दालों व हरी सब्जियों पर महंगाई की मार: एक सप्ताह में बढ़े दाम, टमाटर 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंचा
गर्मी बढ़ने के साथ साथ सब्जियों और दालों समेत खाद्यानों पर महंगाई बढ़ गई है। दालों पर 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं, जबकि सब्जियों के दामों में भी उछाल आया है।
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पिछले एक महीने में सभी खाद्यान्नों के भाव बढ़ गए हैं। दालें 30 से 40 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। एक सप्ताह में सब्जियों के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। हरा धनिया फुटकर में 180 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। टमाटर 60 रुपये किलो हैं। मसाले और ड्राईफ्रूट भी आम आदमी के बजट से बाहर हो रहे हैं।
आसमान से बरस रही आग से जहां आम आदमी झुलस रहा है, वहीं महंगाई भी बढ़ रही है। नवीन सब्जी मंडी में लौकी 40 से 50 रुपये किलो और शहर की विभिन्न गलियों में 70 रुपये प्रति किलो बेची जा रही है।
नवीन सब्जी मंडी संगठन के संरक्षक ओमपाल सैनी ने बताया कि गर्मी में सब्जियों का उत्पादन गिर रहा है। मंडी में आवक कम हो गई है।
| सब्जी | मंडी में भाव | फुटकर भाव |
| हरा धनिया 100-120 180 रु. | ||
| टमाटर 20-25 60रु. | ||
| लौकी 40-50 70 रु. | ||
| प्याज 25-30 45 रु. | ||
| तोरई 20-30 60 रु. | ||
| बैंगन 25- 30 60 रु. | ||
| आलू 20-30 35 रु. | ||
| शिमला मिर्च 45-50 100 रु. | ||
| हरी मिर्च 40-50 100 रु. | ||
| टिंडा 50-60 100 रु. | ||
दालों के भाव
| खाद्यान्न | 19 जून | 19 मई |
| अरहर की दाल | 180 | 140 |
| उड़द धुली | 150 | 120 |
| उड़द साबुत | 135 | 110 |
| चने की दाल | 100 | 80 |
| बेसन | 100 | 80 |
| राजमा | 150 | 130 |
मसाले व सूखे मेवे
| मसाले | 19 जून | 19 मई |
| गरम मसाला | 1,200 | 900 |
| हल्दी | 280 | 180 |
| लौंग | 1,400 | 900 |
| बड़ी इलाइची | 2,500 | 1,200 |
| छोटी इलायची | 5,000 | 3,500 |
| काजू | 850 | 650 |
| मखाना | 1,250 | 700 |
ये बोले उपभोक्ता
गर्मी में बीमारी से बचाव के लिए हरी सब्जी अधिक खाई जाती हैं। दाल, ड्राईफ्रूट, मसाले सभी महंगे हैं। -वर्षा त्यागी, शास्त्रीनगर
सब्जी हो या दाल व ड्राईफ्रूट, सभी महंगे हैं। इतनी महंगाई में रसोई का बजट बिगड़ना तय है। -प्रीति राणा, डिफेंस एंक्लेव
हम जैसे तैसे रसोई का बजट बनाती हैं, आए दिन बिगड़ जाता है। सभी खाद्यान्न के रेट बढ़ने से बड़ी समस्या है। -योगिता
सरकार को खाद्य सामग्री पर एक मुनाफा निर्धारित करना चाहिए। मुनाफाखोरी में जनता लुट रही है। -प्रतिभा