दुस्साहसिक: चलती बस से दरोगा के बेटे को फेंका, पिछले पहिये से कुचलकर मौत
मेरठ के रोहटा रोड की बजाय बागपत रोड से बस ले जाने के विवाद में यूपी पुलिस में तैनात दरोगा के बेटे काे चलती बस से फेंक दिया गया, जिससे उसकी माैके पर ही माैत हो गई।
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मेरठ के रोहटा रोड की बजाय बागपत रोड से बस ले जाने के विवाद में यूपी पुलिस में तैनात दरोगा के बेटे प्रशांत यादव (22) को दो परिचालकों ने चलती बस से फेंक दिया। पिछले पहिया से कुचलकर प्रशांत की मौत हो गई।
मृतक के पिता जुगेंद्र सिंह यादव ने टीपीनगर थाने में बस चालक और दो परिचालकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बस को कब्जे में लेकर चालक जितेंद्र निवासी कलीना खास सरूरपुर और परिचालक अखिलेश निवासी किशनु मैनपुरी व परिचालक नाहर निवासी कुदंपुर छिबरामऊ को गिरफ्तार कर लिया।
टीपीनगर थाना क्षेत्र के रोहटा रोड न्यू सरस्वती विहार निवासी जुगेंद्र सिंह सहारनपुर कोतवाली में दरोगा हैं। वह मूल रूप से बागपत के बलैनी के रहने वाले हैं। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनका बेटे प्रशांत यादव दिल्ली जल बोर्ड में कर्मचारी था। प्रशांत दूसरे-तीसरे दिन बस से मेरठ आ जाते थे। रविवार रात प्रशांत अपने दोस्त अनीस पेरावाल के साथ गाजियाबाद डिपो से रोडवेज बस में रोहटा रोड के लिए बैठे थे।
रात सवा 11 बजे मेरठ पहुंचने पर ड्राइवर ने रोहटा रोड की बजाय बस को बागपत रोड पर मोड़ दिया। प्रशांत और अनीस ने इसका विरोध किया तो बस में मौजूद दो परिचालकों ने उनसे मारपीट की। कान्हा प्लाजा के पास चलती बस से प्रशांत को धक्का दे दिया। अनीस ने बस रोकने के लिए कहा, लेकिन चालक ने बस नहीं रोकी। बस का पहिया प्रशांत को कुचलते हुए निकल गया।