{"_id":"6ac4f32f580e1854490f9e1d","slug":"investigation-launched-into-the-illegal-plaque-case-at-krishak-inter-college-meerut-news-c-40-1-smrt1041-113645-2026-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: कृषक इंटर कॉलेज में अवैध शिलालेख मामले की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: कृषक इंटर कॉलेज में अवैध शिलालेख मामले की जांच शुरू
विज्ञापन
- गठित संयुक्त जांच समिति ने शिकायतकर्ताओं से साक्ष्य तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। कृषक इंटर कॉलेज में जनप्रतिनिधियों द्वारा कराए गए विकास कार्यों के पुराने पत्थरों को तोड़कर फर्जी शिलालेख लगाने के गंभीर आरोपों के मामले में जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच समिति ने शिकायतकर्ताओं से आरोपों के समर्थन में जरूरी साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व प्रधानाचार्य रामपाल सिंह तोमर, पूर्व प्रवक्ता नरेशपाल एवं अन्य द्वारा जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रधानाचार्य ने विधायक व सांसद निधि से बनी इमारतों के मूल शिलापट्ट हटवाकर अपना नाम प्रचारित करने के उद्देश्य से नए और अवैध पत्थर लगवा दिए हैं।
जिलाधिकारी के आदेश पर डीआईओएस ने राजकीय हाईस्कूल राठौरा खुर्द के प्रधानाध्यापक मुनीश पाल और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हस्तिनापुर की प्रधानाचार्य नीतू सिंह को संयुक्त जांच अधिकारी नामित किया है। प्रवक्ता नरेशपाल ने बताया कि संयुक्त जांच अधिकारियों ने पत्र जारी कर शिकायतकर्ताओं को सूचित किया कि प्राप्त प्रार्थना पत्र के साथ कोई ठोस साक्ष्य संलग्न नहीं मिला है, जिसके अभाव में जांच आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा है। समिति ने शिकायतकर्ताओं से जल्द-से-जल्द साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है ताकि मामले में निष्पक्ष और अग्रिम विधिक कार्रवाई पूरी की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। कृषक इंटर कॉलेज में जनप्रतिनिधियों द्वारा कराए गए विकास कार्यों के पुराने पत्थरों को तोड़कर फर्जी शिलालेख लगाने के गंभीर आरोपों के मामले में जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच समिति ने शिकायतकर्ताओं से आरोपों के समर्थन में जरूरी साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व प्रधानाचार्य रामपाल सिंह तोमर, पूर्व प्रवक्ता नरेशपाल एवं अन्य द्वारा जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रधानाचार्य ने विधायक व सांसद निधि से बनी इमारतों के मूल शिलापट्ट हटवाकर अपना नाम प्रचारित करने के उद्देश्य से नए और अवैध पत्थर लगवा दिए हैं।
विज्ञापन
जिलाधिकारी के आदेश पर डीआईओएस ने राजकीय हाईस्कूल राठौरा खुर्द के प्रधानाध्यापक मुनीश पाल और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हस्तिनापुर की प्रधानाचार्य नीतू सिंह को संयुक्त जांच अधिकारी नामित किया है। प्रवक्ता नरेशपाल ने बताया कि संयुक्त जांच अधिकारियों ने पत्र जारी कर शिकायतकर्ताओं को सूचित किया कि प्राप्त प्रार्थना पत्र के साथ कोई ठोस साक्ष्य संलग्न नहीं मिला है, जिसके अभाव में जांच आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा है। समिति ने शिकायतकर्ताओं से जल्द-से-जल्द साक्ष्य उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है ताकि मामले में निष्पक्ष और अग्रिम विधिक कार्रवाई पूरी की जा सके।
विज्ञापन