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Meerut News: एसएसपी ऑफिस पहुंचा इमरान, बोला मुझे इंसाफ दो
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आरोपी की जगह पड़ोसी को पकड़ने पर मां की हार्ट अटैक से हो गई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। भावनपुर में आरोपी की जगह पड़ोसी युवक काे हिरासत में लेने पर मां की मौत के मामले में पीड़ित इमरान एसएसपी ऑफिस पहुंचा। मवाना थाने में तैनात दारोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया कि दारोगा ने फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी है। उन्होंने अपनी मां की मौत का जिम्मेदार दारोगा, नईम और नजर को बताया। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भावनपुर थाना क्षेत्र के अगवानपुर गांव निवासी हमीद का परीक्षितगढ़ के हैदरपुर निवासी दो भाई नईम व नजर से काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। हमीद को थाने से जमानत मिलने के बाद मवाना थाने के दारोगा अंकित चौधरी ने उसे पकड़ने के लिए नईम व नजर के कहने पर दबिश दी थी। हमीद के घर गांव का ही इमरान और उसकी पत्नी रूबी आए हुए थे। पुलिस को देख हमीद भाग गया। पुलिस इमरान को पकड़कर तीन सौ मीटर दूरी पर ग्राम प्रधान रुस्तम के स्कूल पर ले गई। इमरान को पुलिस गिरफ्त में देखकर उसकी मां सबीला पीछे पहुंची। बेटे को पुलिस हिरासत में देखकर मां की हालत बिगड़ गई थी। जिससे सबीला की मौत हो गई थी। इमरान की तहरीर पर पुलिस ने नईम, नजर और दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया। अभी तक मुकदमे में दोनों पुलिसकर्मियों को नाम का विस्तार नहीं किया गया। आरोपी नईम और नजर की गिरफ्तारी भी नहीं की गई। इमरान ने शुक्रवार को एसएसपी के सामने पेश होकर दारोगा अंकित चौधरी पर आरोपी नईम और नजर की मदद करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोनों आरोपी की मदद दारोगा अंकित चौधरी कर रहे है। वहीं अभी तक दारोगा अंकित और भावनपुर थाने के सिपाही का नाम मुकदमे में नहीं दिखाया गया है। इस प्रकरण में एडीजी डीके ठाकुर ने भी जांच रिपोर्ट मांगी है। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि सीओ को मामले की जांच दी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। भावनपुर में आरोपी की जगह पड़ोसी युवक काे हिरासत में लेने पर मां की मौत के मामले में पीड़ित इमरान एसएसपी ऑफिस पहुंचा। मवाना थाने में तैनात दारोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया कि दारोगा ने फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी है। उन्होंने अपनी मां की मौत का जिम्मेदार दारोगा, नईम और नजर को बताया। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भावनपुर थाना क्षेत्र के अगवानपुर गांव निवासी हमीद का परीक्षितगढ़ के हैदरपुर निवासी दो भाई नईम व नजर से काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। हमीद को थाने से जमानत मिलने के बाद मवाना थाने के दारोगा अंकित चौधरी ने उसे पकड़ने के लिए नईम व नजर के कहने पर दबिश दी थी। हमीद के घर गांव का ही इमरान और उसकी पत्नी रूबी आए हुए थे। पुलिस को देख हमीद भाग गया। पुलिस इमरान को पकड़कर तीन सौ मीटर दूरी पर ग्राम प्रधान रुस्तम के स्कूल पर ले गई। इमरान को पुलिस गिरफ्त में देखकर उसकी मां सबीला पीछे पहुंची। बेटे को पुलिस हिरासत में देखकर मां की हालत बिगड़ गई थी। जिससे सबीला की मौत हो गई थी। इमरान की तहरीर पर पुलिस ने नईम, नजर और दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया। अभी तक मुकदमे में दोनों पुलिसकर्मियों को नाम का विस्तार नहीं किया गया। आरोपी नईम और नजर की गिरफ्तारी भी नहीं की गई। इमरान ने शुक्रवार को एसएसपी के सामने पेश होकर दारोगा अंकित चौधरी पर आरोपी नईम और नजर की मदद करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोनों आरोपी की मदद दारोगा अंकित चौधरी कर रहे है। वहीं अभी तक दारोगा अंकित और भावनपुर थाने के सिपाही का नाम मुकदमे में नहीं दिखाया गया है। इस प्रकरण में एडीजी डीके ठाकुर ने भी जांच रिपोर्ट मांगी है। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि सीओ को मामले की जांच दी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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