अमर उजाला की खबर का असर, मामले की लखनऊ तक गूंज, राज्यमंत्री ने बैठाई जांच और दी चेतावनी
इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीनों के निर्माण में हुए गड़बड़झाले की लखनऊ तक गूंज
परिवहन राज्यमंत्री अशोक कटारिया ने प्रकरण की जांच बैठाई
चेतावनी दी है कि मशीनों में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीनों के निर्माण में हुए गड़बड़झाले की लखनऊ तक गूंज
परिवहन राज्यमंत्री अशोक कटारिया ने प्रकरण की जांच बैठाई
चेतावनी दी है कि मशीनों में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
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उत्तर प्रदेश परिवहन मुख्यालय से धामपुर रोडवेज डिपो को भेजी गई इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीनों के निर्माण में हुए गड़बड़झाले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। मामला संज्ञान में आने के बाद परिवहन राज्यमंत्री अशोक कटारिया ने प्रकरण की जांच बैठा दी है और चेतावनी दी है कि मशीनों में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उधर, ईटीएम कंपनी के अधिकारियों ने इंजीनियरों की टीम को यहां भेज कर मशीनों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
वहीं धामपुर डिपो के एआरएम एलके त्रिवेदी ने उपलब्ध 76 ईटीएम में से 42 को खराब बताते हुए निगम मुख्यालय को वापस करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम के परिचालकों का कहना है कि वह इन मशीनों से परेशान हो गए थे। टिकट कहीं का काटना था तो कट कहीं का रहा था, जिस कारण उनका यात्रियों से झगड़ा आम था।
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एआरएम एलके त्रिवेदी ने बताया कि धामपुर डिपो से 57 बसों का संचालन होता है। डिपो पर कुल 92 पुरानी ईटीएम थी। इनमें से एक ईटीएम डैमेज है और चार खराब है। वर्तमान में पुरानी मशीनों में से केवल 51 मशीनें काम कर रही हैं। बाकी खराब हैं, जिन्हें मरम्मत के लिए भेजा गया है। निगम की ओर से हाल में डिपो को 76 और ईटीएम भेजी गईं लेकिन इनमें अधिकांश मशीनें खराब होने के कारण 42 मशीनों को निगम मुख्यालय को वापस भेजा जा रहा है। बाकी मशीनों की इंजीनियरों की ओर से चेकिंग की जा रही है। खराब निकलेंगी तो उन्हें भी मुख्यालय को वापस किया जाएगा।
बताया गया कि जो मशीनें प्राप्त हुई हैं, उनके भीतर पुराने पुर्जे लगे हैं पर मशीनों के कवर नए हैं। इन मशीनों में दोष है कि या तो चलती ही नहीं है। यदि चल जाती है तो बस का रूट ही बदल देती हैं। पुराने डाटा को खत्म नहीं कर रही। इरेज करने पर पुराना डाटा खत्म हो जाना चाहिए। टिकटों को सबमिट भी नहीं कर रही है, जिसे लेकर परिचालक परेशान हो रहे हैं। ऐसे में अधिकांश परिचालकों की ओर से मेनुअल टिकट काटे जा रहे हैं। अमर उजाला में तीन सिंतबर के अंक में संबंधित खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद से निगम के अधिकारियों में खलबली मच गई है। प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री अशोक कटारिया के मामले के संज्ञान में आने से जांच बैठा दी गई है। मंगलवार को संबंधित कंपनी के इंजीनियरों ने यहां पर मशीनों को चैक करने का काम शुरू कर दिया है।
ईटीएम नई नहीं पुरानी है: एरिया मैनेजर
संबंधित कंपनी के एरिया मैनेजर मिलिंद राणा ने बताया कि धामपुर डिपो को ठेकेदार की ओर से 76 मशीनें भेजी गई थीं। लेकिन ये मशीन नई नहीं हैं। न ही निगम के ऑर्डर पर इन मशीनों को खरीदा गया है। स्टोर में जो मशीनें खराब पड़ी होती थी, उन मशीनों के पुरजों को निकाल कर मरम्मत की जाती है। इन मशीनों की रिपेयरिंग की कोई धनराशि संबंधित कंपनी की ओर से निगम से नहीं जाती। मशीनों का कवर खराब हो गया था। इसलिए ईटीएम की मशीनों के पुर्जों को कंपनी के नए कवर में फिट कर यहां भेजा गया है। मैनेजर का कहना है कि डिपो की ओर से जिन 42 मशीनों को निगम मुख्यालय भेजने का प्रयास किया जा रहा था। वह उन मशीनों की यहीं पर चेकिंग होगी। यदि खराब होगी तो डैमेज कर दिया जाएगा।
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मुरादाबाद परिक्षेत्र के आरएम एसके शर्मा का कहना है कि निगम की ओर से मशीनों की डिमांड तो की जा रही थी। पर निगम की ओर से नई मशीनों को खरीदने का ऑर्डर किसी कंपनी को नहीं दिया गया। न ही कंपनी की ओर से नई मशीनें भेजी गई हैं। जो मशीनें खराब हो जाती हैं। कंपनी के अधिकारी उनकी ही रिपेयरिंग कर डिपो को भेज देते हैं। कंपनी की ओर से इन मशीनों की रिपेयरिंग के बदले भुगतान का बिल भी निगम को नहीं भेजा जाता।
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