मेरठ। ये पत्ते, ये शाखाएं, ये पेड़ परेशान हो जाएंगे, अगर परिंदे भी हिंदू मुसलमान हो जाएंगे आदि शब्दों के साथ इकबाल साबरी कव्वाल एंड पार्टी ने महफिल ए कव्वाली की शुरुआत की। देश भक्ति, एकता और प्यार का प्रतीक नौचंदी में बाले मियां दरगाह में पहला कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में इकबाल साबरी ने सुर, साज और आवाज का ऐसा जादू बिखेरा कि हर कोई मंत्रमुग्ध होकर उनकी कव्वाली को देर रात सुनने को लालायित रहा।
मुफ्ती मोहम्मद अशरफ ने बताया कि बाले मियां की इस दरगाह को हिंदू मुस्लिम की एकता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए यहां सर्व समाज के लोग पूर्ण श्रद्धा के साथ आकर इबादत करते हैं। उर्स के उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान इकराम, मैराज अंसारी, सुफी जमाल, जाहिद खान, ताहिर, आदिल तस्लीम, शहजाद, सिराज, हाजी जाहिद, सरफराज सैफी आदि रहे।