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नरहाड़ा में अवैध केमिकल फैक्टरी सील
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नरहाड़ा में अवैध केमिकल फैक्टरी सील
खरखौदा। करीब 15 दिन पहले नरहाड़ा गांव के समीप पेंट व केमिकल की अवैध फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। दमकल विभाग ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। अग्निशमन विभाग ने अवैध रूप से फैक्टरी के संचालन पर सीएफओ मेरठ की ओर से संचालक सहित दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार को फायर ब्रिगेड ने फैक्टरी को सील कर दिया।
गांव नरहाड़ा निवासी राकिब पुत्र सनवार की गांव के समीप स्थित कृषि भूमि पर बनी मैसर्स पारस केमिकल एवं पेंट की अवैध फैक्टरी का संचालन मेरठ के थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र के सुलेमान पुत्र बशीर कर रहा था।
20 अक्तूबर को संचालन के दौरान केमिकल रिएक्शन के दौरान फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। सीएफओ संतोष राय के नेतृत्व में विभाग की सात गाड़ियों ने चार घंटे में आग पर काबू पाया था। संचालक फैक्टरी के संचालन से इंकार कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, राकिब फैक्टरी की देखरेख करता था। वह आग लगने के बाद फैक्टरी के गेट पर ताला जड़कर फरार हो गया था। अग्निशमन टीम को आग पर काबू पाने को फैक्टरी के गेट का ताला तोड़ना पड़ा था। करीब 500 वर्ग मीटर में फैली इस फैक्टरी में थिनर व टालविन नामक केमिकल के भारी मात्रा में ड्रम मिले थे। मौके पर भारी मात्रा में ताजा मेडिकल अपशिष्ट भी मिला था। जिससे अग्निशमन विभाग की टीम ने फैक्टरी का संचालन सुचारु माना था।
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जांच के बाद सीएफओ मेरठ संतोष राय की ओर से भूमि स्वामी राकिब व फैक्टरी संचालक मो. सुलेमान के खिलाफ अवैध रूप से केमिकल फैक्टरी का संचालन कर प्रदूषण फैलाने, बिना अग्नि सुरक्षा के फैक्टरी का संचालन करने सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया था। शनिवार कोफायर ब्रिगेड ने खरखौदा पुलिस की मौजूदगी में फैक्टरी को सील कर दिया।
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खरखौदा। करीब 15 दिन पहले नरहाड़ा गांव के समीप पेंट व केमिकल की अवैध फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। दमकल विभाग ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। अग्निशमन विभाग ने अवैध रूप से फैक्टरी के संचालन पर सीएफओ मेरठ की ओर से संचालक सहित दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार को फायर ब्रिगेड ने फैक्टरी को सील कर दिया।
गांव नरहाड़ा निवासी राकिब पुत्र सनवार की गांव के समीप स्थित कृषि भूमि पर बनी मैसर्स पारस केमिकल एवं पेंट की अवैध फैक्टरी का संचालन मेरठ के थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र के सुलेमान पुत्र बशीर कर रहा था।
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20 अक्तूबर को संचालन के दौरान केमिकल रिएक्शन के दौरान फैक्टरी में भीषण आग लग गई थी। सीएफओ संतोष राय के नेतृत्व में विभाग की सात गाड़ियों ने चार घंटे में आग पर काबू पाया था। संचालक फैक्टरी के संचालन से इंकार कर रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, राकिब फैक्टरी की देखरेख करता था। वह आग लगने के बाद फैक्टरी के गेट पर ताला जड़कर फरार हो गया था। अग्निशमन टीम को आग पर काबू पाने को फैक्टरी के गेट का ताला तोड़ना पड़ा था। करीब 500 वर्ग मीटर में फैली इस फैक्टरी में थिनर व टालविन नामक केमिकल के भारी मात्रा में ड्रम मिले थे। मौके पर भारी मात्रा में ताजा मेडिकल अपशिष्ट भी मिला था। जिससे अग्निशमन विभाग की टीम ने फैक्टरी का संचालन सुचारु माना था।
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जांच के बाद सीएफओ मेरठ संतोष राय की ओर से भूमि स्वामी राकिब व फैक्टरी संचालक मो. सुलेमान के खिलाफ अवैध रूप से केमिकल फैक्टरी का संचालन कर प्रदूषण फैलाने, बिना अग्नि सुरक्षा के फैक्टरी का संचालन करने सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया था। शनिवार कोफायर ब्रिगेड ने खरखौदा पुलिस की मौजूदगी में फैक्टरी को सील कर दिया।