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फंदे पर लटका मिला कैदी का शव
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बिजनौर में अस्थाई जेल में बाथरूम में कैदी का शव लटका मिलने पर विलाप करते परिजन
- फोटो : BIJNOR
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अस्थायी जेल में फंदे पर लटका मिला कैदी का शव
बिजनौर। अस्थायी जेल में एक कैदी नरपाल का शव बाथरूम में कपड़े से बनाए फंदे पर लटका मिला है। वह सोमवार को बरेली जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था, गिरफ्तार करने के बाद बुधवार शाम उसे अस्थायी जेल में दाखिल किया गया था। जेल अधिकारी इसे आत्महत्या का मामला बता रहे हैं। कैदी की पत्नी ने जेल प्रशासन व पुलिस पर कैदी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि नरपाल को बरेली जेल से फरार कराने में एक जेल के अधिकारी का हाथ रहा था। पोस्टमार्टम में नरपाल की मौत दम घुटने से होने की बात सामने आई है।
किरतपुर थाने के गांव रायपुर मौजमपुर निवासी नरपाल उर्फ सोनू (36) सोमवार सुबह बरेली सेट्रल जेल की 20 फिट ऊंची की दीवार को सरिए के सहारे फांदकर फरार हो गया था। जेल के अधिकारियों के अलावा पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी थी। बिजनौर में पुलिस की चार टीमें उसे ढूंढ रहीं थीं। पुलिस महानिरीक्षक बरेली ने नरपाल पर 50 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था। मंगलवार को किरतपुर पुलिस ने नरपाल को घर जाते समय दबोच लिया था। बुधवार की शाम करीब चार बजे नरपाल को पुलिस ने इंदिरा बाल भवन स्थित अस्थाई जेल में दाखिल किया था। उसे 15 बंदियों के साथ जेल की बैरक नंबर एक में रखा गया था। जेल में इस समय 56 बंदी हैं। एसपी डा. धर्मवीर सिंह के मुताबिक नरपाल ने जेल में फांसी लगाकर खुदकशी की हैं।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब पांच बजे एक बंदी बाथरूम गया तो उसने रोशनदान से नरपाल का शव लटका देख शोर मचाया। रोशनदान में नरपाल का लोअर बंधा था, उसका फंदा गले में था। बाथरूम का दरवाजा खुला था। कैदी का शव लटका देख जेल प्रशासन के हाथ -पांव फूल गए। जेल अधिकारियों के अलावा डीएम रमाकांत पांडेय व एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने जेल के बाथरूम का निरीक्षण किया। शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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दस साल पहले हुई थी आजीवन कारावास की सजा
नरपाल को छह दिसबंर 2010 को कोर्ट ने दुष्कर्म और हत्या के मामले में आजीवान कारावास की सजा सुनाई थी। 28 अप्रैल 2012 को उसे बिजनौर जेल से बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया था। नरपाल बरेली जेल मे नंबरदार था। जेल में उसकी 12 सालकी सजा पूरी हो गई थी। तीन साल बाद जेल से बाहर आने की उम्मीद थी।
पत्नी ने उठाये सवाल, जेल प्रशासन पर आरोप
नरपाल की पत्नी सुमन ने आरोप लगाया कि उसके पति की जेल प्रशासन व पुलिस ने मिलकर हत्या की है। गिरफ्तारी के दौरान उसे पति से नहीं मिलने दिया गया। जेल से भगाने में बरेली जेल के एक अधिकारी का हाथ रहा है। पहले नरपाल को जेल से भगाया, अब उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने पहले ही उसे झूठे मामले में जेल भेजा था, अब उसे घर तक नहीं जाने दिया। वह जेल से फरार होने के बाद परिवार के किसी सदस्य से नहीं मिला। नरपाल को जेल से भागना था तो तब भागता जब उसके पिता, मां व भाभी की मौत हुई थी, अब क्यों भागता। बुधवार को प्रधान के माध्यम से उसे किरतपुर थाने बुलाया गया पर महिला पुलिस कर्मियों ने पति से नहीं मिलने दिया। उसे धक्का देकर भगा दिया। नरपाल के एक 13 साल का बेटा व छोटी बेटी हैं।
परिजनों के मुंह मोड़ने से टूट गया था नरपाल
जेल अधिकारियों के मुताबिक कैदी नरपाल से परिजनों ने भी मुंह मोड़ लिया था। बरेली जेल में भी उससे कोी मिलने नहीं जा रहा था। इस बात से नरपाल बुरी तरह टूट गया था। बरेली जेल से फरार होने से एक दिन पहले नरपाल से जेल के पीसीओ से भाई से बात की थी। भाई ने कहा था कि जब छुट्टी मिलेगी तक वह मिलने आएगा। भाई से नरपाल ने वकील करने की भी बात की थी। पैसे भिजवाने का भी जिक्र किया था। नरपाल भाई से बात करने के बाद बुरी तरह टूट चुका था। तब उसने जेल से फरार होने की योजना बताई थी।
परिजनों से नहीं मिलने का मलाल था
बुधवार की शाम बिजनौर की अस्थाई जेल पहुंचने के बाद से नरपाल गुमसुम था। उसने किसी बंदी से कोई बात नही की। जेल में दाखिल होने के दौरान जेल के स्टाफ से उसने कहा था कि उसके दिमाग में क्या हो गया था जो वह जेल से भागा। घर वाला्ें से नहीं मिलने का उसे बेहद मलाल था। कहा कि जेल से भागने के बाद भी वह परिजनों से नही मिल पाया।
खुद पुलिस के जाल में फंसा नरपाल
मंगलवार को फरारी के बाद नरपाल घर जाना चाहता थ। वह किसी तरह किरतपुर तक पहुंच गया। रात में गांव जाने के लिए किरतपुर में मोतीचूर चौराहे पर खड़ा था। पुलिस की वहां से गुजर रही गाडी को नरपाल ने हाथ दिया व गांव जाने के लिए मदद मांगी। पुलिस वालों ने नरपाल के वायरल हुए फोटो से उसे पहचान लिया और गाड़ी में बैठाकर थाने ले आई। यह बात नरपाल ने जेल जाने के बाद बताई ।
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बिजनौर। अस्थायी जेल में एक कैदी नरपाल का शव बाथरूम में कपड़े से बनाए फंदे पर लटका मिला है। वह सोमवार को बरेली जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था, गिरफ्तार करने के बाद बुधवार शाम उसे अस्थायी जेल में दाखिल किया गया था। जेल अधिकारी इसे आत्महत्या का मामला बता रहे हैं। कैदी की पत्नी ने जेल प्रशासन व पुलिस पर कैदी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि नरपाल को बरेली जेल से फरार कराने में एक जेल के अधिकारी का हाथ रहा था। पोस्टमार्टम में नरपाल की मौत दम घुटने से होने की बात सामने आई है।
किरतपुर थाने के गांव रायपुर मौजमपुर निवासी नरपाल उर्फ सोनू (36) सोमवार सुबह बरेली सेट्रल जेल की 20 फिट ऊंची की दीवार को सरिए के सहारे फांदकर फरार हो गया था। जेल के अधिकारियों के अलावा पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी थी। बिजनौर में पुलिस की चार टीमें उसे ढूंढ रहीं थीं। पुलिस महानिरीक्षक बरेली ने नरपाल पर 50 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था। मंगलवार को किरतपुर पुलिस ने नरपाल को घर जाते समय दबोच लिया था। बुधवार की शाम करीब चार बजे नरपाल को पुलिस ने इंदिरा बाल भवन स्थित अस्थाई जेल में दाखिल किया था। उसे 15 बंदियों के साथ जेल की बैरक नंबर एक में रखा गया था। जेल में इस समय 56 बंदी हैं। एसपी डा. धर्मवीर सिंह के मुताबिक नरपाल ने जेल में फांसी लगाकर खुदकशी की हैं।
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बृहस्पतिवार की सुबह करीब पांच बजे एक बंदी बाथरूम गया तो उसने रोशनदान से नरपाल का शव लटका देख शोर मचाया। रोशनदान में नरपाल का लोअर बंधा था, उसका फंदा गले में था। बाथरूम का दरवाजा खुला था। कैदी का शव लटका देख जेल प्रशासन के हाथ -पांव फूल गए। जेल अधिकारियों के अलावा डीएम रमाकांत पांडेय व एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने जेल के बाथरूम का निरीक्षण किया। शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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दस साल पहले हुई थी आजीवन कारावास की सजा
नरपाल को छह दिसबंर 2010 को कोर्ट ने दुष्कर्म और हत्या के मामले में आजीवान कारावास की सजा सुनाई थी। 28 अप्रैल 2012 को उसे बिजनौर जेल से बरेली सेंट्रल जेल भेजा गया था। नरपाल बरेली जेल मे नंबरदार था। जेल में उसकी 12 सालकी सजा पूरी हो गई थी। तीन साल बाद जेल से बाहर आने की उम्मीद थी।
पत्नी ने उठाये सवाल, जेल प्रशासन पर आरोप
नरपाल की पत्नी सुमन ने आरोप लगाया कि उसके पति की जेल प्रशासन व पुलिस ने मिलकर हत्या की है। गिरफ्तारी के दौरान उसे पति से नहीं मिलने दिया गया। जेल से भगाने में बरेली जेल के एक अधिकारी का हाथ रहा है। पहले नरपाल को जेल से भगाया, अब उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने पहले ही उसे झूठे मामले में जेल भेजा था, अब उसे घर तक नहीं जाने दिया। वह जेल से फरार होने के बाद परिवार के किसी सदस्य से नहीं मिला। नरपाल को जेल से भागना था तो तब भागता जब उसके पिता, मां व भाभी की मौत हुई थी, अब क्यों भागता। बुधवार को प्रधान के माध्यम से उसे किरतपुर थाने बुलाया गया पर महिला पुलिस कर्मियों ने पति से नहीं मिलने दिया। उसे धक्का देकर भगा दिया। नरपाल के एक 13 साल का बेटा व छोटी बेटी हैं।
परिजनों के मुंह मोड़ने से टूट गया था नरपाल
जेल अधिकारियों के मुताबिक कैदी नरपाल से परिजनों ने भी मुंह मोड़ लिया था। बरेली जेल में भी उससे कोी मिलने नहीं जा रहा था। इस बात से नरपाल बुरी तरह टूट गया था। बरेली जेल से फरार होने से एक दिन पहले नरपाल से जेल के पीसीओ से भाई से बात की थी। भाई ने कहा था कि जब छुट्टी मिलेगी तक वह मिलने आएगा। भाई से नरपाल ने वकील करने की भी बात की थी। पैसे भिजवाने का भी जिक्र किया था। नरपाल भाई से बात करने के बाद बुरी तरह टूट चुका था। तब उसने जेल से फरार होने की योजना बताई थी।
परिजनों से नहीं मिलने का मलाल था
बुधवार की शाम बिजनौर की अस्थाई जेल पहुंचने के बाद से नरपाल गुमसुम था। उसने किसी बंदी से कोई बात नही की। जेल में दाखिल होने के दौरान जेल के स्टाफ से उसने कहा था कि उसके दिमाग में क्या हो गया था जो वह जेल से भागा। घर वाला्ें से नहीं मिलने का उसे बेहद मलाल था। कहा कि जेल से भागने के बाद भी वह परिजनों से नही मिल पाया।
खुद पुलिस के जाल में फंसा नरपाल
मंगलवार को फरारी के बाद नरपाल घर जाना चाहता थ। वह किसी तरह किरतपुर तक पहुंच गया। रात में गांव जाने के लिए किरतपुर में मोतीचूर चौराहे पर खड़ा था। पुलिस की वहां से गुजर रही गाडी को नरपाल ने हाथ दिया व गांव जाने के लिए मदद मांगी। पुलिस वालों ने नरपाल के वायरल हुए फोटो से उसे पहचान लिया और गाड़ी में बैठाकर थाने ले आई। यह बात नरपाल ने जेल जाने के बाद बताई ।

बिजनौर में अस्थाई जेल में बाथरूम में कैदी का शव लटका मिलने के बाद जांच कर बाहर आते सीओ।- फोटो : BIJNOR