दौराला। आईसीएआर, राष्ट्रीय समेकित नाशीजीव प्रबंधन अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के तत्वावधान में मंडौरा गांव में गन्ना आधारित आईपीएम मॉडल गांव विकास परियोजना के तहत किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने किसानों को गन्ने में लगने वाले कीट व उनसे बचाव की किसानों को जानकारी दी।
प्रधान वैज्ञानिक डॉ. श्रवण मनभर हलधर ने किसानों को गन्ने में लाल सडन और पोक्का बोइंग रोगों के प्रबंधन के लिए आईपीएम जैव एजेंट (ट्राइकोडर्मा प्रजाति और बैसिलस प्रजाति) का मिश्रण किसानों को वितरित किया। प्रो. राजेंद्र सिंह ने गन्ने के खेत में आईपीएम कंसोर्टियम का उपयोग किसानों के खेत में नियमित रूप से किस तरह किया जाए के बारे में विस्तार से किसानों को जानकारी दी। प्रगतिशील किसान वेदव्रत आर्य ने भी किसानों को विभिन्न जानकारी दी। गोष्ठी में गन्ना किसानों को परियोजना के अंतर्गत 80 लीटर आईपीएम कंसोर्टियम, 30 लीटर नीम का तेल, 150 ट्राइकोकार्ड वितरित किए।