकर शुक्रवार दोपहर पार्षद अजय चंद्रा, अनिल वर्मा, पूनम गुप्ता, अनुराधा गुलाठी ने कैंट विधायक और फिर नगर आयुक्त से शिकायत की थी।
पार्षदों का आरोप कि निगम के भ्रष्ट अधिकारी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति का मजाक बना रहे हैं। टेक्निकल बिड नौ मई को समय 3:41 बजे अपडेट की और चार मिनट बाद फाइनेंशियल बिड खोल दी। जबकि 24 घंटे का समय जवाब देने के लिए दिया जाता है। शनिवार सुबह 11:00 बजे कैंट विधायक ने नगर निगम अधिकारियों के साथ सीएम ग्रिड योजना के प्रथम चरण की गढ़ रोड स्थित गांधी आश्रम से तेजगढ़ी चौराहे तक निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। इस निर्माणाधीन सड़क पर अनियमितता व धीमी गति से कार्य सहित कई खामियां बताकर विधायक ने ठेकेदार द्वारा कराए जा रहे कार्य पर सवाल उठा दिए हैं। टेंडर की प्रक्रिया में भी गंभीरता से जांच कराने की बात नगर आयुक्त से कही हैं।
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गांधी आश्रम से तेजगढ़ी चौराहे तक सीएम ग्रिड योजना की निर्माणाधीन सड़क में जहां पर रोड़ी डाली चाहिए थी, वहां मिट्टी मिली हैं। इसके अलावा भी कई अनियमितता हैं। नगर आयुक्त से चार दिन में जवाब मांगा है। अभी मैं लखनऊ के लिए रवाना हो गया हूं। वापस लौटने पर टेंडर की प्रक्रिया की भी जांच करूंगा।
अमित अग्रवाल, कैंट विधायक
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पारदर्शिता के साथ सीएम ग्रिड योजना की सड़क का काम कराना हैं। जनप्रतिनिधियों को भी निरीक्षण करना चाहिए। निगम की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करूंगा। टेंडर की प्रक्रिया नियमानुसार ही कराई जा रही है।
हरिकांत अहलूवालिया, महापौर
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गढ़ रोड पर रंगोली होते हुए हापुड़ रोड, कमिश्नरी चौराहे से बच्चा पार्क व कमिश्नर आवास चौराहे से सर्किट हाउस तक सीएम ग्रिड योजना द्वितीय चरण में सड़क का टेंडर एक ठेकेदार की तीन अलग-अलग नाम की कंपनी को चुका है। इन तीनों सड़क में करीब 100 करोड़ खर्च होना है। टेंडर की प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाकर शुक्रवार दोपहर पार्षद अजय चंद्रा, अनिल वर्मा, पूनम गुप्ता, अनुराधा गुलाठी ने कैंट विधायक और फिर नगर आयुक्त से शिकायत की थी।
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पार्षदों का आरोप कि निगम के भ्रष्ट अधिकारी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति का मजाक बना रहे हैं। टेक्निकल बिड नौ मई को समय 3:41 बजे अपडेट की और चार मिनट बाद फाइनेंशियल बिड खोल दी। जबकि 24 घंटे का समय जवाब देने के लिए दिया जाता है। शनिवार सुबह 11:00 बजे कैंट विधायक ने नगर निगम अधिकारियों के साथ सीएम ग्रिड योजना के प्रथम चरण की गढ़ रोड स्थित गांधी आश्रम से तेजगढ़ी चौराहे तक निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। इस निर्माणाधीन सड़क पर अनियमितता व धीमी गति से कार्य सहित कई खामियां बताकर विधायक ने ठेकेदार द्वारा कराए जा रहे कार्य पर सवाल उठा दिए हैं। टेंडर की प्रक्रिया में भी गंभीरता से जांच कराने की बात नगर आयुक्त से कही हैं।
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गांधी आश्रम से तेजगढ़ी चौराहे तक सीएम ग्रिड योजना की निर्माणाधीन सड़क में जहां पर रोड़ी डाली चाहिए थी, वहां मिट्टी मिली हैं। इसके अलावा भी कई अनियमितता हैं। नगर आयुक्त से चार दिन में जवाब मांगा है। अभी मैं लखनऊ के लिए रवाना हो गया हूं। वापस लौटने पर टेंडर की प्रक्रिया की भी जांच करूंगा।
अमित अग्रवाल, कैंट विधायक
पारदर्शिता के साथ सीएम ग्रिड योजना की सड़क का काम कराना हैं। जनप्रतिनिधियों को भी निरीक्षण करना चाहिए। निगम की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करूंगा। टेंडर की प्रक्रिया नियमानुसार ही कराई जा रही है।
हरिकांत अहलूवालिया, महापौर