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सीसीएसयू के कॉलेजों में 100 ने 486 और 1200 शिक्षकों ने भेजे सिर्फ 85 ई कंटेंट

Thu, 08 Oct 2020 12:12 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 08 Oct 2020 12:12 AM IST
सार

  • - सीसीएसयू के कॉलेजों में 1200 और कैंपस में हैं 100 शिक्षक
  • - प्रतिवर्ष 68 एडेड और राजकीय कॉलेजों के शिक्षकों की सैलरी पर खर्च होते हैं 350 करोड़ रुपये

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In CCSU colleges, hundred sent 486 and  twelve hundred teachers sent only 85 E-content
सीसीएसयू फाइल फोटो

विस्तार

सीसीएसयू में ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर बनाए गए ई पोर्टल का भी बुरा हाल है। ई पोर्टल पर सीसीएसयू कॉलेजों के 1200 शिक्षकों ने 85 जबकि कैंपस के 100 शिक्षकों ने 486 ई कंटेंट अपलोड कराए हैं। यह तब है जब मेरठ और सहारनपुर मंडल के 68 एडेड और राजकीय कॉलेजों में शिक्षक और कर्मचारियों के वेतन पर प्रतिवर्ष लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। 

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सीसीएसयू से अब तक 571 ई-कंटेंट अपलोड कराए गए हैं। ऐसे में ई-कंटेंट अपलोड कराने के मामले में सीसीएसयू प्रदेश में अभी पांचवें नंबर पर है। अफसोस जनक है कि कॉलेजों में 12 सौ शिक्षक अगर एक-एक भी कंटेंट भेजते तो इनकी संख्या 12 सौ हो जाती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ये 85 कंटेंट भी गिनती के कॉलेजों के शिक्षकों ने अपलोड कराए हैं।
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बता दें कि प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर एक ई-पोर्टल बनाया है। पोर्टल पर पूरे प्रदेश के विश्वविद्यालयों से ई-कंटेंट अपलोड कराए जा रहे हैं। इसका मकसद है कि प्रदेश में कहीं से भी छात्र-छात्राएं अच्छा ई-कंटेंट पढ़ सकें। छह माह से इस पर काम चल रहा है। विवि ने सभी कॉलेजों से चार अक्तूबर तक ई-कंटेंट भेजने को कहा था। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने इसको लेकर सभी प्राचार्यों के साथ ऑनलाइन बैठक की थी। 

कैंपस के शिक्षक कर रहे बेहतर 
डिग्री कॉलेज और कैंपस के शिक्षक कितना कार्य कर रहे हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कैंपस के करीब 100 शिक्षकों ने ही 486 ई-कंटेंट अपलोड कराए हैं। इनमें सेल्फ फाइनेंस विषयों के शिक्षक भी शामिल हैं। 

परीक्षा में लगी है ड्यूटी 
बहुत से शिक्षकों का कहना है कि उनकी ड्यूटी परीक्षा में लगी है, ऐसे में वह कैसे ई-कंटेंट तैयार करें लेकिन सवाल यह है कि परीक्षाएं तो एक सितंबर से शुरू हुई ऐसे में छह महीने पहले क्यों कंटेंट तैयार नहीं किए गए। 

कॉलजों की स्थिति ठीक नहीं 
किस कॉलेज से कितने शिक्षकों ने कितने-कितने ई-कंटेंट भेजे हैं, इसकी सभी प्राचार्यों से जानकारी मांगी जा रही है। कॉलेजों की यह स्थिति ठीक नहीं है। -डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी मेरठ

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