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Meerut News: इंद्र की फुहार, शारदा की वंदना और आकाश में उत्सव की उड़ान
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शिवांगी संगीत महाविद्यालय में बसंत पंचमी पर मां सरस्वती का पूजन व बसंतोत्सव का आयोजन किया गया।
बारिश में भीगे अरमानों के बावजूद मेरठ ने वसंत को बाहों में भर लिया। पतंगों की उड़ान, श्रद्धा की आराधना और प्रेम की सौगात के साथ। मसलन, इस वसंत पंचमी पर मेरठ की फिजा इतनी सतरंगी हो गई कि मानो प्रकृति स्वयं पीले रेशमी आंचल में लिपटकर मुस्कुरा रही हो। मां सरस्वती की करुणा और देवादिदेव इंद्र की छेड़छाड़ ने मिलकर इस पर्व को एक विरल और यादगार रूप दे दिया। दिनभर रिमझिम बरसती बूंदों ने वसंत की कोमलता को और गाढ़ा कर दिया।
सुबह से ही आसमान की ओर टकटकी लगाए पतंगबाजों के दिलों में उमंग की पतंगें फड़फड़ा रही थीं। डीजे की धुनें गली-मोहल्लों में गूंजती रहीं, पर इंद्रदेव की फुहारों ने रंगीन डोरों को कुछ देर के लिए थाम लिया। बच्चों की आंखों में प्रतीक्षा थी। युवाओं के चेहरों पर अधीरता और बुज़ुर्गों की मुस्कान में धैर्य। दोपहर ढलते-ढलते जब बादलों ने विराम लिया, तब मानो आसमान ने भी राहत की सांस ली। फिर क्या था कि नीला विस्तार रंग-बिरंगी पतंगों से भर उठा। कहीं पेंच लगे, कहीं किलकारियां गूंजीं और कहीं कटती डोरों के साथ सपने भी उड़ान भरते दिखे। उधर, श्रद्धा के आंगन में मां शारदे की वंदना का मधुर स्वर गूंज रहा था। शहर के मंदिरों में सुबह से ही पूजा-पाठ और अनुष्ठानों की श्रृंखला चली। पीले पुष्प, धूप की सुगंध और मंत्रों की लय ने वातावरण को पवित्र कर दिया। वसंत पंचमी का यह दिन शुभता का संदेश लेकर आया। शहर के प्रमुख मंडपों में दो सौ से अधिक वैवाहिक संस्कार संपन्न हुए। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों पर बच्चे-युवा पंजाबी और बॉलीवुड गीतों पर झूमते रहे, जैसे जीवन स्वयं थिरक उठा हो। शहर के शैक्षणिक संस्थानों, मंदिरों, सामाजिक संगठनों और सांस्कृतिक मंचों पर विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना हुई। पीले वस्त्रों, पुष्पों और सुरों से सजा यह दिन ज्ञान, कला और नवचेतना का संदेश लेकर आया।
लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज में बसंत पंचमी का आयोजन हर्षोल्लास के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ हवन और विधिवत पूजा-अर्चना से किया गया। उप-प्राचार्य डॉ. ज्ञानेश्वर टॉक ने बसंत पंचमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। सरदार वल्लभभाई पटेल चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने इसे जीवन में नई शुरुआत के लिए शुभ बताया। एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति सिन्हा ने बसंत पंचमी के पर्यावरणीय महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि यह ऋतु परिवर्तन और प्रकृति के नवजीवन का संकेत देती है। कार्यक्रम में संकाय सदस्य, कर्मचारी और विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। उप-प्राचार्य ने एनाटॉमी विभाग तथा एमबीबीएस बैच 2023 की टीम को शुभकामनाएं दीं।
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सूरजकुंड रोड स्थित प्राचीन सिद्धपीठ सरस्वती मंदिर में शीश का दानी समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष शालिनी अग्रवाल, मंदिर अध्यक्ष विनीत गर्ग सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। पुजारी हरिहर झा और रत्ना झा ने विधिवत पूजा संपन्न कराई। सदर क्षेत्र में योगांजलि क्लब द्वारा भी बसंत पंचमी का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा कर उत्सव मनाया। वहीं शिवांगी संगीत महाविद्यालय में बसंतोत्सव ने सांस्कृतिक गरिमा को नई ऊंचाई दी। निदेशिका ऋचा शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। छात्रों ने सरस्वती वंदना, वेद मंत्रोच्चार, शास्त्रीय गायन और कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। राग पूरिया धनाश्री, शंकरा, भाटियार, चारुकेशी, यमन और भैरवी में प्रस्तुत रचनाओं ने वातावरण को सुरमय बना दिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती के साथ हुआ।
मेरठ कैंट स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भी बसंत पंचमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। ट्रस्ट अध्यक्ष गणेश दत्त शर्मा के नेतृत्व में मां सरस्वती का विशेष पूजन किया गया। इस अवसर पर संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों को पुस्तकें व लेखन सामग्री वितरित की गई, ताकि वे अध्ययन में और अधिक प्रेरित हो सकें। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित मदन मोहन विद्या मंदिर में विद्यार्थियों ने पूजा, हवन, कविता-पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्व को उल्लासपूर्ण बनाया। प्रधानाचार्या शर्मिष्ठा भाटी ने विद्यार्थियों को ज्ञान और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
गंगानगर में सांस्कृतिक कार्यक्रम और पूजा-अर्चना
गंगानगर स्थित सुर संगीत महाविद्यालय में बसंत पंचमी को प्रकृति नमन दिवस के रूप में मनाया गया। पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के संदेश को आत्मसात करते हुए पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया गया। शास्त्रीय संगीत, कथक नृत्य और प्रकृति आधारित कविताओं ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। आईआईएमटी इंजीनियरिंग कॉलेज और आईआईएमटी एकेडमी में भी मां सरस्वती का विधिवत पूजन हुआ। चेयरमैन योगेश मोहनजी गुप्ता सहित शिक्षकों और अधिकारियों ने ज्ञान और यश की कामना की। गार्गी गर्ल्स स्कूल गंगानगर मं वसंत पंचमी पर चेयरपर्सन अनीता गर्ग, मैनेजिंग ट्रस्टी विनीत गर्ग, प्रधानाचार्या डॉ. वाग्मिता त्यागी, एडमिनिस्ट्रेटिव हेड प्रतिभा शर्मा ने मां सरस्वती की पूजा की। छात्राओं ने समूह नृत्य किया और पतंग उड़ाईं।
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सुबह से ही आसमान की ओर टकटकी लगाए पतंगबाजों के दिलों में उमंग की पतंगें फड़फड़ा रही थीं। डीजे की धुनें गली-मोहल्लों में गूंजती रहीं, पर इंद्रदेव की फुहारों ने रंगीन डोरों को कुछ देर के लिए थाम लिया। बच्चों की आंखों में प्रतीक्षा थी। युवाओं के चेहरों पर अधीरता और बुज़ुर्गों की मुस्कान में धैर्य। दोपहर ढलते-ढलते जब बादलों ने विराम लिया, तब मानो आसमान ने भी राहत की सांस ली। फिर क्या था कि नीला विस्तार रंग-बिरंगी पतंगों से भर उठा। कहीं पेंच लगे, कहीं किलकारियां गूंजीं और कहीं कटती डोरों के साथ सपने भी उड़ान भरते दिखे। उधर, श्रद्धा के आंगन में मां शारदे की वंदना का मधुर स्वर गूंज रहा था। शहर के मंदिरों में सुबह से ही पूजा-पाठ और अनुष्ठानों की श्रृंखला चली। पीले पुष्प, धूप की सुगंध और मंत्रों की लय ने वातावरण को पवित्र कर दिया। वसंत पंचमी का यह दिन शुभता का संदेश लेकर आया। शहर के प्रमुख मंडपों में दो सौ से अधिक वैवाहिक संस्कार संपन्न हुए। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों पर बच्चे-युवा पंजाबी और बॉलीवुड गीतों पर झूमते रहे, जैसे जीवन स्वयं थिरक उठा हो। शहर के शैक्षणिक संस्थानों, मंदिरों, सामाजिक संगठनों और सांस्कृतिक मंचों पर विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना हुई। पीले वस्त्रों, पुष्पों और सुरों से सजा यह दिन ज्ञान, कला और नवचेतना का संदेश लेकर आया।
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लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज में बसंत पंचमी का आयोजन हर्षोल्लास के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ हवन और विधिवत पूजा-अर्चना से किया गया। उप-प्राचार्य डॉ. ज्ञानेश्वर टॉक ने बसंत पंचमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। सरदार वल्लभभाई पटेल चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान ने इसे जीवन में नई शुरुआत के लिए शुभ बताया। एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति सिन्हा ने बसंत पंचमी के पर्यावरणीय महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि यह ऋतु परिवर्तन और प्रकृति के नवजीवन का संकेत देती है। कार्यक्रम में संकाय सदस्य, कर्मचारी और विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। उप-प्राचार्य ने एनाटॉमी विभाग तथा एमबीबीएस बैच 2023 की टीम को शुभकामनाएं दीं।
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सूरजकुंड रोड स्थित प्राचीन सिद्धपीठ सरस्वती मंदिर में शीश का दानी समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर भोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष शालिनी अग्रवाल, मंदिर अध्यक्ष विनीत गर्ग सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। पुजारी हरिहर झा और रत्ना झा ने विधिवत पूजा संपन्न कराई। सदर क्षेत्र में योगांजलि क्लब द्वारा भी बसंत पंचमी का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा कर उत्सव मनाया। वहीं शिवांगी संगीत महाविद्यालय में बसंतोत्सव ने सांस्कृतिक गरिमा को नई ऊंचाई दी। निदेशिका ऋचा शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। छात्रों ने सरस्वती वंदना, वेद मंत्रोच्चार, शास्त्रीय गायन और कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। राग पूरिया धनाश्री, शंकरा, भाटियार, चारुकेशी, यमन और भैरवी में प्रस्तुत रचनाओं ने वातावरण को सुरमय बना दिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती के साथ हुआ।
मेरठ कैंट स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भी बसंत पंचमी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। ट्रस्ट अध्यक्ष गणेश दत्त शर्मा के नेतृत्व में मां सरस्वती का विशेष पूजन किया गया। इस अवसर पर संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों को पुस्तकें व लेखन सामग्री वितरित की गई, ताकि वे अध्ययन में और अधिक प्रेरित हो सकें। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित मदन मोहन विद्या मंदिर में विद्यार्थियों ने पूजा, हवन, कविता-पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्व को उल्लासपूर्ण बनाया। प्रधानाचार्या शर्मिष्ठा भाटी ने विद्यार्थियों को ज्ञान और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
गंगानगर में सांस्कृतिक कार्यक्रम और पूजा-अर्चना
गंगानगर स्थित सुर संगीत महाविद्यालय में बसंत पंचमी को प्रकृति नमन दिवस के रूप में मनाया गया। पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के संदेश को आत्मसात करते हुए पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया गया। शास्त्रीय संगीत, कथक नृत्य और प्रकृति आधारित कविताओं ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। आईआईएमटी इंजीनियरिंग कॉलेज और आईआईएमटी एकेडमी में भी मां सरस्वती का विधिवत पूजन हुआ। चेयरमैन योगेश मोहनजी गुप्ता सहित शिक्षकों और अधिकारियों ने ज्ञान और यश की कामना की। गार्गी गर्ल्स स्कूल गंगानगर मं वसंत पंचमी पर चेयरपर्सन अनीता गर्ग, मैनेजिंग ट्रस्टी विनीत गर्ग, प्रधानाचार्या डॉ. वाग्मिता त्यागी, एडमिनिस्ट्रेटिव हेड प्रतिभा शर्मा ने मां सरस्वती की पूजा की। छात्राओं ने समूह नृत्य किया और पतंग उड़ाईं।