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हाईटेंशन लाइन, जमीन की समस्या बनी एक्सप्रेस-वे में बाधा
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हाईटेंशन लाइन, जमीन की समस्या बनी एक्सप्रेस-वे में बाधा
मेरठ। केंद्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कई बार सांसद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से एक्सप्रेस-वे को समय से पूरा कराने का अनुरोध कर चुके हैं। एनएचएआई अधिकारियों का दावा है कि एक्सप्रेस-वे का कार्य समय से पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन बारिश, जमीन की समस्या को देखते हुए यह संभव होता नहीं दिख रहा है।
32 किलोमीटर के डासना से मेरठ छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर अभी जमीन अधिग्रहण भी रोड़ा बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक 10-15 किलोमीटर के हिस्से का अभी अधिग्रहण नहीं हुआ है। वहीं बारिश होने के चलते कार्य थम गया। यदि फिर से बारिश हो गई तो एक सप्ताह कार्य शुरू होने में लग सकता है। वहीं डासना से मेरठ के हिस्से में कई स्थानों पर अभी हाइटेंशन लाइन बाधा बनी हुई है। कुछ स्थानों पर इसे शिफ्ट करने का भी इंतजार है। इस कार्य में भी एक महीने का समय लग सकता है। जिससे अक्टूबर-2019 में इस चरण का कार्य पूरा होना कठिन लग रहा है।
लखनऊ में जमीन पर हुआ मंथन
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लखनऊ में एनएचएआई के अधिकारियों के साथ मंथन किया गया। डासना से मेरठ तक चार गांवों की जमीन का मामला अटका हुआ है। जिससे कार्य में देरी हो रही है। इसमें डासना, रसूलपुर, कुसालिया, नाहल गांवों की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। बैठक में शासन की तरफ से इस जल्द इस मामले को सुलझाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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मेरठ। केंद्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कई बार सांसद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से एक्सप्रेस-वे को समय से पूरा कराने का अनुरोध कर चुके हैं। एनएचएआई अधिकारियों का दावा है कि एक्सप्रेस-वे का कार्य समय से पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन बारिश, जमीन की समस्या को देखते हुए यह संभव होता नहीं दिख रहा है।
32 किलोमीटर के डासना से मेरठ छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर अभी जमीन अधिग्रहण भी रोड़ा बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक 10-15 किलोमीटर के हिस्से का अभी अधिग्रहण नहीं हुआ है। वहीं बारिश होने के चलते कार्य थम गया। यदि फिर से बारिश हो गई तो एक सप्ताह कार्य शुरू होने में लग सकता है। वहीं डासना से मेरठ के हिस्से में कई स्थानों पर अभी हाइटेंशन लाइन बाधा बनी हुई है। कुछ स्थानों पर इसे शिफ्ट करने का भी इंतजार है। इस कार्य में भी एक महीने का समय लग सकता है। जिससे अक्टूबर-2019 में इस चरण का कार्य पूरा होना कठिन लग रहा है।
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लखनऊ में जमीन पर हुआ मंथन
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लखनऊ में एनएचएआई के अधिकारियों के साथ मंथन किया गया। डासना से मेरठ तक चार गांवों की जमीन का मामला अटका हुआ है। जिससे कार्य में देरी हो रही है। इसमें डासना, रसूलपुर, कुसालिया, नाहल गांवों की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। बैठक में शासन की तरफ से इस जल्द इस मामले को सुलझाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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