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रेलवे रोड और बागपत रोड के बीच लिंक रोड का मामला
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ये कैसा निरीक्षण... न समिति के सदस्य साथ, न मीडिया को प्रवेश
मेरठ। रेलवे और बागपत रोड को जोड़ने वाले लिंक मार्ग के लिए मंगलवार को गुपचुप निरीक्षण कर लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने समिति के सदस्यों को भी साथ नहीं लिया। सैन्य कॉलोनी के गेट पर पहरा बिठा दिया। मीडिया को भी प्रवेश नहीं दिया गया। इससे संघर्ष समिति के सदस्यों में आक्रोश व्याप्त है।
लिंक रोड को लेकर काफी समय से स्थानीय लोग और स्कूलों के बच्चे आंदोलन कर रहे हैं। मामला रक्षामंत्री तक पहुंचने पर डीएम ने सर्वे टीम का गठन किया। मंगलवार को सैन्य अधिकारियों के साथ एडीएम सिटी दिवाकर सिंह, एमडीए सचिव चंद्रपाल तिवारी, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अतुल कुमार, एमडीए के अवर अभियंता पवन कुमार शर्मा ने प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया।
टीम दोपहर 12.30 बजे रेलवे रोड स्थित शिव मंदिर के निकट सैन्य कॉलोनी पहुंची। करीब दो घंटे टीम सैन्य कॉलोनी में रही और संघर्ष समिति के सदस्य और मीडिया गेट पर ही इंतजार करती रही। ढाई बजे सभी बड़े अधिकारी संघर्ष समिति से बिना बात किए निकल गए। केवल पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता घनश्याम गुप्ता और एमडीए के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने समिति के सदस्यों से बात की। उनका कहना है कि निरीक्षण ठीक रहा। मार्ग के लिए सैन्य अधिकारियों की सहमति है। सब कुछ अच्छा ही होगा।
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पदाधिकारी बोले, निरीक्षण में शामिल होने चाहिए थे सदस्य
संघर्ष समिति के अध्यक्ष सरदार राजेंद्र सिंह, सदस्य विनोद सिरोही, मुकेश बंसल, अमित जिंदल ने बताया कि हमें भी निरीक्षण में शामिल किया जाना चाहिए था। अंदर क्या बात हुई, हमें नहीं पता। एडीएम सिटी ने गाड़ी तक नहीं रोकी।
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अपनी-अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को भेजेंगे
सैन्य अधिकारियों के साथ टीम ने निरीक्षण किया है। सैन्य कर्मचारियों की कॉलोनी विकसित हो चुकी है। उन्होंने कॉलोनी की सीवर लाइन और चहारदीवारी के संबंध में बताया है। सेना और हम अपनी-अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को भेजेंगे। - दिवाकर सिंह, एडीएम सिटी
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मेरठ। रेलवे और बागपत रोड को जोड़ने वाले लिंक मार्ग के लिए मंगलवार को गुपचुप निरीक्षण कर लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने समिति के सदस्यों को भी साथ नहीं लिया। सैन्य कॉलोनी के गेट पर पहरा बिठा दिया। मीडिया को भी प्रवेश नहीं दिया गया। इससे संघर्ष समिति के सदस्यों में आक्रोश व्याप्त है।
लिंक रोड को लेकर काफी समय से स्थानीय लोग और स्कूलों के बच्चे आंदोलन कर रहे हैं। मामला रक्षामंत्री तक पहुंचने पर डीएम ने सर्वे टीम का गठन किया। मंगलवार को सैन्य अधिकारियों के साथ एडीएम सिटी दिवाकर सिंह, एमडीए सचिव चंद्रपाल तिवारी, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अतुल कुमार, एमडीए के अवर अभियंता पवन कुमार शर्मा ने प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण किया।
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टीम दोपहर 12.30 बजे रेलवे रोड स्थित शिव मंदिर के निकट सैन्य कॉलोनी पहुंची। करीब दो घंटे टीम सैन्य कॉलोनी में रही और संघर्ष समिति के सदस्य और मीडिया गेट पर ही इंतजार करती रही। ढाई बजे सभी बड़े अधिकारी संघर्ष समिति से बिना बात किए निकल गए। केवल पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता घनश्याम गुप्ता और एमडीए के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने समिति के सदस्यों से बात की। उनका कहना है कि निरीक्षण ठीक रहा। मार्ग के लिए सैन्य अधिकारियों की सहमति है। सब कुछ अच्छा ही होगा।
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पदाधिकारी बोले, निरीक्षण में शामिल होने चाहिए थे सदस्य
संघर्ष समिति के अध्यक्ष सरदार राजेंद्र सिंह, सदस्य विनोद सिरोही, मुकेश बंसल, अमित जिंदल ने बताया कि हमें भी निरीक्षण में शामिल किया जाना चाहिए था। अंदर क्या बात हुई, हमें नहीं पता। एडीएम सिटी ने गाड़ी तक नहीं रोकी।
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अपनी-अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को भेजेंगे
सैन्य अधिकारियों के साथ टीम ने निरीक्षण किया है। सैन्य कर्मचारियों की कॉलोनी विकसित हो चुकी है। उन्होंने कॉलोनी की सीवर लाइन और चहारदीवारी के संबंध में बताया है। सेना और हम अपनी-अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को भेजेंगे। - दिवाकर सिंह, एडीएम सिटी