पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार द्वारा मारपीट के मामले ने पकड़ा तूल, सवालों में पीके और पुलिस
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पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार द्वारा मेरठ में पिता-पुत्र को पीटने के आरोपों के मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़ित दीपक शर्मा, व्यापारियों और मेरठ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने टीपी नगर थाने में पुलिस को घेरकर बखेड़ा किया। आरोप लगाया कि पीके ने गुंडागर्दी की। लेकिन पुलिस मामले को डायवर्ट कर रही है।
घटना होने के बावजूद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई न करना और आरोपी पक्ष को पूरा मौका देने से साफ है कि पुलिस दबाव में है। व्यापारियों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। एसपी सिटी ने बताया कि पीके के मेडिकल परीक्षण में अल्कोहल की पुष्टि हुई है। वहीं, पीके ने दीपक शर्मा के खिलाफ तहरीर देकर आरोप लगाया कि मेरे साथ मारपीट की गई। धमकी देते हुए गले की चेन तोड़ने की कोशिश की।
टीपीनगर थानाक्षेत्र के मुल्तान नगर निवासी मूर्ति कारोबारी दीपक शर्मा ने शनिवार को पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर पीके के खिलाफ थाना टीपी नगर थाने में तहरीर दी थी। आरोप है कि पीके ने दोपहर के समय उनके साथ मारपीट की थी और उनके छह साल के बेटे कक्षा एक के छात्र यशवर्द्धन को धक्का दे दिया था। पिता-पुत्र दोनों को चोट लगी थी।
पीड़ित पक्ष ने थाने में हंगामा किया तो पुलिस ने दीपक और यशोवर्द्धन का मेडिकल परीक्षण कराया था। पुलिस ने दीपक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया था। वहीं, घटना के करीब सात घंटे बाद पीके के थाने में बयान दर्ज कराने के साथ ही पीके का भी मेडिकल परीक्षण कराया था।
पीड़ित दीपक शर्मा, मुल्तान नगर के व्यापारियों और मेरठ व्यापार मंडल के अध्यक्ष जीतू नागपाल, जिला प्रमुख शैंकी वर्मा, जीशान अहमद, इमरान, निखिल, नितिन, अभिषेक, अंकुर, निसार, फिरोज आदि ने थाने में हंगामा करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा दिए। दीपक शर्मा ने आरोप लगाया कि पीके ने शराब पीकर मारपीट की थी। लेकिन पुलिस ने प्रवीण कुमार का घटना के सात घंटे बाद मेडिकल परीक्षण कराया।
पुलिस ने रात को उन्हें बताया था कि प्रवीण कुमार की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में अल्कोहल की पुष्टि हुई। लेकिन उसके बावजूद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई। एसएसआई संजय कुमार ने कहा कि पीके की मेडिकल रिपोर्ट में अल्कोहल की पुष्टि हुई है। इस पर जीतू नागपाल ने कहा कि पुलिस आखिर किस दबाव में है जो 24 घंटे बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। जबकि शनिवार को पुलिस ने बताया था कि पीड़ित दीपक शर्मा का एक्स-रे होते ही प्रवीण कुमार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सवालों में पीके और पुलिस
इस पूरे प्रकरण को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। लोगों ने कहा कि पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर प्रवीण कुमार पर पिता-पुत्र की पिटाई करने के आरोप लगने के 30 घंटे बाद तहरीर देना पीके और पुलिस को संदेह के दायरे में खड़ा करता है।
बड़ा सवाल यही है कि यदि वास्तव में पीके के साथ मारपीट हुई तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई। इस तरह से तहरीर देना क्या सोची समझी रणनीति है। लोगों ने व्यापारी नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कहा कि एक क्षेत्रीय संगठन तो ऐसे समय पीड़ित व्यापारी के साथ खड़ा हुआ। लेकिन चुनाव में उलझे संयुक्त व्यापार संघ के जिम्मेदारों ने ऐसे समय अपने व्यापारी को न्याय दिलाने के लिए क्या किया।
लोगों ने कहा कि शनिवार दोपहर करीब एक बजे से चले इस पूरे प्रकरण में पीड़ित मूर्ति कारोबारी दीपक शर्मा की सूचना पर टीपी नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दीपक और उनके बेटे का मेडिकल परीक्षण कराया। लेकिन तहरीर लेकर रख ली। पीके थाने नहीं पहुंचे।
मामला तूल पकड़ने पर पुलिस की खोजबीन के बाद ही क्रिकेटर कई घंटे बाद पुलिस के सामने पहुंचा। लेकिन तहरीर नहीं दी। सवाल है कि यदि प्रवीण के साथ घटना हुई थी तो शनिवार रात ही तहरीर क्यों नहीं दी। पुलिस की भूमिका भी निष्पक्ष नहीं रही।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पुलिस को अल्टीमेटम दिया कि यदि 24 घंटे में आरोपी प्रवीण कुमार के खिलाफ पुलिस मुकदमा कायम नहीं करती है तो व्यापारी एसएसपी से शिकायत करेंगे। इस मामले में व्यापारी धरना प्रदर्शन से भी पीछे नहीं हटेंगे।
मुझे डरा धमका रही पुलिस
पूरे मामले में पीड़ित दीपक शर्मा का कहना है कि पुलिस उन्हें डरा रही है। धमकी दे रही कि तुमने भी चेन तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस समझौते के लिए दबाव डाल रही है। समझौता होने के इंतजार में ही पुलिस ने प्रवीण कुमार पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तहरीर देने के दूसरे दिन भी रिपोर्ट दर्ज नहीं करना अपने आप में सवाल है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
दोनों पक्ष इस मामले में समझौता करने के प्रयास में हैं। पुलिस पूरे मामले में जांच कर रही है। पुलिस ने दोनों ही पक्षों का मेडिकल कराया था। जांच के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी। -चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओे ब्रह्मपुरी
तहरीर के आधार पर हो रही जांच
प्रवीण कुमार का पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया था, उसमें डॉक्टरों ने अल्कोहल की पुष्टि की है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस तहरीर के आधार पर जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डॉ एएन सिंह, एसपी सिटी