RAPIDX: रैपिड रेल का पॉल्यूशन फ्री सफर देगा राहत, चंद मिनटों में गंतव्य तक पहुंचाएगी, सड़क हादसे भी घटेंगे
मेरठ में रैपिड रेल के सपनों को पंख लगने लगे हैं और आप अप्रैल में सिर्फ लोगों को जाम से राहत दिलाएगा बल्कि लोग प्रदूषण फ्री सफर भी कर पाएंगे। एनसीआरटीसी के मुताबिकी पूरे ट्रैक पर रैपिड रेल के संचालन के बाद इससे तकरीबन 8 लाख लोग प्रतिदिन सफर करेंगे।
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शुक्रवार से रैपिड कॉरिडोर के प्राथमिक खंड पर रैपिडेक्स का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। 2025 में पूरे कॉरिडोर पर रैपिडेक्स दौड़ती नजर आएगी। रैपिड रेल चलने के बाद एनसीआर में सड़कों पर वाहनों की संख्या करीब एक लाख कम हो जाएगी। एनसीआरटीसी का दावा है कि रैपिड रेल में मेरठ से दिल्ली के बीच प्रतिदिन करीब आठ लाख लोग सफर करेंगे। इसके बाद इस रूट पर सार्वजनिक वाहनों का उपयोग 37 से बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। इससे जहां वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी वहीं सड़क हादसे भी घटेंगे।
दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल 2024 में दौड़ने लगेगी। साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किमी दूरी में कल से ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा। रैपिड रेल का ट्रैक 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। यहां ट्रेनों की औसत गति 100 से 160 किमी प्रति घंटे होगी। रैपिड रेल के स्टेशनों, डिपो और पावर सब स्टेशन की छत पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए जाएंगे। रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, लैंडस्केपिंग आदि भी विकसित किए जाएंगे।
प्रतिदिन मेरठ से दिल्ली सफर करने वाले नौकरी पेशा और बिजनेेस वाले लोगों को रैपिड रेल का बेसब्री से इंतजार है। दिल्ली के कॉलेज में शिक्षक शास्त्रीनगर निवासी शिखी ने बताया प्रतिदिन दिल्ली के सफर में परतापुर पहुंचने तक हालत बेहद खराब हो जाती है। धूल और प्रदूषण से निजात के लिए रैपिड रेल शुरू होने का इंतजार है।
सीबीएसई में अधिकारी एसके शर्मा ने बताया दिल्ली सफर से पहले मेरठ शहर में धूल और प्रदूषण से दो चार होना पड़ता है। एनडीएमसी में शिक्षक व विकासपुरी कॉलोनी निवासी आसिफ ने बताया सुबह 4 बजे उठकर तैयार होना पड़ता है, क्योंकि बस से दिल्ली पहुंचने में समय लगता है। लेकिन रैपिड रेल के संचालन से एक घंटे से कम समय में दिल्ली का सफर होगा और प्रदूषण भी नहीं होगा।