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इनर रिंग रोड के भू अधिग्रहण प्रस्ताव को हरी झंडी
amarujala
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:39 AM IST
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- फोटो : amarujala
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इनर रिंग रोड के निर्माण के लिए जमीन का भू अधिग्रहण होगा, जिसके लिए पहले चरण में ही 450 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च हाेंगे। इसका प्रस्ताव शासन को भेजने के लिए आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने हरी झंडी दे दी। उन्होंने कहा कि सोमवार को यह प्रस्ताव शासन को भेजने के साथ इसे जल्द से जल्द पास कराने का प्रयास किया जाएगा।
महानगर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इनर रिंग रोड की योजना लंबे समय से है। शनिवार को आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने इससे जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक में पूरी रिपोर्ट तथा ले आउट पर मंथन किया। शहर के चारों तरफ 34.280 किलोमीटर लंबी व 45 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित है। यह कार्य दो चरणों में पूर्ण होना, जिसकी कुल अनुमानित लागत करीब 1166 करोड़ रुपये है। आयुक्त ने कहा कि इनर रिंग रोड पर काम पूरा होना है। इस बाबत शासन स्तर से भी बात हो रही है। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि मेरठ शहर के बढ़ते ट्रैफिक सिस्टम को केवल यही नियंत्रित कर सकती है।
इन सड़कों को करेगी कनेक्ट
बैठक में मंथन हुआ कि इनर रिंग रोड गढ़ रोड, दिल्ली रोड, हापुड़ रोड, मेरठ-पौड़ी मार्ग तथा एनएच-58 को आपस में जोड़ेगी। इसके बनाने की मुख्य जिम्मेदारी अब लोक निर्माण विभाग पर है। आयुक्त ने पीडब्लूडी अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कर निर्माण कार्य को गति देने के लिए निर्देशित किया। एमडीए वीसी साहब सिंह ने बताया कि आवास विकास और एमडीए मिलकर इसका अपना हिस्सा लगभग पूरा कर चुके हैं।
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चार किमी का गेप पहले होगा पूरा
इस मार्ग पर हापुड़ रोड से शताब्दीनगर को जोड़ने के लिए लगभग चार किमी का गेप है। यहां जमीन का अधिग्रहण होना है। आयुक्त ने इसका इस्टीमेट बनाने को कहा है। कुल 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केवल जमीन अधिग्रहण के लिए ही 150 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। आयुक्त ने कहा कि पूरा प्रस्ताव तैयार कर सोमवार को शासन को भेजा जाएगा। शासन में बात होगी ताकि यह प्रस्ताव स्वीकृत हो सके।
दो चरणों में होगा काम
बैठक में अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रताप सिंह ने बताया कि इनर रिंग रोड की कुल लंबाई 34.280 किमी होगी। इसका कार्य दो चरणों में पूर्ण किया जाएगा। दोनों चरण की कुल लागत करीब 1166 करोड़ रुपये आएगी।
इस तरह होगा काम
प्रथम चरण में 24.95 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। द्वितीय चरण में 85 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा जिसकी कुल करीब 500 करोड़ रुपये आयेगी। कुल 109.95 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर कुल करीब 651 करोड़ रुपये का व्यय होगा। प्रथम चरण में जिसकी कुल लंबाई 15.050 किमी है। मेरठ-हापुड़ मार्ग (एसएच-235) से दिल्ली-देहरादून बाईपास (एनएच-58) तक कुल लंबाई 10.950 किमी है का निर्माण लोनिवि द्वारा किया जाएगा। मेरठ-गढ़ मार्ग (एनएच-14) से मेरठ-हापुड़ मार्ग (एनएच-235) तक कुल लंबाई 4.100 किमी है का निर्माण एमडीए व आवास विकास परिषद द्वारा किया जा रहा है। द्वितीय चरण में जिसकी कुल लंबाई 19.230 किमी है में मेरठ-गढ़ मार्ग (एसएच 14) से दिल्ली-हरिद्वार मार्ग (एनएच-58) तक होगा। यह कार्य लोनिवि द्वारा किया जाएगा। बैठक में आउटर रिंग रोड के बारे में भी जानकारी ली गई। बताया कि उसका तीन हजार करोड़ का प्रस्ताव शासन में भेजा जा चुका है।
यहां होगा जमीन अधिग्रहण
रूट में बदलाव के बाद अब इनर रिंग रोड गढ़ रोड पर काली नदी के पुल के पास से इनर रिंग रोड रोड जागृति विहार एक्सटेंशन और लोहियानगर पहुंचेगी। इसके बाद हापुड़ रोड पर जाहिदपुर गाव के सामने निकलेगी। यहां से जुर्रानपुर और नरहेड़ा के जंगल से होते हुए जुर्रानपुर रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचेगी और यहां से गूमी गाव के जंगल से होते हुए शताब्दीनगर की तरफ बढ़ जाएगी। हापुड़ रोड से शताब्दीनगर तक इस चरण जमीन का अधिग्रहण होगा। यहां दिल्ली रोड को क्रास कर गांव पूठा में आइओसीएल के तेल डिपो के बराबर वाली सड़क से होते हुए एनएच-58 को लिंक करेगी।
दो फ्लाईओवर बनेंगे
मुख्य अभियंता लोनिवि ने बताया कि इनर रिंग रोड के प्रथम चरण के निर्माण के अंतर्गत दो फ्लाईओवर बनेंगे। दिल्ली रोड पर परतापुर में व द्वितीय हापुड़ रोड पर बनाया जाएगा। दो रेलवे ओवरब्रिज बनेेंगे। एक दिल्ली मेरठ रेलवे लाइन पर तथा दूसरा मेरठ हापुड़ रेलवे लाइन पर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक आरओबी दो लेन व एक आरओबी चार लेन होगा तथा दोनो फलाईओवर चार-चार लेन के होंगे। जिसकी कुल लागत करीब 201.24 करोड़ रुपये आएगी। बैठक में मुख्य अभियंता एमडीए दुर्गेश श्रीवास्तव, एटीपी गोर्की आदि मौजूद रहे।
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महानगर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इनर रिंग रोड की योजना लंबे समय से है। शनिवार को आयुक्त अनीता सी. मेश्राम ने इससे जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक में पूरी रिपोर्ट तथा ले आउट पर मंथन किया। शहर के चारों तरफ 34.280 किलोमीटर लंबी व 45 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित है। यह कार्य दो चरणों में पूर्ण होना, जिसकी कुल अनुमानित लागत करीब 1166 करोड़ रुपये है। आयुक्त ने कहा कि इनर रिंग रोड पर काम पूरा होना है। इस बाबत शासन स्तर से भी बात हो रही है। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि मेरठ शहर के बढ़ते ट्रैफिक सिस्टम को केवल यही नियंत्रित कर सकती है।
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इन सड़कों को करेगी कनेक्ट
बैठक में मंथन हुआ कि इनर रिंग रोड गढ़ रोड, दिल्ली रोड, हापुड़ रोड, मेरठ-पौड़ी मार्ग तथा एनएच-58 को आपस में जोड़ेगी। इसके बनाने की मुख्य जिम्मेदारी अब लोक निर्माण विभाग पर है। आयुक्त ने पीडब्लूडी अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण कर निर्माण कार्य को गति देने के लिए निर्देशित किया। एमडीए वीसी साहब सिंह ने बताया कि आवास विकास और एमडीए मिलकर इसका अपना हिस्सा लगभग पूरा कर चुके हैं।
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चार किमी का गेप पहले होगा पूरा
इस मार्ग पर हापुड़ रोड से शताब्दीनगर को जोड़ने के लिए लगभग चार किमी का गेप है। यहां जमीन का अधिग्रहण होना है। आयुक्त ने इसका इस्टीमेट बनाने को कहा है। कुल 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केवल जमीन अधिग्रहण के लिए ही 150 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। आयुक्त ने कहा कि पूरा प्रस्ताव तैयार कर सोमवार को शासन को भेजा जाएगा। शासन में बात होगी ताकि यह प्रस्ताव स्वीकृत हो सके।
दो चरणों में होगा काम
बैठक में अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रताप सिंह ने बताया कि इनर रिंग रोड की कुल लंबाई 34.280 किमी होगी। इसका कार्य दो चरणों में पूर्ण किया जाएगा। दोनों चरण की कुल लागत करीब 1166 करोड़ रुपये आएगी।
इस तरह होगा काम
प्रथम चरण में 24.95 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। द्वितीय चरण में 85 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा जिसकी कुल करीब 500 करोड़ रुपये आयेगी। कुल 109.95 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर कुल करीब 651 करोड़ रुपये का व्यय होगा। प्रथम चरण में जिसकी कुल लंबाई 15.050 किमी है। मेरठ-हापुड़ मार्ग (एसएच-235) से दिल्ली-देहरादून बाईपास (एनएच-58) तक कुल लंबाई 10.950 किमी है का निर्माण लोनिवि द्वारा किया जाएगा। मेरठ-गढ़ मार्ग (एनएच-14) से मेरठ-हापुड़ मार्ग (एनएच-235) तक कुल लंबाई 4.100 किमी है का निर्माण एमडीए व आवास विकास परिषद द्वारा किया जा रहा है। द्वितीय चरण में जिसकी कुल लंबाई 19.230 किमी है में मेरठ-गढ़ मार्ग (एसएच 14) से दिल्ली-हरिद्वार मार्ग (एनएच-58) तक होगा। यह कार्य लोनिवि द्वारा किया जाएगा। बैठक में आउटर रिंग रोड के बारे में भी जानकारी ली गई। बताया कि उसका तीन हजार करोड़ का प्रस्ताव शासन में भेजा जा चुका है।
यहां होगा जमीन अधिग्रहण
रूट में बदलाव के बाद अब इनर रिंग रोड गढ़ रोड पर काली नदी के पुल के पास से इनर रिंग रोड रोड जागृति विहार एक्सटेंशन और लोहियानगर पहुंचेगी। इसके बाद हापुड़ रोड पर जाहिदपुर गाव के सामने निकलेगी। यहां से जुर्रानपुर और नरहेड़ा के जंगल से होते हुए जुर्रानपुर रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचेगी और यहां से गूमी गाव के जंगल से होते हुए शताब्दीनगर की तरफ बढ़ जाएगी। हापुड़ रोड से शताब्दीनगर तक इस चरण जमीन का अधिग्रहण होगा। यहां दिल्ली रोड को क्रास कर गांव पूठा में आइओसीएल के तेल डिपो के बराबर वाली सड़क से होते हुए एनएच-58 को लिंक करेगी।
दो फ्लाईओवर बनेंगे
मुख्य अभियंता लोनिवि ने बताया कि इनर रिंग रोड के प्रथम चरण के निर्माण के अंतर्गत दो फ्लाईओवर बनेंगे। दिल्ली रोड पर परतापुर में व द्वितीय हापुड़ रोड पर बनाया जाएगा। दो रेलवे ओवरब्रिज बनेेंगे। एक दिल्ली मेरठ रेलवे लाइन पर तथा दूसरा मेरठ हापुड़ रेलवे लाइन पर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक आरओबी दो लेन व एक आरओबी चार लेन होगा तथा दोनो फलाईओवर चार-चार लेन के होंगे। जिसकी कुल लागत करीब 201.24 करोड़ रुपये आएगी। बैठक में मुख्य अभियंता एमडीए दुर्गेश श्रीवास्तव, एटीपी गोर्की आदि मौजूद रहे।