खास खबर: संकट में इंडस्ट्री, पीएनजी आगरा में 25 रुपये, मेरठ में 59 पार
फैक्टरियों को 31 सितंबर तक पीएनजी में बदलने के आदेश से 14 हजार से ज्यादा उद्यमी मुश्किल में हैं। एक पेपर यूनिट को पीएनजी से चलाने पर 60 करोड़ खर्च होंगे, पेपर मिल के लिए 60 करोड़ खर्च कर नए सिस्टम अपनाना संभव नहीं है। नई मशीनें लगाने में 3 वर्ष का समय लगेगा। वहीं मेरठ के उद्यमी आगरा और फिरोजाबाद की तर्ज पर पीएनजी के दामों में छूट चाहते हैं
विस्तार
सभी फैक्टरियों को 31 सितंबर तक पीएनजी में बदलने के आदेश से 14 हजार से ज्यादा उद्यमी मुश्किल में हैं। उद्यमियों का कहना है कि आगरा में पीएनजी जहां 25 रुपये प्रति किलो है वहीं मेरठ में 59.70 रुपये है। वही इसके लिए बॉयलर बदलने होंगे, जिसमें 50 लाख से 60 करोड़ तक प्रारंभिक खर्च आएगा।
जिले के ज्यादातर उद्योग में परंपारागत बॉयलर और टरबाइन का प्रयोग किया जा रहा है। पीएनजी (पीएनजी पाइप्ड नेचुरल गैस)से चलाने के लिए बॉयलर एवं अन्य तकनीकी बदलावों पर प्रति फैक्टरी 50 लाख से 60 करोड़ तक खर्च आएगा। टरबाइन यूरोप के देशाें से लानी होंगी।
अधिक खर्च पर 12 रुपये अतिरिक्त, कम पर छूट नहीं
लघु उद्योग भारती के राजकुमार शर्मा ने बताया कि इंडस्ट्री से प्रतिमाह की डिमांड के अनुसार डेढ़ गुना सिक्योरिटी ली जाती है। माह में अगर कम गैस उपयोग होती है तब भी फिक्स चार्ज 59.70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से लिया जाता है। अगर इंडस्ट्री डिमांड से अधिक खर्च करती है तो 12 रुपये अतिरिक्त चार्ज लिया जाता है।
आगरा को सब्सिडी तो मेरठ को क्यों नहीं
25.00 रुपये किलो पर है फिरोजाबाद में इंडस्ट्री को पीएनजी की आपूर्ति
25.00 रुपये किलो पर मिल रही आगरा में पीएजी
52.80 रुपये किलो है साहिबाबाद में रेट
59.70 रुपये किलो है मेरठ में रेट
मेरठ में पीएनजी पर सबसे ज्यादा वैट
पंजाब : 3 प्रतिशत
दिल्ली : 5 प्रतिशत
मेरठ : 10 प्रतिशत
उद्यमियाें और एसोसिएशन पदाधिकारियों का तर्क
खत्म हो जाएगी पेपर इंडस्ट्री
पेपर मिल के लिए 60 करोड़ खर्च कर नए सिस्टम अपनाना संभव नहीं है। नई मशीनें लगाने में 3 वर्ष का समय लगेगा। -विनोद कुमार अग्रवाल, एमडी, पसवाड़ा पेपर मिल
मेरठ में सब्सिडी क्यों नहीं
आगरा, फिरोजाबाद, साहिबाबाद आदि शहरों में पीएनजी पर सब्सिडी दी जा रही है। इस छूट के साथ हमें तीन साल का समय भी चाहिए। -सुमनेश अग्रवाल, चेयरमैन, आईआईए मेरठ चैप्टर
एक देश एक दाम हो
देशभर में एक दाम होना चाहिए। मेरठ में पीएनजी पर 10 प्रतिशत वैट है, सब्सिडी नहीं मिली। -अरविंद कुमार, अध्यक्ष, एनसीआर, पेपर मिल एसोसिएशन
बढ़ेगी लागत, घटेगा निर्यात
पीएनजी से उद्योगों की लागत बहुत बढ़ जाएगी। एक्सपोर्ट पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। - राजकुमार शर्मा, लघु उद्योग भारती।