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Meerut News: गोवंश को ठंड से बचाने के लिए बीडीओ और ईओ को दिए निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। शीत ऋतु के आगमन को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने जनपद के सभी गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
इसी आदेश का संज्ञान लेते हुए एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर ने कहा कि निराश्रित और बेसहारा गोवंश का संरक्षण तथा भरण-पोषण सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। वर्ष 2019 में लागू नीति के अंतर्गत प्रदेश में स्थायी और अस्थायी गो आश्रय स्थलों की स्थापना की गई है, जहां गोवंश के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं। गोवंश को ठंड से बचाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गो आश्रय स्थलों में गोवंश को पर्याप्त पौष्टिक आहार और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। ठंड से बचाव के लिए तिरपाल, पराली, बोरे और टाट का प्रयोग किया जाए। वृद्ध, अशक्त और नवजात गोवंशों के लिए विशेष देखभाल और गर्माहट की व्यवस्था की जाए। रात में कोई भी गोवंश खुले में न रहे तथा दिन में उन्हें पर्याप्त धूप में रखते हुए गो आश्रय स्थलों की साफ-सफाई और गोबर-गोमूत्र की निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। ठंड से बचाने के लिए अलाव की व्यवस्था की जाए। एसडीएम ने कहा कि सभी खंड विकास अधिकारी और नगर पालिका, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।
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सरधना। शीत ऋतु के आगमन को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने जनपद के सभी गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
इसी आदेश का संज्ञान लेते हुए एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर ने कहा कि निराश्रित और बेसहारा गोवंश का संरक्षण तथा भरण-पोषण सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। वर्ष 2019 में लागू नीति के अंतर्गत प्रदेश में स्थायी और अस्थायी गो आश्रय स्थलों की स्थापना की गई है, जहां गोवंश के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं। गोवंश को ठंड से बचाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गो आश्रय स्थलों में गोवंश को पर्याप्त पौष्टिक आहार और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। ठंड से बचाव के लिए तिरपाल, पराली, बोरे और टाट का प्रयोग किया जाए। वृद्ध, अशक्त और नवजात गोवंशों के लिए विशेष देखभाल और गर्माहट की व्यवस्था की जाए। रात में कोई भी गोवंश खुले में न रहे तथा दिन में उन्हें पर्याप्त धूप में रखते हुए गो आश्रय स्थलों की साफ-सफाई और गोबर-गोमूत्र की निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। ठंड से बचाने के लिए अलाव की व्यवस्था की जाए। एसडीएम ने कहा कि सभी खंड विकास अधिकारी और नगर पालिका, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।
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